Aircel-Maxis केस में जिस कंपनी पर 'रिश्वत' लेने का आरोप, उस पर था कार्ति का नियंत्रण- ED

चार्जशीट में कहा गया है, ' ASCPL का गठन कार्ति चिदंबरम के निर्देशन पर हुआ और उस पर उनका नियंत्रण था.' ईडी ने कहा है, 'कार्ति ने कंपनी सेट अप करने के लिए फंड्स का भी इंतजाम किया.'

News18Hindi
Updated: June 13, 2018, 7:41 PM IST
Aircel-Maxis केस में जिस कंपनी पर 'रिश्वत' लेने का आरोप, उस पर था कार्ति का नियंत्रण- ED
कार्ति चिदंबरम की फाइल फोटो-PTI
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Updated: June 13, 2018, 7:41 PM IST
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चल रहे मामले में ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में ईडी ने कहा है कि कार्ति ने एडवान्टेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (ASCPL)का हर पहलू नियंत्रित कर रखा था जिसे कथित तौर पर एयरसेल मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग केस में 26 लाख रुपए बतौर रिश्वत मिले थे. ईडी ने बुधवार को अदालत के समक्ष चार्जशीट पेश की. चार्जशीट जो 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन का एक हिस्सा है, उसमें कार्ति, ASCPL,चेस मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (CMSPL) और कुछ अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत फाइल की गई है.

चार्जशीट में कहा गया है, ' ASCPL का गठन कार्ति चिदंबरम के निर्देशन पर हुआ और उस पर उनका नियंत्रण था.' ईडी ने कहा है, 'कार्ति ने कंपनी सेट अप करने के लिए फंड्स का भी इंतजाम किया.' चार्जशीट में कहा गया है कि ASCPL के मामले कार्ति मैनेज करते थे और इंटर्नल ई-मेल यह दिखता हैं कि ASCPL के हर पहलू पर कार्ति का नियंत्रण था.

चार्जशीट में दावा किया गया है कि ASCPL ने एयरसेल टेलीवेंचर लिमिटेड से 26 लाख रुपए 'रिसीव' किए. यह कंपनी भारतीय कंपनी है जिसने अपने शेयर मैक्सिस को बेच दिए. ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि पेमेंट एफडीआई अप्रूवल के तुरंत बाद रिसीव हुए.


चार्जशीट में कहा गया है कि मैक्सिस ने "विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रूप में 800 मिलियन अमेरिकी डालर (3,565.9 1 करोड़ रुपये) का निवेश किया था." चार्जशीट में कहा गया है, "एफडीआई के लिए मंजूरी देने के लिए वित्त मंत्री का अधिकार उस समय में 600 करोड़ रुपये तक सीमित था. 600 करोड़ रुपये से अधिक के एफडीआई प्रस्तावों को आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ही अप्रूव कर सकती थी."

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चार्जशीट में कहा गया है कि इस मामले में एफडीआई 180 करोड़ रुपए बताया गया जो मैक्सिस की ओर से लिए गए शेयर्स के बराबर की वैल्यू थी, जबकि वास्तविक एफडीआई 3,656.91 करोड़ रुपए थी.


ईडी ने कहा कि चार्जशीट में नामजद एक अन्य कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ऐसी कंपनी है जिसका कार्ति प्रवर्तक था. इसे मैक्सिस एवं सहयोगी मलेशियाई कंपनियों से कथित सॉफ्टवेयर सेवाओं के लिए 90 लाख रुपये मिले थे. हालांकि 90 लाख रुपये के बदले दिये गये सॉफ्टवेयर मलेशियाई कंपनी के किसी काम के नहीं थे. ईडी ने इस मामले में कम से कम दो बार कार्ति चिदंबरग से पूछताछ की है. ईडी ने इस मामले में पी . चिदंबरम से भी कल दूसरी बार पूछताछ की.
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