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पाकिस्तान जा रहे चीनी जलयान पर मिला मिसाइल बनाने का उपकरण, वैज्ञानिकों को परमाणु प्रसार का शक

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Updated: February 18, 2020, 11:48 PM IST
पाकिस्तान जा रहे चीनी जलयान पर मिला मिसाइल बनाने का उपकरण, वैज्ञानिकों को परमाणु प्रसार का शक
इस जलयान पर हांगकांग का झंडा लगा हुआ है (सांकेतिक तस्वीर)

सरकारी सूत्रों (Government Sources) ने बताया, जहाज पर मिले उपकरण के आकार और उसकी लंबाई को देखते हुए शुरुआती तौर पर इसके एक ऑटोक्लेव मशीन (Autoclave Machine) होने का शक हुआ था जो कि एयरोस्पेस इंडस्ट्री (Aerospace Industry) में प्रयोग की जाती है.

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  • Last Updated: February 18, 2020, 11:48 PM IST
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नई दिल्ली. सरकारी सूत्रों (Government Sources) ने जानकारी दी है कि खुफिया एजेंसियों ने कराची जा रहे एक जलयान (Vessel) की तलाशी ली. इस चीनी जलयान को कांडला बंदरगाह (Kandla Port) पर मंगलवार को परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) होने के शक में पकड़ा गया था. सरकारी सूत्रों ने बताया कि उन्हें इस जलयान पर पाए गए उपकरणों को देखकर उन्हें जलयान के जरिए परमाणु हथियारों का प्रसार किए जाने का शक था.

सरकारी सूत्रों ने बताया, जहाज पर मिले उपकरण के आकार और उसकी लंबाई को देखते हुए शुरुआती तौर पर इसके एक ऑटोक्लेव मशीन (Autoclave Machine) होने का शक हुआ था जो कि एयरोस्पेस इंडस्ट्री में प्रयोग की जाती है. खास कर इसका प्रयोग उच्च-प्रदर्शन वाले कम्पोजिट बनाने के लिए भी किया जाता है, जिसका प्रयोग बैलेस्टिक मिसाइलों (Ballistic Missiles) के आगे का हिस्सा बनाने के लिए किया जा सकता है. इसने परमाणु हथियारों के प्रसार के शक को बढ़ा दिया था. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने अपने मिसाइल और विस्फोटक से संबंधित प्रयोगशालाओं में काम करने वाले वैज्ञानिकों की एक टीम को इस उपकरण की जांच में लगाया था.

सोमवार से ही जलयान की जांच कर रही है DRDO की टीम
खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की एक टीम, डीआरडीओ वैज्ञानिकों की एक टीम और कस्टम के अधिकारी फिलहाल कराची (Karachi) जाने वाले जलयान पर इस उपकरण की जांच में जुटे हुए हैं.



इस चीनी जलयान की जांच करने के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिक सोमवार को ही गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच गए थे. तब यह जलयान पाकिस्तान (Pakistan) के कराची शहर के कासिम बंदरगाह के लिए रवाना होने वाला था. जलयान पर मौजूद क्रू ने इस ऑटोक्लेव को ड्रायर बताते हुए चेकिंग से बचने का प्रयास भी किया था.

मिसाइलों की लॉन्चिंग में बी काम आता है ऑटोक्लेव
इस जलयान पर हांगकांग (Hong Kong) का झंडा लगा हुआ है और यह एक ऐसी मशीन को लेकर जा रहा है जिसका प्रयोग बैलेस्टिक मिसाइलों की लॉन्चिंग में किया जाता है. सूत्रों ने सोमवार को ही यह जानकारी दी थी.

ऑटोक्लेव- 18x4 मीटर की लंबाई-चौड़ाई का एक उपकरण होता है- जो दरअसल एक प्रेशर चैंबर होता है और इसे सिविलियन (यानि वैज्ञानिक और औद्योगिक) के साथ ही मिलिट्री कार्यों (Military purposes) में भी प्रयोग किया जा सकता है

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First published: February 18, 2020, 11:34 PM IST
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