लद्दाख गतिरोध: आठवें दौर की वार्ता आज, तेजी से चीनी सैनिकों के पीछे हटने पर जोर देगी भारतीय सेना

भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की बातचीत आज होगी (सांकेतिक तस्वीर)
भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की बातचीत आज होगी (सांकेतिक तस्वीर)

India-China Corps Commander Level Talks: भारत और चीन के बीच सातवें दौर की सैन्य वार्ता 12 अक्टूबर को हुई थी जिसमें पूर्वी लद्दाख में टकराव के बिंदुओं से सैनिकों के पीछे हटने को लेकर कोई नतीजा नहीं निकला था.

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नई दिल्ली. भारतीय सेना (Indian Army) शुक्रवार को होने जा रही कोर कमांडर स्तर (Corps Commander Level) की आठवें दौर की वार्ता में पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में गतिरोध वाले सभी स्थानों से चीनी सैनिकों (Chinese Troops) की पूर्ण वापसी पर जोर देगी. आधिकरिक सूत्रों ने गुरुवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि बैठक शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर भारतीय क्षेत्र की तरफ चुशूल (Chushul) में होगी.

पूर्वी लद्दाख में हाड़ जमा देने वाली सर्दी में भारत के लगभग 50,000 सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्वतीय ऊंचाइयों पर तैनात हैं. छह महीने से चले आ रहे इस गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच पूर्व में हुई कई दौर की बातचीत का अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है. अधिकारियों के अनुसार चीनी सेना ने भी लगभग 50,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं.

पिछली बातचीत में नहीं निकला था कोई ठोस परिणाम
कोर कमांडर स्तर की पिछले दौर की वार्ता 12 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन इसका भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला था. पिछले दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों की सेनाओं की ओर से जारी किए गए संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा गया था कि दोनों पक्ष सैन्य एवं राजनयिक माध्यमों से संवाद कायम रखने पर सहमत हुए हैं ताकि गतिरोध को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द कोई साझा स्वीकार्य समाधान निकाला जा सके.
सैन्य वार्ता के छठे चरण की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने कुछ फैसलों की घोषणा की थी. इसके तहत अग्रिम मोर्चे पर और सैनिकों को नहीं भेजने, एकतरफा तरीके से जमीनी हालात बदलने से परहेज करने और हालात को जटिल बनाने वाली किसी भी कार्रवाई से परहेज की बात कही गयी थी.



भारत-चीन के बीच गंभीर तनाव
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल में कहा था कि भारत और चीन के बीच ‘‘गंभीर तनाव’’ है तथा सीमा प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों द्वारा किए गए समझौतों का सम्मान किया जाना चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति में परिवर्तन का कोई भी एकतरफा प्रयास 'अस्वीकार्य' है.

आठवें दौर की वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन करेंगे जो लेह आधारित 14वीं कोर के नए कमांडर हैं
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