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iPhone की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट Wistron Corps ने नहीं दी टाइम पर सैलरी, कर्मचारियों ने दफ्तर में की तोड़फोड़

 iPhone की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रॉन कॉर्प के दफ्तर पर उसके कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शनिवार की सुबह वेतन नहीं करने देने के चलते हमला बोल दिया.
iPhone की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रॉन कॉर्प के दफ्तर पर उसके कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शनिवार की सुबह वेतन नहीं करने देने के चलते हमला बोल दिया.

iPhone की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रॉन कॉर्प के दफ्तर पर उसके कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शनिवार की सुबह वेतन नहीं करने देने के चलते हमला बोल दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 12, 2020, 3:05 PM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित iPhone की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रॉन कॉर्प के दफ्तर पर उसके कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शनिवार की सुबह वेतन नहीं करने देने के चलते हमला बोल दिया. बताया गया कि यह हमला शनिवार सुबह 6.30 बजे उस वक्त हुआ जब आठ हजार कर्मचारियों की शिफ्ट चेंज हो रही थी परिसर के भीतर चीजों को एक जगह से दूसरी जगह लेन जाने के लिए इस्तेमाल में लायी जाने वाली दो गाड़ियों में भी आग लगा दी गई थी. कथित कर्मचारियों ने तोड़फोड़ की, शीशे और दफ्तर के अन्य सामान तोड़ दिए.

आईजीपी सेंट्रल सीमांता कुमार ने कहा, 'घटना आज सुबह हुई जब शिफ्ट चेंज रही थी. हमें बताया जा रहा है कि वेतन न देने को लेकर हाथापाई हुई थी. हम जांच कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज ले चुके हैं. 80 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुके हैं.' उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है.

कंपनी में काम करने वाले आठ हजार कर्मचारियों की शिफ्ट में बदलाव के दौरान यह घटना सुबह 6:30 बजे हुई. Wistron के हजारों कर्मचारी इस कारखाने में iPhones में इस्तेमाल किए गए कुछ हिस्सों की मैन्यूफैक्चरिंग करते हैं. सुबह चार बजे खत्म होने वाली रात की शिफ्ट के दौरान हजारों कर्मचारी परिसर के भीतर अंदर थे. उचित भोजन की कमी और सैलरी ना मिलने की वजह से एक दिन पहले भी नाइट शिफ्ट में कर्मचारियों ने धरना दिया था.



गार्ड रमेश ने क्या बताया?
इन कर्मचारियों ने कथित तौर पर दावा किया कि कई श्रमिकों को 12 घंटे काम करने के लिए कहा गया. लेकिन हर दिन पेमेंट सिर्फ 200-300 रुपये दी गई और उनकी शिफ्ट केवल 7-8 घंटे ही नोट हुई.

परिसर के सुरक्षा गार्ड राजेश के मुताबिक लोग सुबह 5.30 बजे ही यहां इकट्ठा होने लगे थे. राजेश ने कहा कि कर्मचारी कह रहे थे कि उन्हें सही वेतन नहीं मिला है. कुछ लोगों का कहना है कि पिछले दो या तीन महीनों से समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया गया था. मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन ये सभी लोग बहुत गुस्से में थे.
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