Home /News /nation /

प्रधानमंत्री की बैठक से पहले चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलाधिकारियों के साथ की बैठक

प्रधानमंत्री की बैठक से पहले चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलाधिकारियों के साथ की बैठक

जम्मू और कश्मीर के पूर्व सीेएम महबूबा मुफ्ती, पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की फाइल फोटो (TAUSEEF MUSTAFA / AFP)

जम्मू और कश्मीर के पूर्व सीेएम महबूबा मुफ्ती, पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की फाइल फोटो (TAUSEEF MUSTAFA / AFP)

जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) में राजनीतिक प्रक्रियाओं को तेज करने के प्रयासों के बीच (Election Commission) ने सभी 20 जिलाधिकारियों से संपर्क किया है. जिलाधिकारियों से उनके जिलों में मतदान के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में पूछा गया.

अधिक पढ़ें ...
    नई दिल्ली/श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) में राजनीतिक प्रक्रियाओं को तेज करने के केंद्र के प्रयासों के बीच निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने सभी 20 जिलाधिकारियों से संपर्क किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने जिलाधिकारियों से संभावित चुनाव के संदर्भ में बात की. बता दें चुनाव आयोग की जिलाधिकारियों से मीटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आहूत सर्वदलीय बैठक से पहले हुई है.

    मोदी, गुरुवार को जम्मू और कश्मीर के नेताओं से वार्ता करेंगे. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार उन जम्मू और कश्मीर के उन सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है. लेकिन फिलहाल पीएम की बैठक परिसीमन और जम्मू और कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव कराने पर केंद्रित है.

    जिलाधिकारियों से क्या पूछा गया?
    अखबार की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग की मीटिंग दो सेशन में हुई. पहली बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और फिर दूसरी बैठक दोपहर 1.30 से दोपहर 3 बजे तक हुई. पहले सेशन में जम्मू, सांबा, राजौरी, पुंछ, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामूला, श्रीनगर, गांदरबल और बडगाम के जिलाधिकारी शामिल थे तो वहीं दूसरे सेशन में किश्तवाड़, डोडा, रामबन, उधमपुर, रियासी, कठुआ, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग के अधिकारी शामिल हुए.

    बैठक में जिलाधिकारियों से विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की समस्याओं के बारे में पूछा गया. साथ ही यह भी जानकारी ली गई कि क्या वोटर्स को मतदान के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या फिर कोई विधानसभा किसी और जिले में आती है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि जिलाधिकारियों से  ऐसे विधानसभा क्षेत्रों के संदर्भ में उन सामने आने वाली प्रशासनिक दिक्कतों के बारे में भी पूछा गया.

    परिसीमन आयोग ने की बैठक
    इसके साथ ही परिसीमन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी बुधवार को जम्मू कश्मीर के सभी उपायुक्तों के साथ मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन और सात नयी सीटें बनाने पर विचार-विमर्श किया. सूत्रों ने बताया कि सभी 20 उपाययुक्तों ने एक ऑनलाइन बैठक में भाग लिया, जिसमें विधानसभा सीटों को भौगोलिक रूप से अधिक सुगठित बनाने के तरीके के बारे में जानकारी एकत्र की गई.

    सूत्रों ने बताया कि परिसीमन प्रक्रिया के तहत जम्मू कश्मीर में कुछ विधानसभा सीटों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाना है. परिसीमन की कवायद के बाद जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर नवंबर 2018 से केंद्र के शासन में है और 5 अगस्त, 2019 को केंद्र ने इसके विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था और इसे जम्मू कश्मीर और लद्दाख में केंद्र शासित प्रदेशों के तौर पर विभाजित कर दिया था.

    Tags: Farooq Abdullah, Jammu Kashmir Election, Kashmir news, Mehbooba mufti, Narendra modi, Omar abdullah

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर