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विदेश मंत्रालय ने कहा- कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिये नहीं था EU सांसदों का दौरा

भाषा
Updated: October 31, 2019, 6:22 PM IST

यूरोपियन यूनियन (European Union) का 23 सदस्यीय शिष्टमंडल कश्मीर (Kashmir) के वास्तविक हालात का जायजा लेने के लिए वहां गया था. बुधवार को इस दल ने अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद अनुच्छेद 370 (Article 370) को रद्दे करने को भारत (India) का आंतरिक मामला बताया और कहा कि वह आतंकवाद के साथ लड़ाई में देश के साथ है.

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नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय संघ (European Union) संसद के सदस्यों का कश्मीर (Kashmir) दौरा इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिये बिल्कुल नहीं था और इस तरह के शिष्टमंडल आधिकारिक माध्यमों से नहीं आया करते हैं. विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अपनी पहली टिप्पणी में यह भी कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या इस तरह का दौरा व्यापक राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करता है.

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के केंद्र सरकार के पांच अगस्त के फैसले के बाद किसी विदेशी शिष्टमंडल का कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) का यह पहला दौरा था. ईयू संसद के 23 सदस्यों का एक शिष्टमंडल कश्मीर में स्थिति का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिये मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचा था.

अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिए नहीं था दौरा
विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता रवीश कुमार (Raveesh Kumar) ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि इस तरह की चीजें जनता के स्तर पर संपर्क का हिस्सा हैं.’’ उन्होंने कहा कि यह दौरा कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिये बिल्कुल नहीं था. कुमार ने यह भी कहा कि ईयू संसद सदस्यों के विचारों ने जमीनी हकीकत और कश्मीर में आतंकवाद के खतरे के बारे में उनकी समझ को प्रदर्शित किया है.

ईयू ने कहा- शांति से हल करें मामला
वहीं इस दौरे के बाद यूरोपीय संघ ने दोनों देशों से तनाव को कम करने और इस मामले के शांतिपूर्ण राजनीतिक समाधान के लिए द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने को कहा है. यूरोपीय संघ के शिष्टमंडल की प्रथम सचिव मार्केटा होमोल्कोवा ने जिनेवा में ‘क्षेत्रीय निरस्त्रीकरण एवं सुरक्षा’पर महासभा की पहली समिति चर्चा में मंगलवार को यह बात कही.

ईयू अधिकारी ने यहां कहा,‘‘कश्मीर पर तनाव की नयी स्थितियों के वक्त हमने दोनों पक्षों से तनाव नहीं बढ़ाने और शांतिपूर्ण एवं राजनीतिक समाधान के लिए द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने को कहा है.’’
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First published: October 31, 2019, 6:22 PM IST
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