ISRO चीफ सिवन का दावा- असफल नहीं हुआ चंद्रयान-2, अगले 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क की कोशिश

इसरो के चेयरमैन सिवान ने कहा कि हालांकि हमारा चंद्रयान 2 के लैंडर से संपर्क टूट चुका है, लेकिन वो लैंडर से दोबारा संपर्क स्थापित करने के लिए अगले 14 दिनों तक प्रयास करते रहेंगे.

News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 10:39 PM IST
ISRO चीफ सिवन का दावा- असफल नहीं हुआ चंद्रयान-2, अगले 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क की कोशिश
वैज्ञानिकों ने लैंडर विक्रम से संपर्क उस समय खोया जब वह चंद्रमा के धरातल के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड होने वाला था और धरातल से मात्र 2.1 किलोमीटर दूर था.
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Updated: September 7, 2019, 10:39 PM IST
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च संगठन (ISRO) के चेयरमैन के सिवन (K Sivan) ने चंद्रयान-2 मिशन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि  चंद्रयान-2 मिशन सफल रहा है. एजेंसी चंद्रयान-2 के लैंडर से दोबारा संपर्क स्थापित करने के लिए अगले दो हफ्तों तक लगातार प्रयास करेगी. दरअसल चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से इसरो का संपर्क शनिवार को लैंडिग के आखिरी पल में टूट गया था.

इसरो के चेयरमैन सिवन ने दूरदर्शन को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि हालांकि हमारा चंद्रयान 2 के लैंडर से संपर्क टूट चुका है, लेकिन वो लैंडर से दोबारा संपर्क स्थापित करने के लिए अगले 14 दिनों तक प्रयास करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि लैंडर के पहले चरण को सफलता पूर्वक पूरा किया गया. जिसमें यान की गति को कम करने में एजेंसी को सफलता मिली. हालांकि अंतिम चरण में आकर लैंडर का संपर्क एजेंसी से टूट गया.

सिवन ने आगे कहा कि हम पहली बार चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्र का डाटा प्राप्त करेंगे. विश्व तक यह जानकारी पहली बार पहुंचेगी.


लैंड होने से कुछ पल पहले टूटा संपर्क

दरअसल वैज्ञानिकों ने लैंडर विक्रम से संपर्क उस समय खोया, जब वह चंद्रमा के धरातल के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड होने वाला था और धरातल से मात्र 2.1 किलोमीटर दूर था. सिवन ने कहा कि यह मिशन 100 प्रतिशत के आसपास सफल रहा. उन्होंने कहा कि हमारा वैज्ञानिक मिशन सफल रहा लेकिन टेक्नोलोजी के प्रदर्शन में हम सफल नहीं रहे. हमारे ऑर्बिटर का पेलोड हमें अगले कुछ सालों तक बहुत सारा डाटा उपलब्ध करता रहेगा.

7.5 सालों तक काम करेगा ऑर्बिटर
सिवन ने आगे कहा कि पहली बार हम चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्र का डाटा प्राप्त करेंगे.  चंद्रमा की यह जानकारी विश्व तक पहली बार पहुंचेगी. चेयरमैन ने कहा कि चंद्रमा के चारों तरफ घूमने वाले आर्विटर के तय जीवनकाल को सात साल के लिए बढ़ाया गया है. यह 7.5 सालों तक काम करता रहेगा. यह हमारे लिए संपूर्ण चंद्रमा के ग्लोब को कवर करने में सक्षम होगा.
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वैज्ञानिकों ने लैंडर विक्रम से संपर्क उस समय खोया जब वह चंद्रमा के धरातल के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड होने वाला था और धरातल से मात्र 2.1 किलोमीटर दूर था.


गौरतलब है कि चंद्रयान-2 के लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग न हो पाने के बाद सबसे भावुक क्षण तब आया, जब आंखों में आंसू लिए इसरो प्रमुख डॉ. के सिवन को पीएम मोदी ने गले से लगाया. उन्‍होंने डॉ. सिवन का हौसला बढ़ाया और उनसे कहा, पूरा देश आपके साथ है. पहले ही प्रयास में इतनी दूर आना बड़ी कामयाबी है. डॉ. सिवन के नेतृत्‍व में ही इसरो ने सफलता पूर्वक चंद्रयान-2 को लॉन्‍च किया था.

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First published: September 7, 2019, 10:03 PM IST
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