Exclusive: GISP: पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले छात्रों को सरकार की सौगात, एक पोर्टल पर मिलेंगे सभी सवालों के जवाब

अब छात्र GISP के जरिए ऐसी तमाम जानकारियां एक ही जगह पर हासिल कर सकेंगे. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Global Indian Students Portal: GISP पर सरकार और निजी संस्थाओं की तरफ से दी जा रही स्कॉलरशिप की जानकारी मौजूद होगी. GISP पर छात्र यूनिवर्सिटी की सत्यता के बारे में पता कर सकेंगे. साथ ही इसमें संबंधित देश, कोर्स जैसी कई जानकारियां मिल सकेंगी.

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नई दिल्ली. विदेश में शिक्षा की चाहत रखने वाले भारतीय छात्रों के लिए सरकार (Government of India) नई सौगात लेकर आई है. सरकार ने इस साल ग्लोबल इंडियन स्टूडेंट्स पोर्टल (GISP) लॉन्च करने का फैसला किया है. इसके तहत छात्रों और पैरेंट्स को विदेश की यूनिवर्सिटी, कोर्सेज, जैसी चीजों की अहम जानकारियां एक ही जगह पर मिल सकेंगी. मौजूदा हालात में विदेश जाकर पढ़ाई की इच्छा रखने वाले छात्रों को एक स्थान पर पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है. ऐसे में सरकार की इस नई सुविधा GISP से जुड़े कागजातों की न्यूज18 ने समीक्षा की.

इसके संबंध में जारी दस्तावेजों से पता चलता है कि पोर्टल छात्रों को रजिस्ट्रेशन के लिए एक मॉड्यूल देगा और यहां यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और संस्थाओं से जुड़े कोर्सेज की देशवार जानकारी मिलेगी. इसके अलावा इस पोर्टल के जरिए छात्र यह भी पता कर सकते हैं कि किसी खास यूनिवर्सिटी जैसी अन्य संस्था भी मौजूद है या नहीं. और वह उस देश में मान्यता प्राप्त है या नहीं. इसके अलावा पोर्टल में विदेशों में जारी भारतीय मिशन और एजुकेशन काउंसलर से संपर्क की जानकारी उपलब्ध होगी. छात्र इनसे बातचीत कर सकेंगे.

विदेश में शिक्षा से पहले स्कॉलरशिप्स, मेडिकल इंश्योरेंस, एजुकेशन लोन और देश के हालात संबंधित कई सवाल मन में होते हैं, लेकिन एक जगह पर इनके सही जवाब नहीं मिल पाते. ऐसे में GISP पर सरकार और निजी संस्थाओं की तरफ से दी जाने वाली स्कॉलरशिप की जानकारी मौजूद होगी. इसमें बैंक और अन्य वित्तीय संस्था की लिंक्स भी शामिल होंगी, जो विदेश में पढ़ाई के लिए लोन देने को तैयार हैं. इतना ही नहीं बैंक GISP पर मौजूद डेटा का इस्तेमाल संस्था की सत्यता का पता करने के लिए कर सकेंगे. छात्र GISP पर स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दे रही एजेंसियों की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे.

देशों की भी मिलेगी खास जानकारी
छात्र इस पोर्टल के जरिए अपने पसंद के देश की राजनीतिक और आर्थिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही वे यह भी जान सकेंगे कि उस देश में पहले से कितने छात्र पढ़ रहे हैं. यह पोर्टल देश और चुने हुए क्षेत्र की कानून व्यवस्था, सामाजिक-राजनीतिक और रहने की स्थिति समेत कई जानकारियां भी देगा. GISP में देश की भाषा और भोजन जैसी बातों का भी पता लगा जा सकेगा. इसमें देश से संबंधित विस्तृत FAQ उपलब्ध होंगे.

जारी दस्तावेज बताते हैं कि सरकार बेहतर ढंग से तैयार किए गए पोर्टल पर काम कर रही है, जो आधुनिक, आकर्षक और बेहद सुरक्षित होगा. इस पोर्टल को विदेश मंत्रालय के NIC प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया जाएगा और यह वेबसाइट सुरक्षा से जुड़े सरकारी नियमों का पालन करेगा.

क्यों जरूरी है GISP
ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब छात्र अनजाने में विदेश की किसी फर्जी यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लेते हैं. बाद में पता चलता है कि ऐसे विश्वविद्यालय बगैर सरकार की अनुमति के चल रहे हैं. हालांकि, भारतीय मिशन फर्जी विश्वविद्यालयों के संबंध में चेतावनी जारी करते रहे हैं. वे छात्रों के फायदे के लिए वास्तविक विश्वविद्यालयों की सूची भी साझा करते हैं. इसके अलावा वे समय-समय पर कॉलेज और यूनिवर्सिटी पहुंचकर भारतीय छात्रों से मिलते हैं और उनकी परेशानियों के सुनते हैं. इस नए पोर्टल में सरकार ने फर्जी विश्वविद्यालय, धोखेबाज सलाहकार या एजेंट्स और छात्रों की सुरक्षा के लिए एक अलग से कैटेगरी तैयार की गई है.

अब छात्र GISP के जरिए ऐसी तमाम जानकारियां एक ही जगह पर हासिल कर सकेंगे. विदेश मंत्रालय ने GISP की शुरुआत से पहले शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज और यूजीसी से बातचीत की है. हालांकि, इससे पहले भी मंत्रालय ने 2015 में 'स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल' तैयार किया था. इसके तहत विदेश जाने वाले छात्र खुद को स्वेच्छिक रूप से खुद को रजिस्टर कर सकते थे और कोर्स, स्थान, संस्था और अवधि की जानकारी दे सकते हैं.

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