ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, गिरफ्तारी रुकवाने के लिए चिदंबरम खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर रहे

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) से कहा है कि आईएनएक्स मीडिया (INX Media) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी गिरफ्तारी से जांच एजेंसी को रोकने के लिए पी चिदंबरम (P Chidambaram) खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर रहे हैं.

भाषा
Updated: August 29, 2019, 12:00 AM IST
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, गिरफ्तारी रुकवाने के लिए चिदंबरम खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर रहे
ईडी ने चिदंबरम के खिलाफ अकाट्य सबूत होने की बात कही है (फाइल फोटो)
भाषा
Updated: August 29, 2019, 12:00 AM IST
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) को बताया कि आईएनएक्स मीडिया (INX Media) धन शोधन मामले में जांच एजेंसी को अपनी गिरफ्तारी से रोकने के लिए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) द्वारा खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है.

इसे धन शोधन (Money Laundering) का गंभीर मामला बताते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कहा कि उसने चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए ‘‘अकाट्य सामग्री’’ जुटाई है.

ईडी ने कहा, चिदंबरम के बारे में मिली खास सूचनाएं
ईडी ने कहा कि दूसरे देशों और बैंकों से विदेश में संपत्ति, मकान, कंपनियों और जिन लोगों को वह जानते हैं, उनके बारे में उसे खास सूचना और खास विवरण मिले हैं.

ईडी ने न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को बताया कि उन्हें राजनीतिक विरोधी होने को लेकर प्रताड़ित नहीं किया जा रहा है, जैसा कि उनका (चिदंबरम का) आरोप है. पीठ ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तारी से मिले अंतरिम संरक्षण की अवधि गुरुवार तक के लिए बढ़ा दी. धन शोधन का यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दर्ज किया है.

खुद को पीड़ित के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं चिदंबरम
ईडी की तरफ से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे इस चरण में जांच के दौरान संवेदनशील सामग्री चिदंबरम के साथ साझा नहीं कर सकते. मेहता ने कहा कि हम हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी के सामने इसे रखेंगे. हमने अपने साथ चाय पीने के लिए आरोपी को गिरफ्तार (Arrest) नहीं किया है. उन्होंने कहा कि चिदंबरम खुद को पीड़ित के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं.
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मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘उन्हें राजनीतिक विरोधी होने को लेकर प्रताड़ित नहीं किया जा रहा है, जैसा कि उनका (चिदंबरम का) आरोप है. हमारे पास यह प्रदर्शित करने के लिए साक्ष्य हैं कि यह धन शोधन का एक गंभीर मामला है. मामले में हमने अकाट्य सामग्री जुटाई है.’’

गुरुवार को भी होगी मामले में बहस
मेहता ने चिदंबरम को अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा, ‘‘खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है.’’ मामले में गुरुवार को भी बहस चलेगी. चिदंबरम के वकील की बहस का जवाब देते हुए मेहता ने कहा कि उन्हें पीड़ित के तौर पर पेश करने की कोशिश की जा रही है. वे कह रहे हैं कि उन्हें अपमानित किया जा रहा है. ऐसा नहीं है.

शीर्ष अदालत अग्रिम जमानत रद्द करने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ चिदंबरम की अपील पर सुनवाई कर रही है. मेहता ने कहा कि वह एक ‘बुद्धिमान व्यक्ति’ का सामना कर रहे हैं क्योंकि कोई भी ‘बेवकूफ आदमी’ इस तरह का धन शोधन नहीं कर सकता और यह अपराध (Crime) महज एक आवेश में नहीं हुआ.

'ईडी ने विदेश में जब्त की संपत्ति'
जांच के दौरान एकत्र सामग्री पर गौर करने का अनुरोध करते हुए मेहता ने कहा, ‘‘हम अदालत से अनुरोध करते हैं कि सांविधिक ढांचे के तहत आरोपी को गिरफ्तार करने के हमारे अधिकार से हमें नहीं रोका जाए.’’ साथ ही कहा कि ईडी ने विदेश स्थित संपत्ति (Foreign Assets) जब्त की है और मामले में कई देशों को अनुरोध पत्र जारी किया है.

चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने कभी दलील नहीं दी कि वे ईडी द्वारा जुटाई गई सामग्री तक पहुंच चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने बस इतना कहा कि आप (ईडी) आरोपी के सामने रखें और इस पर उनसे पूछें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस पर आरोपी का आमना-सामना कराए बिना वे मुहरबंद लिफाफे में अदालत में सामग्री को नहीं रख सकते. ’’

चिदंबरम की अग्रिम जमानतें कर दी गई हैं नामंजूर
मेहता ने कहा कि चिदंबरम की ओर से ही पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने दलील दी थी कि सामग्री तक उनको पहुंच मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘यही दिक्कत है, जब दो वरिष्ठ वकील एक व्यक्ति की ओर से पेश होते हैं. मैं (ईडी) इस सामग्री को हिरासत में आरोपी को दिखाना चाहता हूं.’’ साथ ही कहा, ‘‘अब, उन्होंने अपना मन बदल लिया है.’’ उन्होंने अदालत को समझाने की कोशिश की कि अदालत को सामग्री पर जरूर गौर करना चाहिए क्योंकि ना केवल यह जायज है बल्कि इसकी जरूरत भी है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम ने याचिका के जरिए दिल्ली उच्च न्यायालय के 20 अगस्त के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार और धन शोधन मामलों में उनकी अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी थी. ये मामले सीबीआई और ईडी ने दर्ज किए थे.

सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक एफआईआर दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि 2007 में वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल में आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ का निवेश प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी देने में अनियमितताएं की गईं. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी धन शोधन का मामला दर्ज किया था.

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First published: August 28, 2019, 11:46 PM IST
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