कोरोना काल में उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार पर खर्च की सीमा बढ़ा सकता है चुनाव आयोग

कोरोना काल में उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार पर खर्च की सीमा बढ़ा सकता है चुनाव आयोग
कोरोना काल में EC चुनाव प्रचार की खर्च सीमा को बढ़ा सकता है (सांकेतिक फोटो)

चुनाव प्रचार के नियमों में कोरोना के चलते किये गये बदलावों की वजह से उम्मीदवार के चुनाव खर्च (campaigning cost) में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है. साथ ही चुनाव आयोग (election commission) के नए दिशा निर्देशों के मुताबिक प्रचार सामाजिक दूरी (social distancing) को ध्यान में रखकर किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 22, 2020, 4:25 PM IST
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नई दिल्ली. विधानसभा के चुनाव और उप चुनावों (Assembly elections and by-elections) के लिए उम्मीदवार (Candidates) ज्यादा पैसा खर्च कर सकते हैं. कोरोना काल (Coronavirus Period) मे प्रचार के नए तरीकों के चलते चुनाव आयोग प्रति उम्मीदवार चुनाव प्रचार खर्च (Election campaigning expenses) की सीमा को बढ़ाकर 28 लाख करने पर विचार कर रहा है. उम्मीदवार का चुनाव सीमा खर्च बढ़ाने का सुझाव राजनीतिक दलों (political parties) की ओर से भी चुनाव आयोग को दिया गया है. चुनाव आयोग, कोरोना काल में प्रचार के नए नियमों के तहत उम्मीदवार का चुनावी खर्च बढ़ाने पर विचार कर रहा है. नये नियमों के मुताबिक घर घर जाकर प्रचार करने के लिए उम्मीदवार को मास्क (Mask), दस्ताने और सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करना है. इसके अलावा सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए डिजिटल प्रचार भी किया जाना है.

इन वजहों से उम्मीदवार के चुनाव खर्च (campaigning cost) में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है. साथ ही चुनाव आयोग के नए दिशा निर्देशों के मुताबिक प्रचार सामाजिक दूरी (social distancing) को ध्यान में रखकर किया जाएगा. कोरोना काल (Coronavirus period) में पूर्व की तरह उम्मीदवार चुनाव प्रचार नहीं कर सकते हैं. चुनाव आयोग (election commission) के सूत्रों के मुताबिक बिहार विधानसभा और उप चुनाव में राजनीतिक दलों (political parties) ने उम्मीदवार की ख़र्च सीमा को 28 लाख से बढ़ाने का सुझाव दिया है.

चुनाव कराने के नियमों में किसी बदलाव से पहले लेनी होती है कानून मंत्रालय की इजाजत
इसी सुझाव के आधार पर ही चुनाव आयोग कोरोना महामारी के चलते खर्च सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रहा है. हालांकि आयोग ने खर्च सीमा को बढ़ाने पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.
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चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव कराने के नियमों में अगर कोई बदलाव किया जाता है तो पहले कानून मंत्रालय की इजाजत भी चाहिए होती है. अभी इसके लिए तमाम पहलुओं पर विचार किया जा रहा है.
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