लाइव टीवी

Exclusive Interview: अमित शाह ने कहा- कानून के तहत ही हटाया आर्टिकल 370, कोर्ट में मिलेंगे 100 में 100 नंबर

News18Hindi
Updated: October 17, 2019, 6:45 PM IST
Exclusive Interview: अमित शाह ने कहा- कानून के तहत ही हटाया आर्टिकल 370, कोर्ट में मिलेंगे 100 में 100 नंबर
News18 नेटवर्क के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी से ख़ास बातचीत में कहा कि कश्मीर से आर्टिकल 370 कानून के तहत ही हटाया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री (Union Home Minister) और भाजपा अध्यक्ष (BJP President) अमित शाह (Amit Shah) ने न्यूज़18 नेटवर्क (News18 Network) ग्रुप के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी से खास बातचीत में जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद को हटाने पर बात करते हुए कहा कि कांग्रेस (Congress) ने शेख अब्‍दुल्‍ला को 11 साल तक जेल में रखा. अब वे हमसे पूछते हैं कि लोगों को नजरबंद क्‍यों किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2019, 6:45 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष (BJP President) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने दावा किया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu and Kashmir) से अनुच्‍छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने की कानूनी वैधता को लेकर लगाई जा रही अटकलें बेबुनियाद हैं. किसी भी तरह की कानूनी समीक्षा में अनुच्‍छेद 370 को हटाए जाने की प्रक्रिया खरी उतरेगी.

News18 नेटवर्क (News18 Network) ग्रुप के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी को दिए एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्‍यू (Exclusive Interview) में उन्‍होंने दावा किया कि कश्‍मीर का विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म किए जाने के साथ ही वहां से आतंकवाद के खात्‍मे की प्रक्रिया शुरू हो गई है. शाह ने कहा कि उनके पास कश्‍मीर के विकास के लिए 15 साल का ब्‍लूप्रिंट है. उन्‍होंने कश्‍मीर में जल्‍द हालात सामान्‍य होने की उम्‍मीद भी जताई.

'जम्‍मू-कश्‍मीर में भ्रष्‍टाचार, अलगाववाद, आतंकवाद की जड़ था अनुच्‍छेद 370'
गृह मंत्री अमित शाह से जब पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चार महीने के भीतर कश्‍मीर घाटी (Kashmir Valley) के हालात सामान्‍य होने की बात कही थी तो अब तक वहां की स्थिति पर कितना नियंत्रण किया जा चुका है. साथ ही सवाल किया गया कि कश्‍मीर के हालात पूरी तरह से सामान्‍य बनाने के लिए कौन से तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस पर उन्‍होंने कहा, 'देखिए कश्मीर की तीन समस्याएं थीं. पहला अलगाववाद (Separatism) और आतंकवाद (Terrorism) है. दूसरा करप्शन, जबरदस्त भ्रष्टाचार (Corruption) था. तीसरा, विकास (Development) का जो ब्लूप्रिंट होना चाहिए उसका अभाव था. मुझे लगता है कि तीनों समस्याओं की जड़ अनुच्‍छेद 370 ही था.'

'पाकिस्‍तान ने अनुच्‍छेद 370 की मदद से कश्‍मीर के युवाओं को भ्रमित किया'
आर्टिकल 370 हटाने के खिलाफ संविधान (Constitution Bench) का गठन किया गया है. अगर इसका फैसला (Judgement) विपरीत आ गया तो उसका क्या होगा. इस सवाल पर शाह ने कहा, 'देखिए पूरे विधेयक (Bill) की ड्राफ्टिंग प्रक्रिया में मैं शामिल था. मैं आपके चैनल के माध्यम से जनता को आश्वस्त करता हूं कि लीगल स्क्रूटनी के अंदर यह बिल 100 में 100 नंबर प्राप्त करेगा.' शाह ने कहा, 'अनुच्‍छेद 370 के कारण पाकिस्तान (Pakistan) की एजेंसियों ने वहां के युवाओं को भ्रमित किया. पहले अलगाववाद यानी अलग राज्य. उसके बाद आजादी ना मिले तो आतंकवाद और हाथ में बंदूक थमा दें. इस कारण 1990 से आज तक वहां 40 हजार लोग मारे गए. थोड़ी स्टडी के बाद ही पता चल जाएगा कि यह अनुच्‍छेद 370 के कारण हुआ.'

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अनुच्‍छेद 370 का उपयोग करके जम्‍मू-कश्‍मीर में एंटी करप्शन ब्यूरो ही नहीं बनाया. आज वहां देश के सारे कानून लागू हैं.

Loading...

'अनुच्‍छेद 370 का उपयोग करके एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ही नहीं बनाया'
अमित शाह ने कहा, 'मैं मानता हूं कि आतंकवाद की मूल समस्‍या नष्ट करने का काम अनुच्‍छेद 370 को हटाने के साथ शुरू हुआ है. मुझे भरोसा है कि हम इस दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ेंगे.' जम्‍मू-कश्‍मीर की पिछली सरकारों के समय राज्‍य में भ्रष्‍टाचार पनपने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा, 'अनुच्‍छेद 370 का उपयोग करके वहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ही नहीं बनाया. आज वहां देश के सारे कानून लागू हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी सर्वाधिकार प्राप्त हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी सभी अधिकार दे दिए गए हैं. अब वहां एसीबी भी बना दिया गया है. अब राज्‍य में भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जाएगी. केंद्र से जम्‍मू-कश्‍मीर जाने वाला पूरा का पूरा पैसा जनता के कामों में खर्च होगा. इससे डेवलपमेंट बढ़ने वाला है.'

'संविधान संशोधन के बाद भी नहीं कराए जाते थे स्‍थानीय इकाइयों के चुनाव'
जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) में स्‍थानीय निकाय चुनाव का जिक्र करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा, 'संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के बावजूद राज्‍य में स्थानीय इकाइयों के चुनाव कराए ही नहीं जाते थे. तहसील पंचायत, जिला पंचायत के चुनाव होते ही नहीं थे. अब चूंकि 73वां और 74वां संशोधन लागू हो गया है तो नियमित रूप से सरपंच के चुनाव कराने पड़ेंगे. अभी ब्लॉक्स के चुनाव चल रहे हैं. कश्मीर में 6,500 करोड़ रुपये सीधे पंचायती राज के हाथ में जाएंगे. इससे भी गांव के विकास को बल मिलेगा. वहीं, अनुभवी प्रशासन कश्मीर के विकास का 15 साल का ब्लूप्रिंट बना रहा है. मुझे लगता है ब्लूप्रिंट के आधार पर कश्मीर के इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, हेल्थ सेक्टर, इंडस्ट्री, टूरिज्म का विकास होता है तो कश्मीर को विकसित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता. राज्‍य के विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा अनुच्‍छेद 370 और 35ए अब हट चुका है.'

'जब गांव के लोग ही तय करते हैं विकास का खाका तो मिलती है रफ्तार'
जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए स्पेशल पैकेज पर बीजेपी अध्‍यक्ष शाह ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैकेज तो पहले से ही दिया हुआ है. इसका इंप्लीमेंटेशन नहीं होता था. इतना करप्शन होता था. अब एक विजन के साथ, एक अच्छे ब्लूप्रिंट के साथ वहां विकास का खाका खींचा जाएगा.' राज्‍य चुनाव में कई दलों के बहिष्‍कार और बीजेपी व निर्दलीय उम्‍मीदवारों के ही मैदान में उतरने पर शाह ने कहा, 'राहुल गांधी को शायद पता नहीं है कि देश के कई हिस्सों में पंचायत चुनाव में पार्टियों को परमिशन ही नहीं है. सारे निर्दलीय लड़ते हैं तो इसका कोई मतलब नहीं है. मतदाता वोट देकर पंच और सरपंच चुनते हैं और गांव के विकास का काम उनके हाथ में जाता है. वे गांव वालों के साथ बैठकर तय करते हैं कि मेरे गांव की प्राथमिकता क्या है? जब गांव के लोग तय करते हैं कि पंचायत घर, स्कूल के कमरे, पीने के पानी की व्यवस्था, स्वच्छता की व्यवस्था को सुदृढ़ करना है तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है.'

अमित शाह ने कहा, कांग्रेस ने शेख अब्दुल्ला को 11 साल तक जेल में रखा था. कश्मीर के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था. अब हमसे नेताओं की नजरबंदी पर सवाल पूछ रहे हैं.


'कांगेस ने शेख अब्‍दुल्‍ला को जेल में रखा, अब नजरबंदी पर सवाल उठा रही'
अनुच्‍छेद 370 हटाने के फैसले का भारतीय मीडिया ने समर्थन किया, लेकिन अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया में इस बात की आलोचना हुई कि लोकतांत्रिक नेताओं को नजरबंद किया गया है. सवाल उठाया गया कि यह नेता कब तक हिरासत में रहेंगे. इस पर शाह ने कहा, 'कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस इस मुद्दे को तूल दे रही हैं. मैं दोनों पार्टियों को बताना चाहता हूं कि आपके समय में अनुच्‍छेद 370 हटाने जैसी कोई घटना नहीं हुई. आपके समय में कोई इतना बड़ा फेरबदल कश्मीर की राजनीतिक और संवैधानिक स्थिति में नहीं किया गया था. फिर भी आपने शेख अब्दुल्ला को 11 साल तक जेल में रखा था. कश्मीर के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था. अब आप हमसे नेताओं की नजरबंदी पर सवाल पूछ रहे हो. अभी-अभी हमने बड़ा फैसला दिया है. लोगों की भावना भड़काने का अगर कोई प्रयास करता है तो हमें एहतियात के तौर पर कदम उठाने पड़ेंगे. हमारी टॉप प्रायरिटी कश्मीर में शांति है.'

'हालात सुधरने पर लिया जा सकता है पूर्ण राज्‍य का दर्जा देने पर फैसला'
अमित शाह से जब पूछा गया कि क्‍या जम्‍मू-कश्‍मीर का पूर्ण राज्‍य का दर्जा एक-दो साल में बहाल हो जाएगा तो शाह ने कहा, 'सिचुएशन पर डिपेंड करता है. अगर सब लोग कोऑपरेशन देकर सिचुएशन को जल्द नार्मल करेंगे तो जल्‍द इस पर फैसला ले लिया जाएगा.' राज्‍य के औद्योगिक विकास के बारे में शाह ने कहा, 'राज्‍य में इन्वेस्टमेंट की काफी संभावनाएं हैं. राज्‍य के खनिज और शिक्षा क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं. वहीं, हेल्थ सेक्टर भी खुला पड़ा है. अनुच्‍छेद 370 ने इन सभी क्षेत्रों में निवेश को रोक कर रखा था.' राज्‍य में हो रही आ‍तंकवादी घटनाओं पर शाह ने कहा, 'दो महीने में चार हमले हुए हैं. यह पहले से काफी कम है.' इस सवाल पर कि क्या आप कभी कश्मीर में नॉन मुस्लिम चीफ मिनिस्टर देखते हैं तो शाह ने कहा, 'कश्मीर की जनता जिसे तय करेगी वही मुख्यमंत्री होगा. हिंदू चीफ मिनिस्टर हो उसमें भी कोई आपत्ति नहीं है.'

ये भी पढ़ें:

EXCLUSIVE: गृहमंत्री अमित शाह ने कहा-दोनों पक्ष स्‍वीकार करेंगे राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अमित शाह का शिवसेना को इशारों में संदेश, महाराष्ट्र में बीजेपी को मिलेगा बहुमत
J-K: फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी को हिरासत से किया गया रिहा, मिली जमानत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 17, 2019, 6:12 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...