चीन के खिलाफ भारत के साथ आया यूरोपीय संघ, पुर्तगाल ने बताया सुनियोजित प्रतिद्वंद्वी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी वेबिनार में हिस्‍सा लिया. (Pic- ANI)

विदेश मंत्री जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि पिछले 10 साल से ही नहीं बल्कि पिछले 25 साल में चीन (China) का उभरना एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी रुझान है.

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    नई दिल्‍ली. पुर्तगाल (Portugal) के विदेश मंत्री अगस्तो सांतोस सिल्वा (Augusto Santos Silva) ने बुधवार को कहा कि चीन (China) एक सुनियोजित प्रतिद्वंद्वी (Systematic Rival), प्रतिस्‍पर्धी और चयनशील साझेदार है. उन्‍होंने यह भी कहा कि चीन से निपटने के लिए यूरोपीय संघ (European Union) ने तीन सीमा रेखाएं तय की हैं जिसमें शिंजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के उल्लंघन, हांगकांग में लोकतांत्रिक दायरे को संकुचित करने तथा दक्षिण चीन सागर में यथास्थिति में बदलाव को स्वीकार नहीं करना शामिल है.

    पुर्तगाल वर्तमान में 27 देशों की सदस्यता वाले यूरोपीय संघ की अध्यक्षता कर रहा है और इसे वैश्विक स्तर पर एक ताकतवर समूह माना जाता है. डिजिटल माध्यम से ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संबोधित करते हुए सिल्वा ने कहा कि भारत राजनीतिक संबंधों के दृष्टिकोण से एशिया में यूरोपीय संघ का महत्वपूर्ण साझेदार है. उन्होंने इस संबंध में दोनों पक्षों की उदार लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख किया.



    पुर्तगाल के विदेश मंत्री सिल्वा ने कहा, ‘हम चुप नहीं रह सकते जब शिंजियांग प्रांत में मानवाधिकारों का उल्लंघन होता हो, हम इसकी निंदा करते हैं. दूसरा हम हांगकांग में लोकतांत्रिक दायरे को संकुचित करने को स्वीकार नहीं का सकते. और हम दक्षिण चीन सागर और ताइवान के संबंध में यथास्थिति में बदलाव को स्वीकार नहीं कर सकते. ’ उन्होंने कहा कि हमें काफी सचेत और विवेकशील रहते हुए दृढ़ रहने की जरूरत है.

    चीन के उभरने और अमेरिका में नये प्रशासन के कार्यभार संभालने के परिप्रेक्ष में भूराजनीतिक स्थिति से संबंधित एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पड़ोसी देश का उभरना महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी रुझान है. उन्होंने यह भी कहा कि वह कहेंगे कि पिछले 10 साल से ही नहीं बल्कि पिछले 25 साल में चीन का उभरना एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी रुझान है.

    ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, 'इसलिए इसका सभी को ध्यान रखना चाहिए. अमेरिका और खासतौर पर बाइडन प्रशासन की क्या भूमिका होगी, यह भी काफी स्वाभाविक है. मैं कहूंगा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बाइडन प्रशासन का रुख इस समझ को लेकर खुला है कि दुनिया बहुध्रुवीय है और यह काफी हद तक समसामयिक एजेंडा है.’

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिका के साथ भारत के संबंध पिछले छह महीने में आगे बढ़े हैं. वहीं पुर्तगाल के विदेश मंत्री सिल्वा ने चीन के साथ यूरोपीय संघ के संबंधों को जटिल और बहुआयामी करार देते हुए कहा कि समूह उस देश के साथ जलवायु परिवर्तन सहित कुछ क्षेत्रों में करीबी सहयोगी है.

    गौरतलब है कि चीन को अपने शिंजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के साथ खराब व्यवहार को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है. चीनी सरकार द्वारा हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों पर बर्बरता की वैश्विक आलोचना होती रही है.

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