ममता बनर्जी, शरद पवार की पार्टी और CPI को चुनाव आयोग देगा अंतिम मौका!

चुनाव आयोग (Election Commission) की तरफ से तीनों पार्टियों के लिए अलग-अलग से चुनाव आयोग में सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान आयोग तीनों पार्टियों का आमने-सामने पक्ष सुनेगा.

Niraj Kumar | News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 5:38 PM IST
ममता बनर्जी, शरद पवार की पार्टी और CPI को चुनाव आयोग देगा अंतिम मौका!
टीएमसी, एनसीपी और सीपीआई को चुनाव आयोग देगा अंतिम मौका!
Niraj Kumar
Niraj Kumar | News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 5:38 PM IST
चुनाव आयोग (Election Commission) टीएमसी (TMC), एनसीपी (NCP) और सीपीआई (CPI) को राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता के मसले पर पक्ष रखने का एक अंतिम मौका देगा. चुनाव आयोग जल्द ही तीनों पार्टियों को अलग-अलग अपना पक्ष रखने का अलग से मौका देगा. जिसकी तारीख आयोग आने वाले दिनों में तय करेगा. इससे पहले चुनाव आयोग ने तीनों पार्टियों को नोटिस भेजकर पूछा था कि क्यों न तीनों पार्टियों की राष्ट्रीय मान्यता खत्म कर दी जाए? क्योंकि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद तीनों ने राष्ट्रीय पार्टी होने के लिए आवश्यक मापदंड को पूरा नहीं किया है. तीनों पार्टियों ने चुनाव आयोग से कहा था कि उनकी राष्ट्रीय मान्यता खत्म न की जाए.

अब आगे क्या होगा?
पूरे मामले में चुनाव आयोग (Election Commission) की तरफ से तीनों पार्टियों के लिए अलग-अलग चुनाव आयोग में सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान आयोग तीनों पार्टियों का पक्ष सुनेगा. तीनों पार्टियों का पक्ष सुनने के बाद आयोग अंतिम फैसला करेगा. हालांकि, आयोग का मानना है कि तीनों पार्टियों ने राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता खो दी है, लेकिन सुनवाई के दौरान किसी पार्टी की दलील से आयोग को ऐसा लगता है कि कुछ महीनों की या फिर किसी तरह की राहत दी जा सकती है तो फिर आयोग विचार करेगा.

राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता खो चुकी हैं तीनों पार्टियां!

लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद आयोग ने पाया कि राष्ट्रीय पार्टी होने के लिए जो तीन मान्यता हैं उस पर टीएमसी, एनसीपी और सीपीआई खरी नहीं उतरती. आयोग ने तीनों पार्टियों को नोटिस भेजा था.

चुनाव आयोग तीनों पार्टियों के साथ सुनवाई करेगा.
चुनाव आयोग तीनों पार्टियों के साथ सुनवाई करेगा.


टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी का पक्ष!
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टीएमसी ने चुनाव आयोग के नोटिस के जवाब में कहा कि पार्टी को 2014 में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला था इसलिए 2024 तक पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा खत्म न हो और अगले लोकसभा चुनाव के बाद ही चुनाव आयोग आकलन करे. सीपीआई ने चुनाव आयोग से कहा है कि क्योंकि वो देश की सबसे पुरानी पार्टी है और पार्टी का विस्तार देशभर में है इसलिए सिर्फ चुनाव नतीजों के आधार पर मान्यता खत्म न हो, जबकि एनसीपी ने आयोग से मांग की है कि राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता पर फैसला महाराष्ट्र और बाकी राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद करे. महाराष्ट्र में इसी साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होना है और एनसीपी राज्य में एक प्रमुख पार्टी है.

क्या है राष्ट्रीय पार्टी होने के लिए आवश्यक मापदंड?
राष्ट्रीय पार्टी होने के लिए किसी पार्टी को तीन जरूरी शर्तों में से एक को पूरा करना होता है. पहली शर्त है किसी पार्टी को देश के 4 अलग राज्यों में 6 फीसदी वोट प्राप्त हो और लोकसभा की 4 सीट मिलें. दूसरी शर्त ये है की किसी पार्टी को 3 राज्यों से कम से कम लोकसभा की 11 सीट प्राप्त हो. तीसरी शर्त है की किसी पार्टी को अगर देश के 4 राज्यों में राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा मिलता है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलेगा. चुनाव आयोग ने जुलाई महीने में ही तीनों पार्टियों को नोटिस भेजा था और 5 जुलाई तक जवाब देने का वक्त दिया था, जिसके जवाब में तीनों पार्टियों ने अपना पक्ष रखा.

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First published: August 14, 2019, 3:23 PM IST
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