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OPINION: बीजेपी को महाराष्‍ट्र में चुनौती देगा चुनावी मैदान में उदय हुआ शिवसेना का 'आदित्‍य'!

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Updated: October 1, 2019, 4:53 PM IST
OPINION: बीजेपी को महाराष्‍ट्र में चुनौती देगा चुनावी मैदान में उदय हुआ शिवसेना का 'आदित्‍य'!
आदित्‍य ठाकरे की जीत सुनिश्चित करने के लिए शिवसेना अतिरिक्‍त सावधानी बरत रही है.

बाल ठाकरे (Balasaheb Thackeray) के पोते और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बेटे आदित्‍य (Aaditya Thackeray) के चुनावी समर में उतरते ही शिवसेना (Shiv Sena) की ओर से किसी ठाकरे को पार्टी प्रत्‍याशी (Electoral Candidate) नहीं बनाए जाने की परंपरा खत्‍म हो गई है. इससे पहले बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे (Raj Thackeray) में से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा था.

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  • Last Updated: October 1, 2019, 4:53 PM IST
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विनय देशपांडे

मुंबई. 'अगर आप सभी मुझे अनुमति दें तो मैं शिवाजी महाराज, मेरे दादा और मेरे माता-पिता के आशीर्वाद से इस बार चुनाव लड़ूंगा.' बाल ठाकरे (Balasaheb Thackeray) के पोते और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बेटे आदित्‍य (Aaditya Thackeray) ने इन शब्‍दों के साथ अपनी चुनावी पारी शुरू करने का ऐलान कर दिया. मुंबई के लाला लाजपतराय कॉलेज के ऑडिटोरियम में मौजूद हजारों लोगों ने उनकी इस घोषणा पर खूब तालियां बजाईं. शिवसेना नेताओं ने इसे ऐतिहासिक पल करार दिया. शिवसेना (Shiv Sena) के 63 साल के इतिहास में पहली बार ठाकरे परिवार का कोई सदस्‍य चुनाव में बतौर प्रत्‍याशी उतर रहा है.

आदित्‍य के लिए अतिरिक्‍त सावधानी बरत रही है शिवसेना
आदित्‍य ठाकरे की जीत सुनिश्चित करने के लिए शिवसेना अतिरिक्‍त सावधानी बरत रही है. शिवसेना ने न सिर्फ सुरक्षित सीट चुनी, बल्कि वर्ली में एनसीपी (NCP) के नेता और पूर्व विधायक सचिन अहीर (Sachin Ahir) को महीनों पहले ही पार्टी में शामिल कर चुनावी प्रतिद्वंद्विता को लगभग खत्‍म ही कर दिया. आदित्‍य ठाकरे के चुनाव में बतौर प्रत्‍याशी उतरने की घोषणा नई नहीं है, लेकिन इसके कई दूसरे मायने हैं. सबसे पहले इस घोषणा के साथ ही शिवसेना की ओर से ठाकरे परिवार से किसी व्‍यक्ति के चुनाव में नहीं उतरने की लीक टूट गई. बता दें कि बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे (Raj Thackeray) में कोई एक भी चुनाव नहीं लड़ा है.

'जल्‍द मातोश्री के इर्दगिर्द घूमेगी महाराष्‍ट्र की सियासत'
ठाकरे परिवार को हमेशा चुनावी राजनीति (Electoral Politics) से ऊपर देखा जाता था, लेकिन इतिहास रचने के लिए कुछ परंपराएं तोड़ दी जाती हैं. शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि चंद्रयान (Chandrayaan) सफल नहीं हुआ, लेकिन हमारा सूर्ययान (आदित्‍य) 21 अक्‍टूबर के बाद मंत्रालय के छठे माले पर लैंड करने में सफल होगा. बता दें कि सचिवालय के छठे माले पर महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के मुख्‍यमंत्री (CM) का कार्यालय है. उन्‍होंने कहा कि हमें हमारी प्रतिष्‍ठा वापस हासिल करनी होगी. महाराष्‍ट्र की राजनीति बहुत जल्‍द ठाकरे परिवार के आवास मातोश्री के इर्दगिर्द घूमना शुरू करेगी. राउत के मुताबिक, एक समय ऐसा था जब बीजेपी का कोई भी नेता बाला साहेब से मशविरा किए बिना कोई फैसला नहीं लेता था. अब नजारा बदल गया है.

कुछ समय पहले तक बड़े भाई की भूमिका में थी शिवसेना
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कुछ साल पहले तक महाराष्‍ट्र में शिवसेना गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका थी. बाला साहेब ठाकरे बीजेपी को एक समय तक 'कमली' कहते थे. एक बार उन्‍होंने कहा था कि चाहे मैं 'कमली' को दरवाजा दिखता रहूं, वह खिड़की पर खड़ी होकर मेरी तरफ देखती रहती है. महाराष्‍ट्र में बाल ठाकरे को तीखी टिप्‍पणियां करने के लिए जाना जाता था. शिवसेना और बीजेपी के बीच एक अघोषित करार था. इसके तहत शिवसेना मुंबई और तटीय महाराष्‍ट्र को संभालेगी, जबकि शेष महाराष्‍ट्र बीजेपी की जिम्‍मेदारी रहेगा. हालांकि, शिवसेना और उसके समर्थकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा.

गठबंधन के बाद भी विपक्ष जैसा व्‍यवहार करती रही है सेना
महाराष्‍ट्र विधानसभा में बीजेपी की सीटें शिवसेना से तकरीबन दोगुनी हैं. सत्‍ता में साझीदार होने के बाद भी पिछले पांच साल के दौरान शिवसेना ज्‍यादातर बार विपक्षी दल की तरह व्‍यवहार करती रही है. इससे बीजेपी के कई नेताओं के मन में शिवसेना को लेकर कड़वाहट भर गई है. आज हालत ऐसी है कि शिवसेना गठबंधन में अपनी मनमाफिक सीटें भी नहीं मांग सकती है. कुछ नेताओं का कहना है कि बीजेपी शिवसेना को 124 से 117 सीट पर लाना चाहती है. संजय राउत का कहना है कि आदित्‍य ठाकरे के वर्ली विधानसभा सीट से मैदान में उतरने की घोषण के साथ ही माहौल पूरी तरह बदल गया है.

आदित्‍य बोले, मैं राजनीति के अलावा कुछ नहीं कर सकता
राउत ने कहा, आदित्‍य के मैदान में उतरने की घोषणा के बाद बने माहौल को देखकर लग रहा है कि एक एक दिन अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप हमें भी अपने चुनाव प्रचार के लिए बुलाएंगे और हम भी कहेंगे, 'हाउडी आदि.' उन्‍होंने आदित्‍य ठाकरे के लिए कहा कि महाराष्‍ट्र की जनता तुम्‍हें बालासाहेब ठाकरे के सपने पूरे करने के लिए कह रही है. तुम बेजुबान कमजोरों की आवाज बनो. लोग आर्थिक सुस्‍ती से परेशान हैं. मंत्रालय की छठी मंजिल से राज्‍य के परेशान लोगों का नेतृत्‍व करो. आदित्‍य ठाकरे ने कहा कि मैं राजनीति के अलावा कुछ और कर ही नहीं सकता. मैं बचपन से अपने दादा और पिता के साथ लोगों से मिलता रहा हूं.

'समाज के लिए बेहतर करने का सबसे अच्‍छा जरिया है राजनीति'
आदित्‍य ठाकरे ने कहा कि समाज के लिए कुछ बेहतर करने का सबसे अच्‍छा जरिया राजनीति ही है. बीते पांच साल में हमने कई विरोध प्रदर्शन किए. मैं हमेशा सोचता रहा हूं कि शिवसेना के अंदाज में महाराष्‍ट्र की कैसे सेवा की जाए? मैंने सोचा इसके लिए मुझे पार्टी के विधायकों के साथ जुड़ना चाहिए. बता दें कि पहले से ही आदित्‍य ठाकरे के वर्ली या सेवड़ी सीट से चुनाव मैदान में उतरने के कयास लगाए जा रहे थे. दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों को लंबे समय से शिवसेना का गढ़ माना जाता है. जब सचिन अहीर को पार्टी में शामिल किया गया तो साफ हो गया कि पार्टी आदित्‍य को इसी सीट से उतारेगी.

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First published: October 1, 2019, 3:54 PM IST
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