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कर्नाटक: Iphone के पार्ट्स बनाने वाली कंपनी के कर्मचारियों का उपद्रव, सैलरी का है मामला

गुस्साए कर्मचारियों ने जमकर तोड़फोड़ की है.
गुस्साए कर्मचारियों ने जमकर तोड़फोड़ की है.

Karnataka: ट्रेड यूनियन के एक नेता ने बताया कि अनुबंध पर रखे गए अधिकतर कर्मचारियों को 'समय' पर तनख्वाह नहीं दी जाती है और वेतन में कटौती को लेकर उनकी चिंताएं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 12, 2020, 4:48 PM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक में बेंगलुरु के करीब आईफोन (Iphone) के कुछ पार्ट्स का निर्माण करने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों ने 'तनख्वाह' से संबंधित मसले को लेकर शनिवार को इकाई में उपद्रव मचाया. ये कर्मचारी विस्ट्रॉन कॉर्पोरेशन (Wistron Corp) के लिए काम करते हैं, जिसका मुख्यालय ताइवान में है. पुलिस ने शुरुआती जानकारी के हवाले से बताया कि कोलार जिले के नरसापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इकाई के कर्मचारियों ने परिसर में कारों को पलट दिया और फर्नीचर को क्षतिग्रस्त किया.

पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 'वेतन' संबंधी मसलों को लेकर कर्मचारियों ने पथराव किया, खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए, गाड़ियों, फर्नीचर, कंप्यूटर और लैपटॉप को नुकसान पहुंचाया. फैक्ट्री में सामान की आवाजाही के लिए इस्तेमाल में आने वाली दो गाड़ियों को भी आग लगा दी. कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, हिंसक घटना में कई कर्मचारी शामिल थे. संपर्क करने पर कंपनी की ओर से घटना और 'वेतन मसलों' (Salary Problems) पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी गई.

ट्रेड यूनियन के एक नेता ने बताया कि अनुबंध पर रखे गए अधिकतर कर्मचारियों को 'समय' पर तनख्वाह नहीं दी जाती है और वेतन में कटौती को लेकर उनकी चिंताएं हैं. विस्ट्रॉन कॉर्पोरेशन ऐप्पल के लिए आईफोन 7, लेनोवो, माइक्रोसॉफ्ट समेत अन्य के लिए आईटी उत्पाद बनाती है. आईजीपी सेंट्रल सीमांत कुमार ने बताया 'यह घटना अल सुबह घटी, जब शिफ्ट बदल रहीं थीं. हमें यह बताया गया है कि सैलरी नहीं दिए जाने के चलते हाथापाई हुई थी.' कुमार ने बताया 'हम गंभीरता से मामले की जांच कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज ले लिए गए हैं.' उन्होंने बताया 'इस मामले में 80 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.'



एक दिन पहले ही हुआ था धरना
आईफोन के कुछ पार्ट्स तैयार करने वाली कंपनी विस्ट्रॉन के हजारों कर्मचारी रात को फैक्ट्री के अंदर थे. यह शिफ्ट सुबह 4 बजे खत्म होती है. इससे एक दिन पहले पूरा पैसा नहीं मिलने और खाना नहीं दिए जाने के चलते कर्मचारियों ने धरना दिया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कर्मचारियों ने दावा किया है कि कुछ लोगों से 12 घंटे काम कराया जाता है. जबकि, पैसा केवल 200-300 रुपए प्रतिदिन मिलता है और शिफ्ट 7-8 घंटे की रिकॉर्ड की जाती है.

सिक्युरिटी गार्ड राजेश के मुताबिक, सुबह 5.30 बजे लोग इकट्ठे होने लगे थे. उन्होंने बताया 'कर्मचारी यह कह रहे थे कि उन्हें सही सैलरी नहीं मिल रही है. कुछ का कहना था कि बीते दो या तीन महीनों से उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है. मुझे ज्यादा नहीं पता.' राजेश के अनुसार, 'ये सभी लोग काफी गुस्से में थे. उन्होंने कांच और कैमरा तोड़ दिया, दो गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया.'

(भाषा इनपुट के साथ)
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