अपना शहर चुनें

States

CAA विरोधी प्रदर्शनों की जांच तेज करेगा ED, PFI-भीम आर्मी के ‘जुड़ाव’ की हो रही छानबीन

फाइल फोटोः पीएमएलए के तहत 2018 से ही PFI की जांच कर रही एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों और केरल स्थित संगठन के बीच ‘‘वित्तीय जुड़ाव’’ है.
फाइल फोटोः पीएमएलए के तहत 2018 से ही PFI की जांच कर रही एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों और केरल स्थित संगठन के बीच ‘‘वित्तीय जुड़ाव’’ है.

ED ने अगस्त में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi PArty) के पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को इस मामले में गिरफ्तार किया था और आरोप लगाया था कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों को भड़काने और फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों के लिए उन्हें धन मिला था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2020, 11:54 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) संदिग्धों से फिर से पूछताछ के साथ सीएए विरोधी प्रदर्शनों को ‘भड़काने’ में इस्तेमाल अवैध कोष के इस्तेमाल को लेकर धन शोधन की अपनी जांच को तेज करने वाला है. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को इस बारे में बताया.

उन्होंने कहा कि एजेंसी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कुछ पदाधिकारियों और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekar Azad) के बीच हुए संवाद को उजागर किया और इस बारे में उनसे स्पष्टीकरण मांगेगी.

एजेंसी ने ट्वीट किया, ‘‘ईडी PFI के पदाधिकारियों के पास से बरामद कुछ ठोस साक्ष्य के आधार पर PFI और भीम आर्मी के बीच वित्तीय जुड़ाव की जांच कर रहा है.’’ एक खबर के जवाब में यह ट्वीट किया गया, जिसमें कहा गया था कि ईडी को भीम आर्मी और PFI के बीच कोई ‘‘जुड़ाव नहीं’’ मिला है.



आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो समूहों के लोगों के बीच हुए संवाद से संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान जामा मस्जिद इलाके में कुछ गतिविधियों का संकेत मिला है. केंद्रीय जांच एजेंसी के इस मामले में जुड़ाव रखने वाले कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है. एजेंसी धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है.
ये भी पढ़ेंः हरियाणा में हाथरस कांड के विरोध में उतरी भीम आर्मी, कई थानों की पुलिस तैनात

ईडी ने अगस्त में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi PArty) के पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को इस मामले में गिरफ्तार किया था और आरोप लगाया था कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों को भड़काने और फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों के लिए उन्हें धन मिला था.

ये भी पढ़ेंः Bihar में चंद्रशेखर आजाद की एंट्री, 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

पीएमएलए के तहत 2018 से ही PFI की जांच कर रही एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनों और केरल स्थित संगठन के बीच ‘‘वित्तीय जुड़ाव’’ है. एजेंसी पूर्व में PFI के कई पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज