Assam NRC: मां भारतीय लेकिन बेटियां विदेशी, 20 साल सेना में रहे लेकिन अब विदेशी करार

इस लिस्ट से बाहर हुए कई लोग ऐसे भी हैं जो भारतीय सेना में रहकर 20 साल से ज्यादा तक देश की सेवा कर चुके हैं और अब रिटायर हो चुके हैं. इसी तरह एक ही परिवार में कुछ लोगों का नाम तो इस लिस्ट में है जबकि कई सदस्यों का नाम लिस्ट में नहीं है.

News18Hindi
Updated: August 31, 2019, 8:31 PM IST
Assam NRC: मां भारतीय लेकिन बेटियां विदेशी, 20 साल सेना में रहे लेकिन अब विदेशी करार
एक ही परिवार में कुछ लोगों का नाम तो इस लिस्ट में है जबकि कई सदस्यों का नाम लिस्ट में नहीं है
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Updated: August 31, 2019, 8:31 PM IST
गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने असम (Assam) में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Citizenship Register) यानी कि एनआरसी (NRC) की फाइनल लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में तीन करोड़ ग्यारह लाख इक्कीस हज़ार चार लोगों को शामिल किया गया है. जबकि उन्नीस लाख छह हज़ार छह सौ सत्तावन लोगों को इससे बाहर कर दिया गया है. ऐसे में अब असम के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अब जो 19 लाख लोग इस सूची में शामिल नहीं है उन्हें खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए तमाम कानूनी प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा. इस लिस्ट से बाहर हुए कई लोग ऐसे भी हैं जो भारतीय सेना में रहकर 20 साल से ज्यादा तक देश की सेवा कर चुके हैं और अब रिटायर हो चुके हैं. इसी तरह एक ही परिवार में कुछ लोगों का नाम तो इस लिस्ट में है जबकि कई सदस्यों का नाम लिस्ट में नहीं है.

ऐसी ही एक महिला के मुताबिक उसका नाम लिस्ट में है लेकिन उसकी दो बेटियों का नाम लिस्ट में शामिल नहीं है. पीड़ित महिला ने अपनी बेटियों के नाम शामिल न किये जाने पर सवाल उठाए हैं. वहीं आजतक से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि मैं भारतीय हूं और मेरी बेटियां बांग्लादेशी.

महिला ने सरकार से की अपील
महिला ने सरकार से अपील की है कि लिस्ट का एक बार फिर संशोधन किया जाए जिससे उनकी बेटियों का नाम भी लिस्ट में शामिल हो सके. महिला को आशंका है कि बेटियों के नाम न शामिल होने की स्थिति में आस-पास के लोग उन्हें भी किसी तरह बांग्लादेशी घोषित कर देंगे.

20 साल तक की देश सेवा अब लिस्ट में नाम नहीं
असम के करीमगंज के रहने वाले रिटायर्ड हवलदार बिमल चौधरी ने बताया कि वह 20 साल तक भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं लेकिन उनका नाम एनआरसी की फाइनल लिस्ट में नहीं है. बिमल 1981 से 1999 तक भारतीय सेना में नौकरी करने के बाद वह फिलहाल असम पुलिस में कार्यरत हैं लेकिन लिस्ट में नाम न होने के बाद वह भारतीय नागरिक नहीं हैं. इस वजह से वह सदमे में हैं.

ये है आखिरी विकल्प
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बता दें जिन लोगों का नाम एनआरसी की फाइनल लिस्ट में नहीं है उनके पास अभी भी 120 दिन का समय है. वह फॉरेनर्स ट्रिब्युनल में आवेदन देना होगा. इसके अलावा लिस्ट से बाहर हुए लोग सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट में भी अपील दायर कर सकते हैं. सभी कानूनी विकल्प आज़माने तक सरकार उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी. फॉरेनर्स ट्रिब्युनल में अपील दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2019 है.

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First published: August 31, 2019, 8:31 PM IST
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