ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रेलिगेयर के पूर्व प्रवर्तकों के ठिकानों पर मारे छापे

सिंह बंधु के खिलाफ दिसंबर, 2018 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं में ईसीआईआर दर्ज की गई थी.

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Updated: August 1, 2019, 10:34 PM IST
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रेलिगेयर के पूर्व प्रवर्तकों के ठिकानों पर मारे छापे
आरएफएल की ओर से दर्ज कराई गई अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायत में सिंह बंधुओं समेत अन्य लोगों का नाम शामिल किया गया था.
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Updated: August 1, 2019, 10:34 PM IST
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून से जुड़े एक मामले में रेलिगेयर के पूर्व प्रवर्तकों मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह समेत अन्य के परिसरों पर गुरुवार को छापेमारी की. ईडी के अधिकारियों ने बताया कि सिंह बधुओं, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व चेयरमैन व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुनिल गोधवानी, आरईएल के कार्यकारी अधिकारी एनके घोषाल और हेमंत ढींगरा के सात ठिकानों पर छापेमारी की गई.

RFL ने दर्ज कराई थी धोखाधड़ी के आरोपों में शिकायत 

ED की ओर से प्रवर्तन मामला जांच रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की गई है. ईसीआईआर पुलिस प्राथमिकी के बराबर मानी जाती है. दिसंबर, 2018 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं में ईसीआईआर दर्ज की गई थी. आरईएल की अनुषंगी कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट (RFL) ने आर्थिक अपराध शाखा में 740 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के आरोपों में शिकायत दर्ज कराई थी.

सिंह बंधुओं ने सभी दिक्कतों के लिए गोधवानी को बताया था जिम्मेदार 

आरएफएल की शिकायत में सिंह बंधुओं समेत अन्य लोगों का नाम शामिल किया गया था. सिंह बंधुओं ने समूह की दिक्कतों के लिए गोधवानी को जिम्मेदार ठहराया था. सिंह बंधुओं के पास फरवरी, 2018 तक रेलिगेयर एंटरप्राइजेज का नियंत्रण था. फरवरी 2018 में दोनों के कंपनी के निदेशक मंडल से अलग होने के बाद आरईएल और आरएफएल के निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया गया था.

ED कर रहा है 2,397 करोड़ रुपये की हेराफेरी की जांच 

अधिकारियों ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में 2,397 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की कथित हेराफेरी की जांच कर रहा है. साथ ही आर्क फाइनेंस लिमिटेड और आरएचसी लिमिटेड जैसी कंपनियों की भी जांच की जा रही है. सिंह बंधु फोर्टिस और रैनबैक्सी के भी पूर्व प्रवर्तक रह चुके हैं. फोर्टिस हेल्थकेयर में कथित वित्तीय हेराफेरी को लेकर दोनों भाइयों के संबंधों में खटास आ गई थी.
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First published: August 1, 2019, 10:34 PM IST
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