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इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई सौगात, ग्रीन हाईवे में तब्दील होगा यमुना एक्सप्रेस-वे; मिलेंगी ये सुविधाएं

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई सौगात, ग्रीन हाईवे में तब्दील होगा यमुना एक्सप्रेस-वे; मिलेंगी ये सुविधाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीरो कार्बन फुटप्रिंट एयरपोर्ट के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. ऐसे में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले अहम मार्ग को धीरे-धीरे ग्रीन हाईवे में तब्दील किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीरो कार्बन फुटप्रिंट एयरपोर्ट के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. ऐसे में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले अहम मार्ग को धीरे-धीरे ग्रीन हाईवे में तब्दील किया जाएगा.

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ऊर्जा का मुख्य जरिया सौर ऊर्जा (Solar Energy) हो सकती है. इतने बड़े एयरपोर्ट के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में बिजली तैयार करने के लिए परिसर के अंदर ही बड़े सोलर पार्क का निर्माण किया जाएगा. साथ ही अतिरिक्त पैनल को लगाने के लिए एयरपोर्ट बिल्डिंग्स की छतों का इस्तेमाल किया जाएगा. ग्रीन हाईवे में बदले जाने को तैयार यह रास्ता दिल्ली-एनसीआर से मुथुरा, आगरा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को जोड़ता है.

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    नई दिल्ली. जेवर (Jewar) में तैयार होने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के साथ क्षेत्र में कई बदलाव भी नजर आने वाले हैं. इनमें एयरपोर्ट के पास ही मौजूद यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) को खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार किया जाना शामिल है. खबर है कि यह देश का पहला हाईवे होगा, जहां चार्जिंग पॉइंट, बैटरी बदलने की व्यवस्था जैसी इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी कई खास सुविधाएं मौजूद होंगी. फिलहाल, सरकार जलवायु परिवर्तन को लेकर काफी चिंतित नजर आ रही है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीरो कार्बन फुटप्रिंट एयरपोर्ट के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. ऐसे में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले अहम मार्ग को धीरे-धीरे ग्रीन हाईवे में तब्दील किया जाएगा. हवाई अड्डे को लेकर अधिकारियों का कहना है कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुसार, यह ‘जीरो एमिशन’ एयरपोर्ट होगा.

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    इंडिया टुडे के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ऊर्जा का मुख्य जरिया सौर ऊर्जा हो सकती है. इतने बड़े एयरपोर्ट के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में बिजली तैयार करने के लिए परिसर के अंदर ही बड़े सोलर पार्क का निर्माण किया जाएगा. साथ ही अतिरिक्त पैनल को लगाने के लिए एयरपोर्ट बिल्डिंग्स की छतों का इस्तेमाल किया जाएगा. ग्रीन हाईवे में बदले जाने को तैयार यह रास्ता दिल्ली-एनसीआर से मुथुरा, आगरा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को जोड़ता है.

    प्रस्तावित एयरपोर्ट का कुल आकार 5000 हेक्टेयर का है. हालांकि, पहले चरण के निर्माण केवल 1300 हेक्टेयर में किया जाएगा. प्रस्तावित एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा, जहां आठ पट्टियां होंगी. पहले चरण में दो पट्टियों का निर्माण किया जाना है. संभालना जताई जा रही है कि साल 2024 के अंत तक इनमें से करीब एक रनवे का संचालन शुरू हो जाएगा. पहले चरण के निर्माण में अनुमानित लागत 10,050 करोड़ रुपये हैं. जबकि, पूरे एयरपोर्ट का निर्माण 30 हजार करोड़ रुपये में होगा.

    Tags: Electric Vehicles, Jewar, Noida International Airport, Yamuna Expressway

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