AAI में फर्जीवाडा मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 9 लोकेशन पर मारा छापा

AAI में फर्जीवाडा मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 9 लोकेशन पर मारा छापा
4 अप्रैल 2006 को AAI ने मुंबई एयरपोर्ट के आधुनिकरण के लिए मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ एक एग्रीमेंट किया. इसी मामले में फर्जीवाडे का आरोप है.

ये मामला मुंबई से जुड़ा हुआ है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संस्था (AAI) पर एयरपोर्ट को अपग्रेडिंग, एयरपोर्ट की रख-रखाव की व्यवस्था, सिविल एविएशन इंफ्राक्टेक्चर को और बेहतर बनाने का जिम्मा होता है. लेकिन, इसमें कुछ आरोपी अधिकारियों की साजिश से बहुत बड़े फर्जीवाडे (Airport Authority of India Fraud Case) को अंजाम दिया गया.

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नई दिल्ली. केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय (Aviation Ministry) के अंतर्गत आने वाली संस्था एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के कई कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने 25 जून को फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया था. अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने औपचारिक तौर पर उस केस को टेकओवर करने के बाद 28 जुलाई को मुंबई, हैदराबाद सहित कुल 9 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन किया.

ये मामला मुंबई से जुड़ा हुआ है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संस्था (AAI) पर एयरपोर्ट को अपग्रेडिंग, एयरपोर्ट की रख-रखाव की व्यवस्था, सिविल एविएशन इंफ्राक्टेक्चर को और बेहतर बनाने का जिम्मा होता है. लेकिन, इसमें कुछ आरोपी अधिकारियों की साजिश से बहुत बड़े फर्जीवाडे को अंजाम दिया गया.

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ये मामला एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी (JVC) का मामला है, जो AAI द्वारा पीपीपी (PUBLIC PRIVATE PARTNERSHIP) के तहत बनाई गई मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) से जुड़ा है. इस जॉइंट वेंचर को मुंबई एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण, अपग्रेडेशन और मेंटेननेंस के लिए बनाया गया था. इसमें 50.5 प्रतिशत का शेयर GVK एयरपोर्ट होल्डिंग लिमिटेड के पास था, जबकि 26 प्रतिशत AAI के पास था. बाकी शेयर विदेशी कंपनियों के पास थे.
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4 अप्रैल 2006 को AAI ने मुंबई एयरपोर्ट के आधुनिकरण के लिए मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ एक एग्रीमेंट किया. इसी मामले में फर्जीवाडे का आरोप है. सीबीआई ने पाया कि बिना कामकाज किए ही कागजों में मात्र खानापूर्ति कर दी गई. इस मामले में करीब 200 एकड़ जमीन पर जो निर्माण कार्य करने थे, उसमें भी फर्जीवाडे को अंजाम दिया गया था. इसके साथ ही उस कार्य को करने के लिए जो एग्रीमेंट किए थे वो मात्र कागजों तक ही सीमित रह गया.

इस मामले में मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अतिरिक्त फंड से करीब 395 करोड़ रुपये निकाल लिए गए. इसका इस्तेमाल GVL ग्रुप ऑफ कंपनी में उसके वित्तीय लेनदेन के लिए करने का आरोप है. सीबीआई द्वारा दर्ज केस में ये कहा गया है कि मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के खर्चे को काफी बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया, जिससे फंड्स का गबन किया जा सके.

सीबीआई की टीम को ये भी जानकारी मिली है कि इसी साजिश के तहत मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड का इनकम काफी कम दिखाया गया. इन सभी फर्जीवाडों की वजह से सरकारी कोष को करीब 705 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और आरोपियों को गलत तरीके से फायदा मिला. एफआईआर के मुताबिक, AAI को इस मामले में काफी बड़े तौर पर आर्थिक तौर पर नुकसान हुआ है.

सीबीआई के बाद अब ED की तफ्तीश शुरू
CBI की टीम ने मुंबई स्थित GVK ग्रुप के ऑल टाइम निदेशक जी. वेंकट कृष्णा रेड्डी और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड कंपनी सहित कई निदेशकों और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. अब ED ने भी मामले की तफ्तीश शुरू कर दी. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक इस पूरे मामले में ये नामजद आरोपी हैं:-

1. जीवीके रेड्डी
2. मेसर्स जी वी के एयरपोर्ट होल्डिंग
3. मेसर्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड
4. वेंकट कृष्णा रेड्डी
5. वेंकट संजय रेड्डी, मैनेजिंग डायरेक्टर MIAL
6. मेसर्स एशवर्यागिरी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
7. मेसर्स एसबीके ट्रेड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटे़ड
8. मेसर्स एक्वाटेक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
9. मेसर्स एमवी ओमनी प्रोजेक्टस (इंडिया) लिमिटेड
10. मेसर्स रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड
11. मेसर्स नाइस प्रोजेक्टस लिमिटेड
12. मेसर्स अदिति इंफ्राबिल्ड एंड सर्विस लिमिटेड
13. कई अज्ञात सरकारी कर्मचारी और अधिकारी

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सीबीआई के मुताबिक ये मामाला करीब 705 करो़ड़ रुपये का है. इस फर्जीवाडे में कई कंपनियों को सीबीआई ने आरोपी के तौर पर एफआईआर में दर्ज किया है. एफआईआर में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के कई अधिकारियों और कर्मचारिय़ों सहित नौ अन्य प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी आरोपी के तौर पर नामजद किया है. आने वाले वक्त में उन दर्जनों आरोपियों से सीबीआई की टीम पूछताछ करेगी.
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