सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना करना हर नागरिक का अधिकार: उमर अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस  के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना की करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना की करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है

नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है. अब्दुल्ला का यह बयान एक भाजपा नेता की शिकायत पर लक्षद्वीप पुलिस द्वारा फिल्मकार आयशा सुल्ताना के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किये जाने के एक दिन बाद आया है.

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  • Last Updated: June 11, 2021, 11:16 PM IST
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श्रीनगर. नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और ''आलोचना बर्दाश्त न करने वाले नेताओं'' को पुरातन कानून के पीछे छिपना बंद करना चाहिए.

अब्दुल्ला का यह बयान एक भाजपा नेता की शिकायत पर लक्षद्वीप पुलिस द्वारा फिल्मकार आयशा सुल्ताना के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुल्ताना ने टीवी परिचर्चा के दौरान केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में कोविड-19 के फैलने को लेकर झूठी खबर फैलाई.

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अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ''पटेल (लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल) की आलोचना राजद्रोह के समान नहीं है. लोकतंत्र में, सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है. आलोचना बर्दाश्त नहीं करने वाले नेताओं'' को पुरातन कानून के पीछे छिपना बंद करना चाहिये.'' लक्षद्वीप में प्रशासन द्वारा कुछ सुधारवादी कदम उठाए जाने के बाद से विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से विरोध किया जा रहा है.




बेबाक हैं उमर अब्‍दुल्‍ला, बेहिचक कहते हैं अपनी बात

उमर अपनी राय और विचारों को बेबाकी से सबके सामने जाहिर करते हैं. वैक्‍सीन को लेकर उनका बयान सुर्खियों में रहा था. जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कोरोना वायरस टीके को 'भाजपा का टीका' करार दिया था, इसके कुछ ही घंटे बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कोविड-19 टीके का संबंध किसी राजनीतिक दल से नहीं बल्कि मानवता से है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, 'मैं किसी और के बारे में तो नहीं कह सकता, लेकिन जब मेरी बारी आएगी तो मैं खुशी-खुशी टीका लगवाउंगा.' नेकां उपाध्यक्ष अब्दुल्ला ने कहा कि जितने ज्यादा लोग टीका लगवाएंगे, देश और अर्थव्यवस्था के लिये उतना ही बेहतर होगा.

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