पंचतत्व में विलीन हुए अरुण जेटली, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

भाषा
Updated: August 25, 2019, 10:56 PM IST
पंचतत्व में विलीन हुए अरुण जेटली, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
पूर्व वित्तमंत्री का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. जेटली के बेटे रोहन ने चिता को मुखाग्नि दी.

पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली (Ex FM Arun Jaitley) का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ नई दिल्ली (New Delhi) के निगमबोध घाट (Nigambodh Ghat) पर अंतिम संस्कार किया गया. जेटली के बेटे रोहन ने चिता को मुखाग्नि दी.

  • Share this:
पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) का पार्थिव शरीर रविवार को भाजपा मुख्यालय (BJP Headquarters) लाया गया जहां केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah), राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद पूर्व वित्तमंत्री का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. जेटली के बेटे रोहन ने चिता को मुखाग्नि दी.

राष्ट्रध्वज में लिपटा पार्थिव शरीर उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास से सुबह 11 बजे दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर भाजपा मुख्यालय लाया गया. इस दौरान आकाश ‘जेटली अमर रहें’ के नारों से गुंजायमान हो गया. पार्थिव शरीर वहां ढाई घंटे से अधिक समय तक रखा गया. शीर्ष नेताओं से लेकर स्कूली बच्चों समेत आम आदमी ने उन्हें अंतिम विदाई दी. कुछ की आंखें तो उनकी अंतिम झलक देखकर नम हो गई.

निगमबोध घाट पर किया गया अंतिम संस्कार
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर और आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी जेटली को पुष्पांजलि अर्पित की. हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘जेटली का निधन अपूरणीय क्षति है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.’’ इसके बाद पार्थिव शरीर को फूलों से सजी तोप गाड़ी से यमुना किनारे निगमबोध घाट ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार किया गया.

66 वर्षीय जेटली का शनिवार को एम्स (AIIMS) में निधन हो गया था जहां नौ अगस्त को उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. भाजपा मुख्यालय में जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मणिपुर की राज्यपाल नज्मा हेपतुल्ला, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani) और योग गुरु रामदेव भी शामिल रहे.

रूपाणी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वह गुजरात से राज्यसभा सदस्य रहे. हम राज्य में उनकी रणनीति की मदद से कई चुनाव जीते. हम उनकी कमी हमेशा महसूस करेंगे.’’

जरूरत पड़ने पर हमेशा साथ देते थे जेटली
Loading...

भाजपा मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कतार में खड़े थे और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा जेटली तेरा नाम रहेगा’ तथा ‘जेटली जी अमर रहें’ जैसे नारे लगा रहे थे. पार्टी कार्यकर्ताओं ने जेटली को ऐसा नेता बताया जिन्होंने जरूरत पड़ने पर हमेशा उनकी मदद की.

जामा मस्जिद इलाके के एक भाजपा कार्यकर्ता दिलदार हुसैन ने कहा, ‘‘मैं पार्टी के एक नेता के साथ उनके घर जाया करता था. वह बहुत शालीन और स्नेही व्यक्ति थे जो पार्टी कार्यकर्ताओं की मदद के किसी भी अनुरोध को बमुश्किल ही न कह पाते थे.’’

झारखंड के गिरडीह से एक भाजपा कार्यकर्ता राज किशोर ने अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा मुख्यालय के बाहर इंतजार किया. उन्होंने उन्हें एक ‘‘संयमी नेता बताया जो अपने शब्दों या काम से कभी किसी को आहत नहीं करता था.’’ किशोर ने कहा, ‘‘उनका आचरण और आदतें हमेशा अच्छी होती थी. मैंने कई कहानियां सुनी कि कैसे पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता जब उनसे मदद की दरख्वास्त करते थे तो वह उनकी मदद करते थे.’’

भ्रष्टाचार के खिलाफ एक योद्धा थे जेटली
शनिवार को जेटली का पार्थिव शरीर उनके आवास पर रखा गया था जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और विभिन्न दलों के नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. शाह ने शनिवार को कहा कि जेटली भ्रष्टाचार के खिलाफ एक योद्धा थे और जनता के लिए जनधन योजना लाने, नोटबंदी एवं जीएसटी के सफल क्रियान्वयन का श्रेय उन्हें जाता है.

ये भी पढ़ें-
मन में यह टीस लिए ही विदा हो गए अरुण जेटली!

जब अरुण जेटली ने की थी मनमोहन सिंह सरकार की मदद

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 25, 2019, 5:38 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...