लाइव टीवी

हम चांद पर नहीं भाग सकते, जनता के बड़े हिस्से में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की जरूरत: महामारी विशेषज्ञ

News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 9:52 PM IST
हम चांद पर नहीं भाग सकते, जनता के बड़े हिस्से में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की जरूरत: महामारी विशेषज्ञ
लॉकडाउन के चलते घर लौटे मजदूर फैला सकते हैं कोरोना वायरस.

डॉ जयप्रकाश मुलियिल (Dr Jayaprakash Muliyil) ने कहा है कि बीमारी को कम करने के दिन खत्म हो चुके हैं और देश को प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) विकसित करने की ओर बढ़ने की जरूरत है.

  • Share this:
नई दिल्ली. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर (Vellore) के पूर्व प्रिंसिपल डॉ जयप्रकाश मुलियिल देश के बड़े महामारी विशेषज्ञों (Epidemiologist) में से एक हैं. पूर्व में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की कई सलाहकार समितियों में शामिल रह चुके मुलियिल ने दशकों तक संक्रामक बीमारियों के बारे में गहरी रिसर्च की है. मुलियिल बताते हैं कि बीमारी को कम करने के दिन खत्म हो चुके हैं और देश को प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) विकसित करने की ओर बढ़ने की जरूरत है.

पढ़ें अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए डॉ जयप्रकाश मुलियिल (Dr Jayaprakash Muliyil) के एक इंटरव्यू (Interview) के अंश-

21 दिन के लॉकडाउन के बाद, सरकार राज्यों से इससे निकलने का एक प्लान बनवाना चाहती है. हमें इस दूसरे चरण में किस तरह प्रवेश करना चाहिए?
इस पूरी रणनीति का मूल एक महत्वपूर्ण चीज को पहचानने पर टिका है, वह है कि मामलों को खोजा जाए और ऐसे लोगों को अलग किया जाए, हम इस तरह इसे रोकने में सफल नहीं होंगे. इसलिए वायरस को रोक पाने का सवाल ही नहीं है. अगला कदम क्या है? कि हम मामलों को आने दें और उन लोगों को अतिरिक्त स्वास्थ सहायता (Additional Health Support) दें जिन्हें इसकी जरूरत है और उनकी देखभाल करें. हालांकि इससे इतने ज्यादा मामले सामने आ जाएंगे कि स्वास्थ्य सेवाएं कम पड़ जाएंगी और हम उनकी देखभाल करने में असफल हो जाएंगे. ऐसी परिस्थिति में हम क्या कर सकते हैं?



हमें पूछना चाहिए कि क्या समस्या को रोकने का कोई दूसरा तरीका है? 2009 में, H1N1 इंफ्लुएंजा (H1N1 influenza) नाम की एक महामारी हुई. इसका क्या हुआ? यह आई, 2-3 महीने रही और अचानक से गायब हो गई. उस दौर में हमने जो भी किया, उसका कोई असर नहीं हुआ. वह चली गई. क्यों? ऐसा एक स्तर की हर्ड इम्युनिटी के चलते हुआ जो इंफेशन के चलते पैदा हुई. इसलिए हमारी एकमात्र आशा यह है कि अपने आप ही वायरस इस रास्ते पर चला जाए, हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity) के जरिए. दुर्भाग्यवश, हम इसे लेकर निश्चित नहीं हैं कि जनसंख्या के कितने हिस्से को इसका संक्रमण होगा कि इससे प्रति प्रतिरोधक क्षमता के स्तर पर पहुंचा जा सके. इसके बाद, जादुई तरह से यह संक्रमण गायब होगा.



क्या है हर्ड इम्युनिटी?
हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity) ऐसी प्रतिरोधक क्षमता होती है जिससे जनसंख्या (Population) के बड़े हिस्से को किसी संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोधी बना दिया जाता है. ऐसा पहले हुए इंफेक्शन से भी होता है और वैक्सीन (Vaccine) के जरिए भी.

बुजुर्गों को बचाएं और युवाओं को होने दें संक्रमित
लेकिन तब समस्या होगी कि उचित अनुपात (Reasonable Ratio) क्या होना चाहिए. मान लीजिए कि यह 50 से 60 फीसदी होता है लेकिन इसके लिए हमें सिस्टम से अच्छी मात्रा मे डेटा चाहिए होगा क्योंकि यह बहुत जरूरी है. लेकिन अगर 60 फीसदी जनता संक्रमित हो जाती है तो उसमें से कितने मरेंगे? जब यह आंकड़ा सामने रखा जाएगा तो यह बात स्वीकार्य नहीं लगेगी. तुरंत आपको लगेगा कि इसका एक अन्य उपाय भी है. जिसके अनुसार वायरस अपेक्षाकृत कम उम्र के लोगों के शरीर पर कमजोर बीमारी के जैसे असर करता है और 60 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों की मरने की दर ज्यादा है. अब आप जनसंख्या को देखें तो देश में 12.5% लोग 55 साल की उम्र से अधिक के हैं.

इसका मतलब हुआ कि 87.5% लोग ऐसे हैं, जिन्हें युवा कहा जा सकता है. तो अगर आप बुजुर्गों को देखरेख में रखते हैं और युवाओं को संक्रमण होने देते हैं, लेकिन बहुत तेज नहीं बल्कि धीरे-धीरे तो यह तरीका काम कर सकता है. इसे होने दीजिए, बहुत भीड़ मत जुटने दीजिए. एक-दूसरे से दूरी रखिए. काम जारी रखिए, इंडस्ट्री फिर से शुरू कीजिए. खेती की गतिविधियां शुरू कीजिए और उसी समय युवा लोगों को संक्रमण से उबरने दीजिए. जब प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कथित सुरक्षित स्तर तक विकसित हो जाएगी या हर्ड इम्युनिटी पैदा हो जाएगी, हम कह सकते हैं कि बीमारी पर लगाम लगा दी गई है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि यह वापस नहीं आएगी. यह किसी दूसरे साल वापस आ सकती है लेकिन तब तक हमारे पास इसके लिए वैक्सीन (Vaccine) होगी.

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने लॉकडाउन के बाद के लिए बनाई रणनीति, जानिए क्या है उनका प्लान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 9:52 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading