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महाराष्ट्र में सरकार गठन पर अब भी मंथन जारी, NCP ने शिवसेना के सामने रखीं ये शर्तें- सूत्र

News18Hindi
Updated: November 13, 2019, 9:38 AM IST
महाराष्ट्र में सरकार गठन पर अब भी मंथन जारी, NCP ने शिवसेना के सामने रखीं ये शर्तें- सूत्र
महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गठबंधन करने के लिए एनसीपी ने रखी है शर्त.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra assembly elections) में शिवसेना (Shiv Sena) ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि राकांपा (NCP) को 54 सीटें हासिल हुई थीं. इस तरह अगर शिवसेना (Shiv Sena), राकांपा (NCP) और कांग्रेस (Congress) मिलकर सरकार का गठन करती हैं तो यह संख्या 154 हो जाएगी.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 9:38 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में मंगलवार को राष्ट्रपति शासन (President Rule) की घोषणा के बावजूद शिवसेना (Shiv Sena) कांग्रेस (Congress) और शरद पवार (Sharad Pawar) की राकांपा (NCP) के साथ सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है. शिवसेना चाहती है कि एनसीपी के साथ गठबंधन की बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचे, जिससे महाराष्ट्र में सरकार का गठन किया जा सके. सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी ने शिवसेना के सामने सरकार बनाने के लिए वही 50-50 का फॉर्मूला रखा है, जो शिवसेना ने बीजेपी के सामने रखा था. इसका मतलब साफ है कि ढाई साल मुख्यमंत्री शिवसेना का रहेगा और ढाई साल कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन का कोई नेता सीएम की कुर्सी पर रहेगा.

एनसीपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एनसीपी के विधायकों की संख्या शिवसेना से मात्र दो कम है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एनसीपी को 54 सीटें हासिल हुईं थी. इस तरह अगर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर सरकार का गठन करती हैं तो यह संख्या 154 हो जाएगी.

इससे पहले मंगलवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि कांग्रेस और राकांपा के साथ वह अपने वैचारिक मतभेद भुलाकर स्थिर सरकार बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि 'हमारी विचारधारा अलग-अलग है, लेकिन हम एक साथ आ सकते हैं. भाजपा और शिवसेना कई वर्षों से एक साथ थे, लेकिन अब शिवसेना को कांग्रेस-एनसीपी के साथ जाना है. हम दोनों दलों के साथ आगे की बातचीत करेंगे.'

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शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच सोमवार को कई दौर की बातचीत हुई. एक कट्टर विरोधी विचारधारा वाली पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए कई बार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन भी किया गया, लेकिन कांग्रेस ने सरकार गठन को लेकर किसी भी तरह की कोई तेजी नहीं दिखाई. बाद में राज्यपाल ने शरद पवार की पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. हालांकि उस विकल्प पर भी उस समय पूर्ण विराम लग गया, जब एनसीपी ने राज्यपाल से और समय की मांग कर डाली.

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उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में लगाए गए राष्ट्रपति शासन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इसी के साथ उन्होंने संकते दिए हैं कि वह कांग्रेस-एनसीपी के साथ कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के जरिए आगे का रास्ता तलाश सकते हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी अलग-अलग विचारधाराओं के हैं. हमारे बीच आम सहमति बनाने को लेकर चर्चा हो रही है. जल्द ही हम किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं. 

 

शरद पवार ने कहा हमें कोई जल्दबाजी नहीं
शरद पवार ने मंगलवार शाम कांग्रेस नेताओं के साथ आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में काफी शांत दिखे. उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, हमें कोई जल्दबाजी नहीं है क्योंकि चर्चा और किसी भी नतीजे तक पहुंचने के लिए राज्यपाल ने हमें पर्याप्त समय दिया है. कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा है कि शिवसेना के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा किए बना गठबंधन में शामिल होना कोई समझदारी नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले हम आपस में बात करेंगे. अगर कोई स्थिति स्पष्ट होती है तो इसके बारे में शिवसेना से बात की जाएगी.

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First published: November 13, 2019, 8:23 AM IST
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