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महाराष्ट्र में सब तैयारियों के बाद भी आखिर कहां चूक गई शिवसेना

महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस साथ मिलकर सरकार गठन की कर रही थीं तैयारी.

महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस साथ मिलकर सरकार गठन की कर रही थीं तैयारी.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के मास्टरस्ट्रोक के आगे शिवसेना (Shiv Sena) और उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव (Assembly elections) के नतीजे आने के बाद से ही शिवसेना (Shiv Sena) ने अपना मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनाने की कोशिशें तेज कर दी थीं. शिवसेना के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) लगातार ये बयान दे रहे थे कि मुख्यमंत्री तो शिवसेना का ही होगा. इसके लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) हर दाव खेलने को तैयार थे, चाहे बात एनसपी (NCP) से समर्थन लेने की हो या कांग्रेस (Congress) के साथ हाथ मिलाने की. हालांकि शिवसेना सरकार नहीं बना पाई. बीजेपी के मास्टर स्ट्रोक के आगे शिवसेना और उद्धव ठाकरे की तैयारी धरी की धरी रह गई. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर शिवसेना और उद्धव ठाकरे से कहां चूक हो गई.

क्या कांग्रेस की देरी के कारण बिगड़ा खेल
पिछले एक पखवारे से शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में लगी थी, लेकिन सोनिया गांधी और शरद पवार के बीच मुलाकात की तारिख लगातार टल रही थी. कांग्रेस जहां शिवसेना के साथ जाने का फैसला एनसीपी पर टालना चाहती थी, वहीं एनसीपी इसे कांग्रेस और एनसीपी दोनों का फैसला बताना चाहती थी. इस बीच अचानक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एनसीपी की तारिफ कर बीजेपी-एनसीपी सरकार की अटकलों को बल दे दिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शरद पवार की मुलाकात से एनसीपी के विधायकों के मन में उहापोह की स्थिति खड़ी हो गई और एनसीपी और बीजेपी के बीच बातचीत का रास्ता खुल गया. इसका सीधा फायदा अजित पवार ने उठाया और बीजेपी को समर्थन दे दिया.

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क्या अजित की चाल नहीं समझ पाए शरद पवार
शरद पवार को राजनीति में कभी विश्वसनीय साथी नहीं माना जाता. राजनीति के जानकार ये जानते हैं कि शरद पवार को धोखा देना भी आसान नहीं है लेकिन पिछली तीन घटनाएं ये बताने के लिए काफी हैं कि शरद पवार और अजित पवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था. लोकसभा चुनाव के दौरान जहां शरद पवार से पूछे बिना अजित पावर के बेटे पार्थ ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था, वहीं शरद पवार को ईडी की नोटिस मिलने के तुरंत बाद अजित पवार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसकी खबर शरद पवार को मीडिया से लगी. शुक्रवार शाम भी चौकान वाला खुलासा करते हुए अजित पवार ने शरद पवार से कहा कि वो बीजेपी से बातचीत कर रहे हैं और बीजेपी को समर्थन देना चाहते हैं, लेकिन शरद पवार ने इसके बाद भी कोई फौरी कार्रवाई नहीं कि और अजित पवार को विधानमंडल दल का नेता बने रहने दिया.

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Tags: BJP, Devendra Fadnavis, Maharashtra, Maharashtra asembly election 2019, Maharashtra Assembly Election 2019, NCP, Sanjay raut, Shiv sena

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