जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल पर ED ने कसा शिकंजा, फेमा के तहत की पूछताछ

गोयल समूह ने 19 निजी कंपनियां पंजीकृत करायी हुई थीं. निदेशालय इन कंपनियों के खिलाफ बिक्री, वितरण और परिचालन खर्च की आड़ में संदिग्ध लेनदेन के कथित आरोपों की जांच कर रही है.

भाषा
Updated: September 6, 2019, 11:43 PM IST
जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल पर ED ने कसा शिकंजा, फेमा के तहत की पूछताछ
जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को पूछताछ की.
भाषा
Updated: September 6, 2019, 11:43 PM IST
मुंबई. जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को पूछताछ की. अधिकारियों ने बताया कि उनसे यह पूछताछ विदेशी मुद्रा विनिमय कानून के कथित उल्लंघन मामले में की गयी है. एजेंसी ने पिछले महीने ही गोयल के परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था उसके बाद यह पहली दफा है जब केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की है.

अधिकारियों ने बताया कि यहां निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय में विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के प्रावधानों के तहत गोयल का बयान दर्ज किया गया. निदेशालय ने 23 अगस्त को गोयल के मुंबई स्थित आवास, उनके समूह की कंपनियों, उनके निदेशकों और जेट एयरवेज के कार्यालयों समेत दर्जनभर ठिकानों की तलाशी ली थी.

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जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को पूछताछ की.


गोयल समूह ने 19 निजी कंपनियां पंजीकृत

एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि गोयल समूह ने 19 निजी कंपनियां पंजीकृत करायी हुई थीं. इसमें से पांच का पंजीकरण विदेश में कराया गया है. निदेशालय इन कंपनियों के खिलाफ बिक्री, वितरण और परिचालन खर्च की आड़ में संदिग्ध लेनदेन के कथित आरोपों की जांच कर रही है. निदेशालय को अंदेशा है कि इन कंपनियों में खर्च को कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ा कर या फर्जी रूप से दर्ज किया गया जिसके चलते कंपनी को भारी नुकसान में दिखाया गया.

विमानों को पट्टे पर लेने के लिए संदिग्ध लेनदेन
एजेंसी की जांच के दायरे में कंपनी द्वारा विमानों को पट्टे पर लेने के लिए किए गए कथित संदिग्ध लेनदेन भी हैं जो वास्तव में ऐसी विदेशी कंपनियों के साथ किए गए जो अस्तित्व में नहीं हैं. निदेशालय को संदेह है कि जेट एयरवेज ने ‘फर्जी कंपनियों’ को विमान पट्टे पर लेने का भुगतान किया जिनका लेनदेन जानबूझकर गोयल कंपनियों में अवैध तौर पर धन जमा कराने के लिए किया गया.
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मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में फेमा के दीवानी प्रावधानों के तहत मामले की जांच जारी है. अधिक सबूत मिलने पर गोयल एवं अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. गोयल और उनकी पत्नी को मई में मुंबई हवाईअड्डे पर उड़ान भरने से रोक दिया गया था. वह उस दौरान लंदन की यात्रा करने वाले थे. ऐसा जांच एजेंसियों ने सतर्कता बरतते हुए किया था.

प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में मुख्य तौर पर ‘आइल आफ मैन’ स्थित टेल विंड्स कारपोरेशन है. एजेंसी को संदेह है कि यह जेट एयरवेज की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करती थी. अपने तलाशी अभियान के दौरान निदेशालय ने हसमुख दीपचंद गरडी के परिसरों की भी छानबीन की थी. गरडी टेल विंड्स के साझेदार और बड़े निवेशक हैं. सूत्रों ने बताया कि दुबई के रहने वाले गरडी का नाम ‘पनामा दस्तावेजों’ में भी सामने आया था. जेट एयरवेज ने नकदी संकट के चलते 17 अप्रैल 2019 को परिचालन बंद कर दिया था.

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First published: September 6, 2019, 11:42 PM IST
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