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हर गांव में बिजली: चिदंबरम ने PM मोदी के दावे को बताया 'एक और जुमला'

हर गांव में बिजली: चिदंबरम ने PM मोदी के दावे को बताया 'एक और जुमला'

पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की फाइल फोटो

पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की फाइल फोटो

चिदंबरम ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा होगी और इस 'भयावह समस्या' को लेकर युवा नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करेंगे.

    देश के सभी गांवों में बिजली पहुंच जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने 'एक और जुमला' करार दिया है. चिंदबरम ने कहा, 5.80 लाख गांवों में पहले की सरकारों के समय ही बिजली पहुंच चुकी थी और 'प्रधानमंत्री दावा कर रहे हैं कि उनके समय सभी गांवों में बिजली पहुंचाई गई.'

    चिदंबरम ने भारतीय युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में कहा, 'मोदी जी ने चार साल पहले कहा था कि हम बाकी बचे 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचा देंगे. उनसे पूछना चाहिए कि 5,80,000 गांवों में बिजली किसने पहुंचाई? इन गांवों में पिछली सरकारों ने बिजली पहुंचाई है. अब वे ऐसा पेश कर रहे हैं कि सभी गांवों में हमने बिजली पहुंचाई. यह भी एक जुमला है.'

    दरअसल, पीएम मोदी ने रविवार को ट्वीट कर रहा था, 'भारत के सभी गांवों में शनिवार को बिजली पहुंचा दी गई.' आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई 2014 में मोदी के सत्ता संभालने के समय देश में 18,452 गांव बिना बिजली के थे.

    लोकसभा चुनावों में बेरोजगारी होगी सबसे बड़ा मुद्दा
    चिदंबरम ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा होगी और इस 'भयावह समस्या' को लेकर युवा नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करेंगे.

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया जिस वजह से युवाओं ने बड़ी संख्या में भाजपा को वोट दिया. लेकिन हुआ क्या? लोगों को रोजगार मिलने के बजाय पहले की नौकरियां भी चली गईं. इससे युवाओं में आक्रोश है.'


    चिदंबरम ने भारतीय युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नोटबंदी, जीएसटी, महिलाओं को सुरक्षा, कश्मीर की स्थिति और दूसरे कई मुद्दे होंगे, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी का होगा. उन्होंने कहा कि 'बेरोजगारी की भयावह समस्या' को लेकर युवा इस बार नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करेंगे.

    पूर्व वित्त मंत्री ने आरोप लगाया, 'अजीबोगरीब बात यह है कि इस सरकार को रोजगार सृजन करने के बारे में पता ही नहीं है. भारत जैसे देश में जहां बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हैं और लोगों को नौकरी की जरूरत है, लेकिन बहुत सारी वेकैंसीज़ होने के बावजूद उनको भरा नहीं जा रहा.'

    उन्होंने कहा, 'यह कहने में अच्छा लगता है कि नौकरी देने वाले बनो, नौकरी मांगने वाले नहीं. यह सोचिये कि अगर सब नौकरी देंगे तो नौकरी कौन करेगा. दुनिया में ज्यादातर लोग नौकरियां करते हैं. भारत भी अलग नहीं है. दुनिया के हर देश के लिए रोजगार बड़ी चुनौती है.'


    चिदंबरम ने कहा कि अगर पुरुषों के अनुपात में महिलाएं भी नौकरी करें तो भारत की जीडीपी में 900 अरब डॉलर का इजाफा हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है. आप कहीं भी चले जाइए, बड़ी संख्या में ऐसे युवा मिल जाएंगे जिनके पास कोई काम नहीं है.'

    उन्होंने कहा, 'हर सरकारी विभाग में पद खाली हैं. देश में करीब एक लाख ऐसे स्कूल हैं, जिनमें एक शिक्षक हैं. अगर ऐसे हर स्कूल में चार-चार शिक्षकों को नियुक्त कर दिया जाए तो चार लाख लोगों को नौकरी मिल जाएगी.'


    चिदम्बरम ने कहा कि अगर थोड़ा सा दिमाग लगाया जाए तो लाखों लोगों को नौकरी मिल जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में निवेश ना के बराबर है और इस सरकार ने बाजार में 'मांग' को ही खत्म कर दिया है.

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