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Etawah News: सपा नेता के भाई के हत्याकांड का खुलासा, तीन हत्यारोपी गिरफ्तार

इटावा जिले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सभासद के भाई जितेंद्र वर्मा उर्फ मौनू की हत्या का राज खुल गया है. इटावा पुलिस ने घटना के तीन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए हैं.

इटावा जिले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सभासद के भाई जितेंद्र वर्मा उर्फ मौनू की हत्या का राज खुल गया है. इटावा पुलिस ने घटना के तीन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए हैं.

इटावा जिले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सभासद के भाई जितेंद्र वर्मा उर्फ मौनू की हत्या का राज खुल गया है. इटावा पुलिस ने घटना के तीन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए हैं. पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की है, जिसमें उन्होंने कत्ल की वजह पुरानी रंजिश बताई है.

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इटावा. उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) के इटावा ( Etawah ) जिले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सभासद के भाई जितेंद्र वर्मा ( Jitendra Verma) उर्फ मौनू की हत्या की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत कबीरगंज में समाजवादी पार्टी के पूर्व सभासद के भाई की हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. हत्या का कारण पुरानी रंजिश बताया गया. इस घटना के बाद से ही पुलिस को हत्यारोपियों की तलाश थी और गिरफ्तारी के बाद उसने राहत की सांस ली है.

इटावा के पुलिस अधीक्षक नगर प्रशांत कुमार प्रसाद (Prashant Kumar Prasad) ने रविवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि 25 फरवरी की रात 10 बजे के आसपास जितेंद्र वर्मा की उस समय गोलियां मारकर की हत्या कर दी गई थी, जब वह मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहा था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी बेटू चैधरी इसरार और अनवार उर्फ रानू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 2 तमंचे 315 बोर तथा कारतूस बरामद किए गए.

पुरानी रंजिश के चलते किया कत्ल
पुलिस अधीक्षक ने हत्या की घटना की जानकारी देते हुए बताया कि साल 2016 से बेटू चैधरी और जितेंद्र उर्फ मौनू वर्मा और उसके भाई पंकज वर्मा के बीच विवाद चल रहा था. इसी रंजिश को लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिए जाने साजिश रची गई. हत्या से पूर्व एक घर में हत्यारोपियों ने जमकर शराब का सेवन किया. उन्होंने बताया कि इन सभी को मुखबिर की सूचना पर पक्का तालाब और एसएसपी चैराहे के पास से उस समय गिरफ्तार  किया गया जब यह लोग कहीं भागने की फिराक मे थे. जितेंद्र वर्मा की हत्या में धारा 147,302,307,34  के तहत पांच लोगों को नामजद किया गया था. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा ने घटना के खुलासे के लिए एसओजी/सर्विलांस तथा थाना कोतवाली से 2 टीमों का गठन किया गया था.
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने इलैक्ट्रानिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है.



आरोपियों ने दी पुलिस को ये जानकारी

हत्यारोपियों से पुलिस टीम की हुई पूछताछ का हवाला देते हुए गिरफ्तार आरोपी बेटू चैधरी ने बताया कि उसके और मृतक मोनू वर्मा  व उसके भाई पंकज वर्मा के मध्य वर्ष 2016 में आपसी झगडा हो गया. जिसके चलते अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी. बेटू चैधरी ने मौनू एवं पंकज के विरुद्ध गैगस्टर एक्ट में पंजीकृत अभियोग से संबंधित दस्तावेज रामशंकर कुशवाह को दे दिए गए थे. जिस वजह से मृतक मौनू व पंकज द्वारा बेटू को जान से मारने की धमकी दी गयी थी. मृतक मौनू वर्मा के पूर्व में हत्या में जुड़े अन्य आरोपियों के विरुद्ध एनसीआर थाना कोतवाली पर पंजीकृत करायी गयी थी. जिस कारण बेटू व उसके अन्य साथियों ने एकराय होकर योजनाबद्ध तरीके षडयंत्र के तहत रानू के घर के सामने मौनू की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.
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