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गुरमेहर कौर को मिला 'दुश्मन देश' पाकिस्तान से भाई का साथ

गुरमेहर कौर को मिला 'दुश्मन देश' पाकिस्तान से भाई का साथ

दिल्ली के रामजस कॉलेज विवाद में एक नाम सबसे ज्यादा मीडिया के सुर्खियों में रहा वो है गुरमेहर कौर. 22 फ़रवरी, 2017 को उन्होंने एबीवीपी के इस पूरे विवाद में उनकी भूमिका के खिलाफ फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर बदली थी. सोशल मीडिया में एबीवीपी के विरोध का यह तरीका हाथों-हाथ लिया.

दिल्ली के रामजस कॉलेज विवाद में एक नाम सबसे ज्यादा मीडिया के सुर्खियों में रहा वो है गुरमेहर कौर. 22 फ़रवरी, 2017 को उन्होंने एबीवीपी के इस पूरे विवाद में उनकी भूमिका के खिलाफ फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर बदली थी. सोशल मीडिया में एबीवीपी के विरोध का यह तरीका हाथों-हाथ लिया.

दिल्ली के रामजस कॉलेज विवाद में एक नाम सबसे ज्यादा मीडिया के सुर्खियों में रहा वो है गुरमेहर कौर. 22 फ़रवरी, 2017 को उन्होंने एबीवीपी के इस पूरे विवाद में उनकी भूमिका के खिलाफ फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर बदली थी. सोशल मीडिया में एबीवीपी के विरोध का यह तरीका हाथों-हाथ लिया.

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    दिल्ली के रामजस कॉलेज विवाद में एक नाम सबसे ज्यादा मीडिया के सुर्खियों में रहा वो है गुरमेहर कौर. 22 फरवरी, 2017 को गुरमेहर ने एबीवीपी की कथित भूमिका के खिलाफ फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर बदली थी. गुरमेहर द्वारा विरोध करने के इस तरीके को  मीडिया में हाथों-हाथ लिया गया और महज कुछ घंटों  में गुरमेहर कौर "मैं एबीवीपी से नहीं डरती हूं" सोशल मी़डिया पर ट्रेंड करने लगा.

    लेकिन गुरमेहर कौर को विरोध के इस तरीके का साइड-इफेक्ट भी उठाना पड़ा. गुरमेहर की उस तस्वीर पर हंगामा मच गया जिसमें वो एक प्लेकार्ड लिए खड़ी हैं. उस पर अंग्रेज़ी में लिखा है, ''पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, बल्कि जंग ने मारा." इस संदेश पर गुरमेहर कौर को ट्रोल का सामना करना पड़ा.

    अपने पिता को कारगिल युद्ध में मौत का जिम्मेदार पाकिस्तान के बजाय युद्ध को घोषित करने पर गुरमेहर को सोशल मीडिया में ट्रोल का शिकार होना पड़ा. 20 साल की गुरमेहर कौर की आलोचना करने वालों में वीरेंद्र सहवाग भी शामिल थे, लेकिन पाकिस्तान के फैयाज खान ने गुरमेहर का साथ दिया है.

    फैयाज ने गुरमेहर कौर की ही तरह एक वीडियो बना कर संदेश दिया है. जो पाकिस्तान में काफी वायरल हो रहा है. फैयाज फिलहाल ऑस्ट्रेलिया रहते हैं लेकिन उनकी पैदाइश पाकिस्तान के स्वात की है. स्वात पाकिस्तान का वह हिस्सा है जहां  पिछले कई सालों से तालिबान चरमपंथियों का गढ़ रहा है.

    क्या मैसेज दे रहे हैं  फैयाज-

    हम सब को आपके पिता की मौत पर अफसोस है. मेरा बचपन पाकिस्तान के स्वात क्षेत्र में बीता है. बचपन मे मैंने जंग को करीब से समझा है. हालांकि इस माहौल की वजह से मैंने किसी अपने को नहीं खोया है, लेकिन हमारे आसपास बहुत सी गुरमेहर कौर हैं. मैं भारत आना चाहता हूं, वो भी बिना वीजा के. हम क्यों नहीं इन बंदिशों के खिलाफ जंग लड़ें. हम दोनों मुल्कों में अमन बहाली के लिए जंग क्यों नहीं कर सकते ताकि आने वाले वक्त में फिर कोई गुरमेहर कौर को अपने पिता को ना गंवाना पड़े. हम ऐसे रिश्ते की बुनियाद डालने की कोशिश करते हैं जहां मुस्लिम हमारा भाई हो और एक सिख मेरी बहन हो.



    आपको बता दें कि गुरमहर कोर पिता इंडियन सेना में कैप्टन थे और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान वो शहीद हो गये थे. मगर गरमहर अपने पिता की मौत का जिम्मेदार जंग को करार देती हैं और जंग की बजाय शांति के लिए अभियान चला रही हैं. लेडी श्रीराम कॉलेज में गुरमेहर कौर ने अपने संदेश में कहा था कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं जंग ने मारा था.

    गुरमेहर कौर का पूरा विडियो जिस एक हिस्सा दिखाकर उन्हें ट्रोल किया गया था-


    रिपोर्टों के अनुसार गुरमेहर कौर ने पाकिस्तान के हवाले से यह पोस्टर एक साल पहले यूट्यूब पर जारी किया था, जिस पर उन्हें रेप की धमकी दी गई थी जिसकी शिकायत दिल्ली महिला आयोग में दी गई है.

    भारत और पाकिस्तान दोनों ही मुल्कों में एक तबका ऐसा है जो एक दूसरे से नफरत करता है लेकिन वहीं गुरमेहर कौर और फैयाज खान जैसे लोग भी है जो जंग और नफरत के शोर में अमन की बात करने का हौंसला रखते हैं. लेकिन अफसोस यही है एक बड़ा तबका इस आवाज को कभी धमकियों से और कभी ट्रोल के जरिया दबाता ही है.

    Tags: Gurmehar kaur

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