होम /न्यूज /राष्ट्र /एबीजी शिपयार्ड घोटाले में ईडी की 24 जगहों पर छापेमारी, प्रमोटर ऋषि कमलेश के घर और ऑफिस पर भी रेड

एबीजी शिपयार्ड घोटाले में ईडी की 24 जगहों पर छापेमारी, प्रमोटर ऋषि कमलेश के घर और ऑफिस पर भी रेड

एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी ऋषि कमलेश अग्रवाल ने कुछ अन्‍य लोगों के साथ मिलकर 2012 से 2017 के बीच 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया (सांकेतिक तस्वीर)

एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी ऋषि कमलेश अग्रवाल ने कुछ अन्‍य लोगों के साथ मिलकर 2012 से 2017 के बीच 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया (सांकेतिक तस्वीर)

ABG Shipyard Scam: एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड की शुरुआत 15 मार्च 1985 को हुई थी. गुजरात के दाहेज और सूरत में एबीजी समूह की ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. एबीजी शिपयार्ड बैंकिंग घोटाले केस में इस वक्त ईडी की टीम बड़े पैमाने पर छापेमारी कर रही है. कहा जा रहा है कि 24 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. जिसमें प्रमोटर ऋषि कमलेश का घर और ऑफिस भी शामिल है. धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के इस घोटाले में मुंबई, पुणे और सूरत के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी चल रही है. कहा जा रहा है कि एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी ऋषि कमलेश अग्रवाल ने कुछ अन्‍य लोगों के साथ मिलकर 2012 से 2017 के बीच 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया.

मंगलवार 26 अप्रैल की सुबह सुबह करीब सात बजे से ये छापेमारी शुरू हो गई. शुरुआती तफ़्तीश के बाद सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने इसी साल फरवरी महीने में करीब 22 हजार करोड़ के बैंक घोटाले का मामला दर्ज किया था. जिसके बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED) ने उस मामले में आगे की कार्रवाई को अंजाम देते हुए मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला टेकओवर कर लिया. यानी अब ईडी भी इस मामले में विस्तार से तफ्तीश कर रही है. इससे पहले सीबीआई की टीम ने मुंबई, गुजरात सहित मुख्य प्रमोटर ऋषि अग्रवाल के लोकेशन सहित कई अन्य जगह पर छापेमारी की थी.

मामला दर्ज
सीबीआई मुख्यालय में कार्यरत एक अधिकारी के मुताबिक ये मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा दिए गए शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक मेसर्स एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड नाम की कंपनी द्वारा बैंक लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है. सीबीआई के मुताबिक मेसर्स एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड कंपनी और उसके निदेशकों द्वारा तकरीबन 28 बैंकों के साथ फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था. लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 28 बैंकों के द्वारा एक आवेदन सीबीआई को दिया गया और मुख्य शिकायतकर्ता के तौर पर स्टेट बैंक के अधिकारी ने आरोपियों और उसके कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया.

लुक आउट सर्कुलर
इस बैंक घोटाला को दर्ज करने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने कुछ समय पहले एक औपचारिक तौर पर लिखित बयान देते हुए बताया था कि इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है. यानी आरोपी जहां कहीं भी छुपा हुआ होगा ,वो वहां से किसी अन्य देश में भाग नहीं सकता है , लिहाजा इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एलओसी खोला गया था.

Tags: Banking scam

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें