कूचबिहार हिंसा के बाद चुनाव आयोग सतर्क, तैनात की जाएगी CAPF की 71 अतिरिक्त कंपनियां

 पश्चिम बंगाल चुनाव 2021 के चौथे चरण के दौरान आज कूच बिहार में गोलीबारी की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए.

पश्चिम बंगाल चुनाव 2021 के चौथे चरण के दौरान आज कूच बिहार में गोलीबारी की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए.

West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान हुई हिंसा में सुरक्षा बलों की फायरिंग में चार लोग मारे गए थे. आरोप है कि सितलकूची इलाके के 125 नंबर बूथ पर हिंसा के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों की राइफल छीनने की कोशिश की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2021, 7:20 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में शनिवार की हिंसा के बाद बाकि चरणों के मतदान की सुरक्षा को बढ़ाने की प्लानिंग की जा रही है. चुनाव आयोग के अनुरोध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय सीएपीएफ की 71 अतिरिक्त कंपनियां पश्चिम बंगाल भेजेगा. जिन 71 कंपनियों को पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा, उसमें सीपीपीएफ की 12, बीएसएफ की 33, आईटीबीपी की 13, सीआईएसएफ की 4 और एसएसबी की 9 कंपनियां शामिल हैं. इनकी तैनाती के बाद पश्चिम बंगाल में सुरक्षा बलों की कुल 1071 कंपनियां हो जाएंगी. वर्तमान में चुनावों के लिए सीएपीएफ की 1000 कंपनियां तैनात हैं.

दरसअल पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान हुई हिंसा में सुरक्षा बलों की फायरिंग में चार लोग मारे गए थे. आरोप है कि सितलकूची इलाके के 125 नंबर बूथ पर हिंसा के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों की राइफल छीनने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों की फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई.

टीएमसी के थे मारे गए चारों लोग

कूच बिहार में इस तरह का मामला सामने आने के बाद ममता बनर्जी ने कहा है कि मारे गए चारों लोग टीएमसी के कार्यकर्ता थे, जिन पर सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की. इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने अगले 72 घंटे तक किसी भी नेता के कूच बिहार जाने पर पाबंदी लगा दी है. साथ ही पांचवें चरण के मतदान को 72 घंटे पहले ही चुनाव प्रचार खत्म करने का फरमान भी जारी कर दिया है.
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पश्चिम बंगाल में सीएपीएफ की अतिरिक्त कंपनियां भेजे जाने के बाद काउंटिंग और ईवीएम गार्डिंग के लिए बाद में CAPF के डिप्लॉयमेंट पर फैसला लिया जाएगा. कोविड-19 गाइडलाइन्स को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से सीएपीएफ के ट्रांसपोर्टेशन का इंतज़ाम करने को कहा गया है.
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