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Exclusive: कोरोना मामलों में कमी, भारत-पाक धार्मिक डिप्लोमेसी में आई गर्माहट

Exclusive: कोरोना मामलों में कमी, भारत-पाक धार्मिक डिप्लोमेसी में आई गर्माहट

पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब. (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब. (फाइल फोटो)

भारत और पाकिस्तान (India Pakistan Relations) के बीच चल रहे तनाव के दौरान दोनों देशों के बीच अब धार्मिक डिप्लोमेसी मज़बूत हो रही है. बाबा गुरु नानक जी की 552वीं जयंती के मौके पर एक तरफ जहां करतारपुर गलियारा (Kartarpur Corridor) श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है, वहीं 17 से 26 नवंबर के बीच 2000 से अधिक सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुका है. इसी बीच अब भारत ने भी पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को भारत आने की इजाज़त दे दी है. सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया कि कोरोना काल में यह पहला जत्था है जो पाकिस्तान से भारत धार्मिक यात्रा पर आएगा.

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नई दिल्‍ली.  भारत और पाकिस्तान (India Pakistan Relations) के बीच चल रहे तनाव के दौरान दोनों देशों के बीच अब धार्मिक डिप्लोमेसी मज़बूत हो रही है. बाबा गुरु नानक जी की 552वीं जयंती के मौके पर एक तरफ जहां करतारपुर गलियारा (Kartarpur Corridor) श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है, वहीं 17 से 26 नवंबर के बीच 2000 से अधिक सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुका है. इसी बीच अब भारत ने भी पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को भारत आने की इजाज़त दे दी है. करीब 70 पाकिस्तानी श्रद्धालु हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के 718वें उर्स के मौके पर भारत आएंगे. यह दौरा 18 से 25 नवंबर के बीच होने जा रहा है.

सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया कि कोरोना काल में यह पहला जत्था है जो पाकिस्तान से भारत धार्मिक यात्रा पर आएगा. गौरतलब है कि कोरोना काल में भारत ने सभी लैंड-बॉर्डर पर आवाजाही पर रोक लगा दी थी. वहीं 16 मार्च 2020 को करतारपुर गलियारे को भी बंद कर दिया गया था. मंगलवार को गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि कोरोना के सुधारते हालात के चलते करतारपुर गलियारे को दोबारा खोलने का फैसला लिया गया है. वहीं वाघा-अट्टारी बॉर्डर से 2000 से अधिक सिख श्रद्धालुओं का जत्था बुधवार को पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ.

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यह जत्था गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब, गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब, गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब और गुरुद्वारा श्री सच्चा सौदा का दौरा करेगा. महत्वपूर्ण बात यह है कि यह धार्मिक यात्राएं 1974 के द्विपक्षीय समझौते के तहत हो रही है. समझौते के अनुसार दोनों देशों के श्रद्धालु दूसरे देश में धार्मिक स्थलों की यात्रा पर जा सकते हैं.

करतापुर कॉरिडोर खुलने के बाद बुधवार को निकला सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था दरबार साहिब गुरुद्वारे पहुंच गया है. ये गुरुद्वारा पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है. भारत में पाकिस्तानी उच्चायोग ने ट्वीट कर कहा है, ‘भारतीय सिख श्रद्धालुओं का पाकिस्तान गर्मजोशी से स्वागत करता है.’ पहले जत्थे में 50 सदस्य हैं जिनमें पंज प्यारे भी शामिल हैं. जत्था सुबह 11 बजे पाकिस्तान की सीमा में एंट्री कर गया था. बीएसएफ और लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने जत्थे के सदस्यों को सिरोपा भेंट किया.

Tags: India Pakistan Relations, Kartarpur Corridor

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