केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर में होगा परिसीमन, चुनाव आयोग ने शुरू की तैयारी

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में परिसीमन (Delimitation) कराना चाहती है जिसके लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है.

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Updated: August 13, 2019, 5:35 PM IST
केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर में होगा परिसीमन, चुनाव आयोग ने शुरू की तैयारी
जम्मू कश्मीर में परिसीमन पर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी शुरु कर दी है. (File Photo)
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Updated: August 13, 2019, 5:35 PM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेषाधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद अब केंद्र सरकार राज्य में परिसीमन (Delimitation) कराना चाहती है, जिसके लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. चुनाव आयोग ने मंगलवार को इस मसले पर पहली बैठक की और तमाम पहलुओं पर चर्चा की. आयोग को अब इस संदर्भ में सरकार की तरफ से आधिकारिक अधिसूचना मिलने का इंतज़ार है. चुनाव आयोग के पूर्व कानूनी सलाहकार के मुताबिक परिसीमन में कम से कम 6 महीने का वक्त लगेगा.

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की जटिल प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की पहली बैठक में उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) सुनील अरोड़ा और दोनों आयुक्तों को तमाम पहलुओं की जानकारी दी. आयोग के सामने परिसीमन में लगने वाली संभावित समयसीमा पर चर्चा हुई, खासकर 2000-2001 में उत्तराखंड (Uttarakhand) में हुए परिसीमन का जिक्र किया गया जिसमें करीब साल भर का वक्त लग गया था. आयोग ने परिसीमन की तमाम बारीकियों और जटिलताओं को समझा.

करीब 6 महीने का लग सकता है समय
चुनाव आयोग के पूर्व सलाहकार एस. के. मेंहदीरत्ता (SK Mehndiratta) के मुताबिक कम से कम 6 महीने का समय परिसीमन में लग सकता है. मेंहदीरत्ता की मानें तो जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की विधानसभा (Jammu Kashmir Assembly) में सीटों की संख्या को बढ़ाकर 107 से 114 किया गया है यानी 7 सीटें बढ़ाई गई हैं. इनमें से 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) में है, इसलिए चुनाव 90 सीटों पर ही होगा जो कि अब तक 83 सीटों पर होता था.

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चुनाव आयोग परिसीमन का कामकाज तभी शुरू करेगा जब गृह मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक अधिसूचना आयोग को भेजी जाएगी. (Photo- PTI)


इस तरह होगा सीटों का निर्धारण
बता दें कि चुनाव आयोग ज़मीन पर कामकाज तभी शुरू करेगा जब गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की तरफ से आधिकारिक अधिसूचना उसे भेजी जाएगी. जम्मू-कश्मीर के परिसीमन में सीटों के निर्धारण का प्रमुख मापदंड जनसंख्या और फिर ज़िलेवार जनसंख्या के आधार पर सीटों का निर्धारण होगा.
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आपको बता दें कि राज्य के पुनर्गठन के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है. इस बदलाव के बाद दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश होगा जहां विधानसभा भी काम करेगी, यानी कि यहां राज्य सरकार और मंत्रिमंडल भी काम करेगा. जबकि लद्दाख सिर्फ केंद्र शासित प्रदेश रहेगा. दोनों राज्यों में राज्यपाल नहीं उपराज्यपाल होगा.

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First published: August 13, 2019, 5:10 PM IST
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