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PM मोदी को क्लीन चिट मामले में लवासा की असहमति सार्वजनिक नहीं होगी, जान को हो सकता है खतरा: EC

News18Hindi
Updated: June 24, 2019, 8:28 PM IST
PM मोदी को क्लीन चिट मामले में लवासा की असहमति सार्वजनिक नहीं होगी, जान को हो सकता है खतरा: EC
चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों पर आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की असहमति वाली टिप्पणियों का खुलासा करने से इनकार कर दिया है.

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों पर आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की असहमति वाली टिप्पणियों का खुलासा करने से इनकार कर दिया है.

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चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों पर आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की असहमति वाली टिप्पणियों का खुलासा करने से इनकार कर दिया है. आयोग का कहना है कि यह ऐसी सूचना है जिससे किसी व्यक्ति का जीवन या शारीरिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.

आरटीआई में हुई थी मांग
हाल में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषणों में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोपों वाली शिकायतों पर किये गए फैसलों पर लवासा ने असहमति ज़ाहिर की थी. चुनाव आयोग ने पुणे के आरटीआई कार्यकर्ता विहार दुर्वे की आरटीआई का जवाब देते हुए यह बात कही.

दुर्वे ने लवासा के असहमति जताने वाली टिप्पणियों को सार्वजनिक करने की मांग की थी. उन्होंने ये मांग वर्धा में एक अप्रैल, लातूर में नौ अप्रैल, पाटन और बाड़मेर में 21 अप्रैल तथा वाराणसी में 25 अप्रैल को हुई रैलियों में पीएम मोदी के भाषण को लेकर की है.

इस नियम का हवाला देते हुए किया इंकार
आयोग ने सूचना के खुलासे से छूट लेने के लिये आरटीआई अधिनियम की धारा 8 (1) (जी) का हवाला दिया. इस अधिनियम के तहत ऐसी किसी भी सूचना का खुलासा करने से छूट मिल जाती है जिससे किसी भी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचता है.

दुर्वे ने इन भाषणों के संबंध में आयोग की अपनाई गई प्रक्रिया और उसके निर्णय के बारे में भी जानकारी मांगी थी. इस सूचना को भी अधिनियम की धारा 8 (1) (जी) का हवाला देते हुए सार्वजनिक करने से मना कर दिया गया.क्या था मामला
गौरतलब है कि चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उनके भाषणों के लिए आयोग की कई ‘क्लीन चिट’ पर असहमति ज़ाहिर की थी.

लवासा ने अपनी असहमति वाली टिप्पणियों को चुनाव आयोग के आदेशों में दर्ज किये जाने की मांग की थी लेकिन ऐसा नहीं होने पर लवासा ने खुद को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों से खुद को अलग कर लिया था.

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मोदी और शाह के खिलाफ की गई शिकायतों में चुनाव आयोग के 11 निर्णयों पर लवासा ने कथित तौर पर असहमति जताई थी. इन निर्णयों में प्रधानमंत्री मोदी और शाह को क्लीन चिट दी गई थी.

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First published: June 24, 2019, 8:04 PM IST
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