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जांच में हुआ खुलासा, हिजबुल से 'सैलरी' लेता था बर्खास्त DSP दविंदर सिंह

News18Hindi
Updated: January 31, 2020, 9:00 AM IST
जांच में हुआ खुलासा, हिजबुल से 'सैलरी' लेता था बर्खास्त DSP दविंदर सिंह
दविंदर सिंह की फाइल फोटो

एनआईए (NIA) उस मामले की जांच कर रही है जिसमें जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) पुलिस का उपाधीक्षक दविंदर सिंह (Davinder Singh) शामिल है और 11 जनवरी को नवीद सहित आतंकवादियों को घाटी से बाहर पहुंचाने में मदद करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

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  • Last Updated: January 31, 2020, 9:00 AM IST
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नई दिल्ली. आतंकियों की मदद करने के आरोपी बर्खास्त डीएसपी दविंदर सिंह (Davinder Singh) के बारे में नया खुलासा हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार दविंदर आतंकी संगठन से 'सैलरी' ले रहा था. 11 जनवरी को आतंकी नवीद मुश्ताक की मदद के लिए गिरफ्तार दविंदर के इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA जांच कर रही है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार दविंदर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन को मदद करने के लिए सैलरी लेता था.

बता दें कि हिजबुल के ही आतंकी नवीद मुश्ताक के साथ देविंदर को 11 जनवरी को पकड़ा गया था जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया. अखबार ने दावा किया है कि दविंदर ने न सिर्फ नवीद को ट्रांसपोर्ट करने और छिपने के लिए जगह देने के लिए हिजबुल से पैसे लिए, बल्कि पूरे साल मदद करते रहने के लिए भी नियम से पैसे लेता था. रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि जब दविंदर पकड़ा गया तब वह नवीद को सर्दी में रुकवाने के लिए जम्मू लेकर जा रहा था. जिसके बाद नवीद वहां से पाकिस्तान जाता.

अधिकारी ने जानकारी दी कि दविंदर 20-30 लाख रुपए के लिए समझौता कर रहा था. वह पहले भी नवीद को जम्मू लेकर जाता था लेकिन उसे पूरी पेमेंट नहीं की गई थी. कई साल से नवीद के संपर्क में रह चुका दविंदर उसके पेरोल पर काम करता था.



पूर्व निर्दलीय विधायक के संपर्क में था



वहीं दविंदर सिंह के साथ गिरफ्तार आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू कमांडर नवीद बाबू ने अपने संबंधों की जानकारी उगलना शुरू कर दिया है और पूछताछ में उसने बताया कि वह हाल में भंग विधानसभा के निर्दलीय विधायक के संपर्क में था. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

नवीद उर्फ बाबू जिसका पूरा नाम सैयद नवीद मुस्ताक अहमद है, मौजूदा समय में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में है. एनआईए उस मामले की जांच कर रही है जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस का उपाधीक्षक दविंदर सिंह शामिल है और 11 जनवरी को नवीद सहित आतंकवादियों को घाटी से बाहर पहुंचाने में मदद करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

अधिकारियों के मुताबिक नवीद ने दावा किया है कि उत्तरी कश्मीर में आतंकवादियों का मजबूत ठिकाना बनाने के लिए वह विधायक के नियमित संपर्क में था और छिपने के संभावित इलाके की तलाश कर रहा था. जम्मू कश्मीर विधानसभा में तीन निर्दलीय विधायक थे. दविंदर सिंह और नवीद के अलावा खुद को वकील बता रहे रफी अहमद रादर और इरफान शफी मीर को उसी दिन काजीगुंड में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से गिरफ्तार किया गया.

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First published: January 31, 2020, 8:31 AM IST
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