चुनावी हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में एक दिन पहले चुनाव प्रचार EC ने लगाई रोक

चुनाव आयोग ने मंगलवार को कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसक झड़प की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये यह कार्रवाई की है.

News18Hindi
Updated: May 16, 2019, 7:58 AM IST
चुनावी हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में एक दिन पहले चुनाव प्रचार EC ने लगाई रोक
चुनाव आयोग ने अब बंगाल के 9 संसदीय क्षेत्रों में चुनाव प्रचार पर बैन लगा दिया है.
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Updated: May 16, 2019, 7:58 AM IST
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चुनावी हिंसा के चलते राज्य में अंतिम चरण के मतदान के लिये तय समय से एक दिन पहले, 16 मई को रात दस बजे ही चुनाव प्रचार प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. पश्चिम बंगाल की नौ लोकसभा सीटों पर 19 मई को मतदान होना है.

चुनाव आयोग ने बुधवार को इस आशय का आदेश जारी करते हुये कहा कि पश्चिम बंगाल में 16 मई को रात दस बजे से हर तरह का प्रचार अभियान बंद हो जायेगा. उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब आयोग को चुनावी हिंसा के मद्देनजर किसी चुनाव में निर्धारित अवधि से पहले चुनाव प्रचार प्रतिबंधित करना पड़ा हो.



बता दें लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को मतदान होगा जिसमें पश्चिम बंगाल की दम दम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता पश्चिम लोकसभा सीटें शामिल हैं.

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16 मई रात दस बजे प्रचार बंद

पहले से तय चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इस चरण के मतदान से 48 घंटे पहले, 17 मई को शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार थम जायेगा लेकिन पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का हवाला देते हुये आयोग ने राज्य में 16 मई को रात दस बजे से चुनाव प्रचार रोक दिया है. यह रोक राज्य की सभी नौ सीटों पर 19 मई को मतदान पूरा होने तक जारी रहेगा.

आयोग ने मंगलवार को कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसक झड़प की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये यह कार्रवाई की है. कुमार ने कहा कि मंगलवार को हुई हिंसक झड़प के दौरान समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चुनाव आयोग ने गंभीर नाराजगी प्रकट करते हुये प्रचार अभियान को समय से पहले रोकने का फैसला किया है.यह भी पढ़ें:  केसी त्यागी बोले- प. बंगाल में लालू-राबड़ी शासन जैसे हालात, EC की भूमिका पर संदेह

आयोग ने कहा- शायद यह पहला मौका

कुमार ने कहा, ‘यह संभवत: पहला मौका जब आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इस तरह की कार्रवाई करनी पड़ी हो.' इस बीच आयोग ने राज्य में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजय नायक को विशेष पर्यवेक्षक और पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी विवेक दुबे को विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया है.

इसके अलावा आयोग ने पश्चिम बंगाल में तैनात प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा के दो अधिकारियों को भी सेवामुक्त कर इन्हें चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने का आदेश दिया है. आयोग ने पश्चिम बंगाल की सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को भी सेवा मुक्त कर केन्द्रीय गृह मंत्रालय से संबद्ध कर दिया है. उन्हें 16 मई को सुबह दस बजे तक मंत्रालय को रिपोर्ट करने को कहा गया है.

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ये अधिकारी भी सेवामुक्त

साथ ही आयोग ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को भी सेवामुक्त कर उनका प्रभार राज्य के मुख्य सचिव को सौंपने का आदेश दिया है. मंगलवार को शाह के रोड शो के बाद कोलकाता में बड़े स्तर पर हुई हिंसक घटनाओं के कारण राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नाजुक हो गई है. हिंसा के दौरान महान समाज सुधारक और पश्चिम बंगाल के आदर्श पुरुष के रूप में विख्यात ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 19वीं सदी की एक प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त की गई.
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