इस बार भी फीकी रहेगी रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए ईद

अप्रैल में उनके घरों में लगी आग की वजह से उनकी ईद मीठी नहीं हो सकेगी


Updated: June 14, 2018, 7:30 PM IST
इस बार भी फीकी रहेगी रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए ईद
दूसरे देश में तिनका-तिनका कर अपना आशियाना जोड़ने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की ईद इस साल भी मीठी नहीं हुई है

Updated: June 14, 2018, 7:30 PM IST
दूसरे देश में तिनका-तिनका कर अपना आशियाना जोड़ने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की ईद इस साल भी मीठी नहीं हुई है. अप्रैल में उनके घरों में लगी आग की वजह से उनकी ईद मीठी नहीं हो सकेगी.

कालिंदी कुंज में आकर बसे 200 से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों में शामिल तीन बच्चों की मां तबस्सुम खानम ईद में बच्चों के कपड़ों और तोहफों के लिए नवंबर से पैसे जुटा रही थीं. लेकिन अप्रैल में उनकी झुग्गियों में लगी आग ने न सिर्फ उनका आशियाना छीना बल्कि छह साल बाद परदेश में घर जैसी खुशियां मनाने की आशा भी छीन ली.

अप्रैल में लगी इस आग में 44 झुग्गियां जलकर खाक हो गयी थीं, जिनमें 100 महिलाओं और 50 बच्चों सहित 226 रोहिंग्या मुसलमान रहते थे.

अगर संयुक्त राष्ट्र की मानें तो म्यांमार के रखाइन प्रांत के निवासी रोहिंग्या मुसलमान दुनिया में सबसे ज्यादा ज्यादतियां सहने वाले लोगों में से हैं.

तबस्सुम ने बताया कि उसने नये कपड़े खरीदने के लिए 3500 रुपये जोड़े थे. छह साल में पहली बार वह अपने और बच्चों के लिए ईद पर नये कपड़े खरीद पाती. लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं होगा.

दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरों और कचरा बीनने वालों की तरह काम करने वाले इन रोहिंग्या मुसलमानों में से कई ने पिछले छह साल में कच्चे मकान बना लिये थे. लेकिन आग ने उनका सबुकछ छीन लिया, अब उनके पास मकान और मस्जिद की तरह ईद की खुशियां भी अस्थाई है.

 
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