पूर्व RAW प्रमुख ने कहा- इंटरनेट से जुड़ ही नहीं सकती EVM तो हैक कैसे होगी

विक्रम सूद ने ट्वीट कर कहा कि यदि विपक्ष की ओर से ऐसे आरोप लगते रहे तो लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्‍था से उठ जाएगा विश्वास

News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 6:37 PM IST
पूर्व RAW प्रमुख ने कहा- इंटरनेट से जुड़ ही नहीं सकती EVM तो हैक कैसे होगी
विक्रम सूद ने कहा- ईवीएम को लेकर विपक्ष के सभी आरोप बेबुनियाद और गलत हैं.
News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 6:37 PM IST
लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल के बाद से ही विपक्ष ने नया मुद्दा उठा दिया है. अब विपक्ष ईवीएम हैक के मसले को एक बार फिर हवा दे रहा है. इस मामले में पूरे विपक्ष के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी ईवीएम की साख को लेकर चुनाव आयोग को नसीहत दे डाली थी. लेकिन अब रिसर्च एंड एनासिसिस विंग ( रॉ) के पूर्व प्रमुख और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के सलाहकार विक्रम सूद ने इस संबंध में बड़ा बयान दिया है. विक्रम ने ट्वीट कर कहा कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है. यह एक इंडीविजुअल मशीन है और किसी भी तरह से इंटरनेट या किसी अन्य सर्किट से जोड़ी नहीं जा सकती है. इसमें कुछ खराबी आ सकती है लेकिन यह पूरा सिस्टम खराब नहीं हो सकता. अकेली एक मशीन में खराबी हो सकती है.

फिर यह सवाल क्यों


विक्रम ने इस दौरान कहा कि जब 2009, 2014 और 2018 में ईवीएम ने सही काम किया तो अभी यह सवाल फिर क्यों उठाया जा रहा है. विक्रम ने इस दौरान कहा कि विपक्ष की ओर से ईवीएम की हैकिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद और गलत हैं. यदि इसी तरह के आरोप लगते रहे तो यह एक बड़ी भूल होगी और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्‍था से लोगों का विश्वास उठ जाएगा.

 


Loading...



लोगों का साथ छूटेगा
इस दौरान विक्रम ने कहा कि विपक्ष के इस तरह के व्यवहार से वोटर्स पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और लोगों का साथ उनसे छूटता जाएगा. जो लोग वोटिंग के दिन हिंसा फैलाते हैं वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का अपमान करते हैं. ऐसे नेताओं और लोगों को संसद में पहुंचने का कोई हक नहीं है.

 



पूरी तरह से है सुरक्षित
ईवीएम को लेकर आयुष्मान भारत के डिप्टी सीईओ डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा कि तीन बार रिटर्निंग ऑफिसर रहा हूं और इसी के चलते मैं यह कह सकता हूं कि ईवीएम काफी प्रभावी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वोट रिकॉर्डिंग से लेकर उनका स्टोरेज और गिनती तक की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव करवाना आसान नहीं है।

 



कैसे हो सकती है ईवीएम हैक
ईवीएम के संबंध में वरिष्ठ आईएएस संजय दीक्षित ने ट्वीट कर काह कि मैं पिछले 15 सालों से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा रहा हूं। साथ ही चार लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया से भी जुड़ा रहा। चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। कोई कैसे एक स्टैंड अलोन हार्डवायर्ड कैल्कुलेटर को हैक कर सकता है। हमें अपनी सोच बदलने की जरूरत है।

 



क्या सभी अपनी नौकरी दाव पर लगाएंगे
हैकिंग को लेकर आईजी पुलिस रेलवे डी रूपा ने ट्वीट किया कि ईवीएम को हैक करना असंभव है। देश के सभी आईएएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी यह अच्छी तरह जानते हैं कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है। क्या कोई ईवीएम से किसी को छेड़छाड़ करने देकर अपनी नौकरी दाव पर लगाएगा।

 



इसकी सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं
वरिष्ठ आईएएस एन सरवाना कुमान ने ट्वीट किया कि ईवीएम की सुरक्षा और इसकी प्रमाणिकता को लेकर मैं दो साल पहले भी एक ब्लॉग पोस्ट कर चुका हूं जिसका शीर्षक है द ह्यूमन एलीमेंट इन द ईवीएम स्टोरी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से जुड़े रहने के चलते मैं इसकी प्रमाणिकता को लेकर खुद जिम्मेदारी ले सकता हूं, इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने इतनी जगह चैकपॉइंट रखे हैं कि कुछ गलत नहीं हो सकता।

ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में वोटर्स पर कितना असर डालेगा बीजेपी-कांग्रेस का नये चेहरों पर दांव? 

EVM-VVPAT मामला: विपक्षी दलों की बैठक में दिखा कन्फ्यूज़न, शिकायत लेकर पहुंचे चुनाव आयोग

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...