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सर्विस वोटर रजिस्ट्रेशन की सुस्त रफ्तार पर चुनाव आयोग ने लगाई विदेश मंत्रालय को फटकार

सर्विस वोटर रजिस्ट्रेशन की सुस्त रफ्तार पर चुनाव आयोग ने लगाई विदेश मंत्रालय को फटकार

File Photo

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सर्विस वोटर्स की नई मतदाता सूची तैयार करने को लेकर बुलाए गए सेमिनार में आज मुख्य चुनाव आयुक्त ने विदेश मंत्रालय को सुस्त रफ्तार के लिए फटकार लगाई.

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सर्विस वोटर्स की नई मतदाता सूची तैयार करने को लेकर बुलाए गए सेमिनार में आज मुख्य चुनाव आयुक्त ने विदेश मंत्रालय को सुस्त रफ्तार के लिए फटकार लगाई. मुख्य चुनाव आयुक्त ने विदेश मंत्रालय से आई प्रतिनिधि को फटकार लगाते हुए कहा कि मुझे जानकारी है कि विदेश मंत्रालय के देश से बाहर नियुक्त अधिकारी अपने कार्यकाल में कभी वोट नहीं डाल पाते. और अब चुनाव आयोग ऐसे वोटर्स को मौका देने के लिए पहल कर रहा है तो उसमें विदेश मंत्रालय की रफ्तार बेहद सुस्त है.

विदेश मंत्रालय से सेमिनार में पहुंची महिला अधिकारी प्रीति सरन ने यह माना कि वह भी अपने 35 साल के कार्यकाल में सिर्फ एक ही बार वोट डाल पाई हैं. सेमिनार में बोलते हुए प्रीति सरन ने कहा कि विदेश मंत्रालय चुनाव आयोग के इस प्रयास को संजीदगी से लेता है और सभी 183 दूतावास में इस काम के लिए रिकार्ड ऑफिसर नियुक्त कर दिए गए हैं और जल्द ही रजिस्ट्रेशन का काम किया जाएगा.

करीब 30 लाख सर्विस वोटर्स के रजिस्ट्रेशन को लेकर चुनाव आयोग ने अंतिम तिथि 25 सितंबर से बढ़ाकर 25 अक्टूबर कर दी है. चुनाव आयोग ने इन दिनों पोस्टल वोट के लिए सेना, अर्धसैनिक बल और विदेश सेवाओं में काम कर रहे लोगों के वोटर लिस्ट रजिस्ट्रेशन के लिए मुहिम छेड़ रखी है ताकि अपनी ड्यूटी पर रहते हुए भी ये लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें. इस मुहिम में अब तक 14.5 लाख सर्विसमैन रजिस्टर हो चुके हैं. चुनाव आयोग को उम्मीद है कि अंतिम तारीख से पहले करीब 25 लाख सर्विस वोटर मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे.

वहीं सेना ने पोस्टल बैलेट और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भेजने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. सेना ने कहा कि हर सैनिक का फॉर्म डाउनलोड करने के लिए अलग पिन जारी किया जाता है जो कि प्रैक्टिकल नहीं है. क्योंकि एक ही टुकड़ी में सैकड़ों सैनिक वोटर हो सकते हैं. लेफ्टिनेंट जनरल आर गोपाल के इस सुझाव पर चुनाव आयोग ने विचार करने का भरोसा दिया.

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Tags: Election commission, Ministry of External Affairs

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