'फानी' से ओडिशा में 10 की मौत, अब पश्चिम बंगाल पर खतरा

'फानी' से ओडिशा में 10 की मौत, अब पश्चिम बंगाल पर खतरा
चक्रवात फानी ने ओडिशा में मचाई तबाही

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्थिति की समीक्षा के बाद कहा कि पुरी जिले को भारी क्षति हुई है. उन्होंने कहा, "ऊर्जा का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो चुका है. बिजली की बहाली एक चुनौतीपूर्ण काम है."

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चक्रवात फानी शुक्रवार को 245 किमी की ओडिशा के तट से टकराया और जमकर तबाही मचाई. चक्रवाती तूफान के चलते राज्य में अब तक 10 लोगों के मरने की खबर है. राहत एवं बचाव कार्य में लगे अधिकारियों ने इसके आकंड़े के बढ़ने की संभावना जताई है.

हालांकि 'बेहद गंभीर' तूफान अप्रत्याशित रूप से कुछ ही घंटों के भीतर कमजोर हो गया, लेकिन इसने ओडिशा के तटीय इलाकों में तबाही के निशान छोड़ दिए. ओडिशा के बाद चक्रवात शनिवार तड़के पश्चिम बंगाल पहुंच गया है. पश्चिम बंगाल सरकार पहले ही नादिया, मिदनापुर, उत्तरी 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में 45 हजार से अधिक लोगों को आश्रय शिविरों में भेज चुकी है.

बता दें कि चक्रवात फानी  शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे पुरी से टकराया था, जिसके चलते चक्रवाती बारिश हुई और 175 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली. तूफान में घर, झोपड़ियां, गाड़ी, पेड़, टावर आदि उड़ गए और तीर्थ नगरी बारिश की चादर से ढक गई.



ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्थिति की समीक्षा के बाद कहा कि पुरी जिले को भारी क्षति हुई है. उन्होंने कहा, "ऊर्जा का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो चुका है. बिजली की बहाली एक चुनौतीपूर्ण काम है."
सैकड़ों इंजीनियर और टेक्नीशियन बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं. सैकड़ों पेड़ों के गिरने से सड़के जाम हो गई हैं.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बताया कि चक्रवात फानी के चलते 10 हजार गांवों और 52 शहरों से 24 घंटे के भीतर 12 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. उन्होंने कहा कि लोगों को 4 हजार आश्रय शिविरों में रखा गया है, जिनमें से 880 विशेष शिविर हैं, जहां उन्हें मुफ्त में पकाया हुआ भोजन मिल रहा है.

स्पेशल रिलीफ कमिश्नर बीपी शेट्ठी ने बताया कि पश्चिम बंगाल पहुंचने से पहले चक्रवात खुरदा, कटक, जाजपुर, भद्रक और बालासोर से होकर गुजरेगा. 140 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार की हवाओं के कारण ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कई हिस्सों में दूरसंचार लाइनें टूट गई, मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली आपूर्ति बंद हो गई है.

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वहीं गंजाम और गजपति में यातायात को पूरी तरह बहाल कर दिया है, जबकि भुवनेश्वर सहित अन्य जिलों में सड़क बहाली का कार्य जारी है. भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उड़ानें निलंबित रहीं. इसके अलावा हावड़ा-चेन्नई रूट पर लगभग 220 ट्रेनें रद्द कर दी गईं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार 1 बजे से हवाई सेवा बहाल होने की घोषणा की है.

फानी सुबह  तड़के खड़गपुर को पार करके पश्चिम बंगाल से टकराया. फिलहाल तूफान के चलते 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की खबर है. बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल से टकराने के कुछ समय बाद यह कमजोर पड़ जाएगा. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "तूफान के पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने के बाद कमजोर पड़ने की संभावना है. हवा की गति 100 किमी प्रति घंटा से 110 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास होगी."

चक्रवात के चलते कोलकाता हवाई अड्डे पर परिचालन शुक्रवार दोपहर से शनिवार सुबह 8 बजे तक के लिए स्थगित किया गया है. इसके साथ ही तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों खासकर श्रीकाकुलम जिले में मूसलाधार वर्षा की लेकिन इससे कोई हताहत नहीं हुआ.

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