कोरोना काल में रैलियों की इजाजत पर भड़का मद्रास हाईकोर्ट, कहा- EC के अफसरों पर दर्ज होना चाहिए हत्या का मुकदमा

मद्रास हाईकोर्ट (फाइल फोटो PTI)

मद्रास हाईकोर्ट (फाइल फोटो PTI)

मद्रास हाईकोोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर 2 मई को चुनाव आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित योजना नहीं बनाई तो मतगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी. कोर्ट ने साथ ही कहा- आपकी संस्था कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार है.

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  • Last Updated: April 26, 2021, 3:03 PM IST
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चेन्नई. मद्रास होईकोर्ट (Madras Highcourt) ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर उभरने के दौरान राजनीतिक दलों को चुनावी रैलियों की अनुमति देने को लेकर सख्त फटकार लगाई. मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि 'चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोपों पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए.'

अदालती मामलों की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी ने भारत के चुनाव आयोग से कहा, 'आपकी संस्था कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार है.' मद्रास HC ने चेतावनी दी है कि अगर 2 मई को आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित योजना नहीं बनाई तो मतगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी.

लाइव लॉ के मुताबिक मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है.


हाईकोर्ट ने कहा- कोई जिन्दा रहेगा तब....
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने EC से कहा, 'लोगों का स्वास्थ्य सबसे अहम है और यह चिंताजनक है कि संवैधानिक अधिकारियों को ऐसी बातें याद दिलानी पड़ती है. जब कोई शख्स जीवित रहेगा तभी वह अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का लाभ उठा सकेगा.'



मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 'स्थिति अब अस्तित्व और सुरक्षा की है. इसके बाद सब कुछ आता है.' सुनवाई के दौरान राज्य के स्वास्थ्य सचिव के परामर्श के बाद, HC ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि मतगणना के दिन COVID प्रोटोकॉल लागू करने की योजना को 30 अप्रैल के दिन अदालत के समक्ष पेश किया जाए. मुख्य न्यायाधीश ने आयोग से पूछा, 'क्या आप किसी अन्य ग्रह पर थे जब चुनावी रैलियां आयोजित की गई थीं?'



उम्मीदवार की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने की टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. इस याचिका में अधिकारियों को कोविड-19 नियमों के अनुसार प्रभावी कदम उठाते हुए और उचित प्रबंध करके दो मई को करूर में निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.

याचिकाकर्ता का कहना है कि करूर निर्वाचन क्षेत्र में हुए चुनाव में 77 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई है, ऐसे में उनके एजेंट को मतगणना कक्ष में जगह देना काफी मुश्किल होगा. इससे नियमों के पालन पर असर पड़ सकता है.



निर्वाचन आयोग के वकील ने जब न्यायाधीशों को बताया कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं तो पीठ ने कहा उसने राजनीतिक दलों को रैलियां और सभायें करने की अनुमति देकर कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप का रास्ता साफ कर दिया था.
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