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ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका और भारत बायोटेक की वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की नहीं मिली मंजूरी

ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 टीके को भारतीय नियामक ने मंजूरी नहीं दी है. (सांकेतिक तस्वीर)
ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 टीके को भारतीय नियामक ने मंजूरी नहीं दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus Vaccine: भारतीय नियामक ने ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका ( Oxford-AstraZeneca Vaccine) और भारत बायोटेक की वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं दी है. नियामक ने इसके इस्तेमाल से पहले और अधिक जानकारी मांगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 9:39 PM IST
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नई दिल्ली. ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका ( Oxford-AstraZeneca Vaccine) और भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की वैक्सीन (Vaccine) के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए नियामक की मंजूरी नहीं मिल सकी है. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (Central Drug Standard Control Organization) के एक शीर्ष सूत्र ने News18 को बताया कि नियामक ने इस संबंध में और जानकारी मांगी है. ऐसा माना जा रहा था कि ब्रिटेन ने वैक्सीन के लिए अपनी अनुमति देने के बाद बुधवार को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोरोना वायरस वैक्सीन को मंजूरी मिल सकती है. भारत में ये वैक्सीन 'कोविशिल्ड' (Covishield) के नाम से आने वाली है.

बता दें ब्रिटेन ने घोषणा की कि उसने ऑक्सफोर्ड कोरोना वायरस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. इससे जुड़ी एक विशेषज्ञ समिति (एसईसी) बुधवार को दोपहर 2 बजे टीके के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) पर बातचीत करने के लिए बैठक कर रही है. इ,में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के आवेदन पर समिति द्वारा विचार किया जाएगा. ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, 'सरकार ने आज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी / एस्ट्राजेनेका के COVID-19 वैक्सीन को अधिकृत करने के लिए मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है.'

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ऑक्सफोर्ड ने सीरम इंस्टीट्यूट के साथ किया है समझौता
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने टीके के उत्पादन के लिए एसआईआई के साथ भी समझौता किया है. ब्रिटेन के दवा नियामक मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेग्युलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने पिछले हफ्ते सरकार के पास जमा कराए दवा परीक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण कर अंतिम अनुमति प्रदान की है.

एसआईआई के मुख्य कार्याधिकारी अदार पूनावाला ने एक बयान में कहा, ‘‘यह उत्साह बढ़ाने वाली खबर है. अब उसे भारतीय नियामकों से भी अंतिम अनुमति मिलने का इंततजार है.’’

एसआईआई दुनिया की सबसे बड़ी टीका विनिर्माता कंपनी है.

यह मंजूरी ऐसे समय दी गई है जब वरिष्ठ ब्रिटिश वैज्ञानिक ने रेखांकित किया है कि ऑक्सफोर्ड का टीका वास्तव में स्थिति बदलने वाला है जिससे वर्ष 2021 की गर्मियों तक वायरस के खिलाफ टीकाकरण कर देश सामुदायिक स्तर पर बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त कर सकता है.

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श्वास रोग विशेषज्ञ और सरकार की आपात व्यवस्था को लेकर गठित वैज्ञानिक सलाहकार समूह के सदस्य प्रोफेसर कालम सेम्पल ने कहा, ‘‘टीका लेने वाले व्यक्ति कुछ हफ्तों में वायरस से सुरक्षित हो जााएंगे और यह बहुत महत्वपूर्ण है.’’

ब्रिटेन ने टीके की करीब 10 करोड़ खुराक के ऑर्डर दिए हैं जिनमें से चार करोड़ खुराक मार्च के अंत तक मिलने की उम्मीद है.
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