Home /News /nation /

Exclusive: मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव के वह दो ‘करिश्‍माई मंत्र’, जिसने त्रिपुरा को दिलाई COVID-19 से मुक्ति

Exclusive: मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव के वह दो ‘करिश्‍माई मंत्र’, जिसने त्रिपुरा को दिलाई COVID-19 से मुक्ति

त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब.

त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब.

त्रिपुरा में पहला COVID-19 मरीज 6 अप्रैल को गोमती (Gomati) जिले के उदयपुर (Udaipur) शहर से सामने आया था. महज 18 दिनों में त्रिपुरा (Tripura) ने खुद को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से फ्री किया है.

अगरतला. त्रिपुरा (Tripura) देश के उन राज्‍यों की सूची में शुमार हो गया है, जिन्‍होंने खुद को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से मुक्‍त कर लिया. जी हां, त्रिपुरा देश का तीसरा ऐसा राज्‍य है, जहां पर अब कोरोना वायरस से संक्रमित एक भी व्‍यक्ति नहीं है. इससे पहले, गोवा और मणिपुर खुद को ‘COVID-19 FREE’ राज्‍य सूचित कर चुके हैं. त्रिपुरा में पहला COVID-19 मरीज 6 अप्रैल को गोमती जिले के उदयपुर शहर से सामने आया था. महज 18 दिनों में इस राज्‍य ने खुद को किस तरह कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्‍त किया, यह जानने के लिए न्‍यूज 18 हिंदी के विशेष संवाददाता अनूप कुमार मिश्र ने त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब (CM Biplab Kumar Deb) के साथ विस्‍तार से बात की. प्रस्‍तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश:

त्रिपुरा में पॉजिटिव पाए गए दोनों मरीजों की रिपोर्ट अब निगेटिव हो चुकी है. इस तरह, त्रिपुरा कोरोना से मुक्‍त होने वाला देश का दूसरा राज्‍य बन गया है. बेहद कठिन भौगोलिक पृष्‍ठभूमि वाले इस राज्‍य में इतनी जल्‍दी यह कैसे संभव हुआ.
उत्तर-
मां त्रिपुरसुंदरी के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देशों को सही ढंग से जमीन पर पालन करने का यह परिणाम है. त्रिपुरा उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिन्होंने समय रहते बचाव के कदम उठा लिए थे. बेशक, देश में कोरोना का पहला मामला केरल में 30 जनवरी को उजागर हुआ था. मगर, हमने अपने राज्य में 26 जनवरी से ही एहतियात बरतना शुरू कर दिया था. 29 जनवरी 2020 से एयरपोर्ट और सर्वाधिक आवागमन वाले इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर स्‍क्रीनिंग शुरू कर दी थी. 4 मार्च से हमने अगरतला रेलवे स्टेशन और 21 मार्च को अंतर्राज्यीय बस अड्डे पर स्‍क्रीनिंग की शुरुआत कर दी थी. 13 मार्च को हमने राज्य में एपीडेमिक डिजीज एक्ट लागू कर दिया था. इसके अलावा, विरोधी दलों के तमाम विरोध के बावजूद, हमने 16 मार्च को राज्य में धारा 144 लागू कर दी. इस पूरी कवायद के दौरान, हमने राज्यवासियों के हित के लिए कड़े फैसले लेने में संकोच नहीं किया और समय पर फैसले लिए. 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन के ऐलान से एक दिन पूर्व हमने 23 मार्च को राज्य में कर्फ्यू के साथ संपूर्ण लॉकडॉउन लागू कर दिया था. मैं धन्यवाद देता हूं, राज्य की जनता और फ्रंट लाइन के रूप में कार्य कर रहे डॉक्टर, नर्स, सहयोगी स्वास्थ्कर्मी, पुलिस, सफाईकर्मी , आशा वर्कर्स और इस काल में सेवा दे रहे सभी कर्मियों का, जिनकी मेहनत और लगन से हम कोरोना मुक्त राज्य बन पाए हैं.

हमारी जानकारी के अनुसार, त्रिपुरा में कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला आसाम से भ्रमण करके लौटी थी, वहीं दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज मेरठ से आया था. दोनों मरीजों ने एक ही ट्रेन में सफर किया था. क्‍या इस ट्रेन में सफर करने वाले लोगों की भी सरकार ने पड़ताल करवाई है. यदि हां, तो कितने लोगों को कहां क्वारंटाइन किया गया.
उत्तर-
कोरोना पॉजिटिव पाए गए दोनों मरीजों के नजदीकी लोगों को इंस्‍टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा गया था. कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई पहली महिला मरीज के नजदीकी संपर्क में करीब 37 लोग आए थे. वहीं, दूसरे मरीज के नजदीकी संपर्क में भी 17 लोग आए थे. इन भी 54 लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद सभी को क्वारांटाइन में रखा गया था. क्वारंटाइन की अवधि में दोनों कोरोना पॉजिटिव मरीजों की दो बार जांच कराई गई. लगातार दोनों ही बार सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई. छोटा राज्य होने के बावजूद, हमने करीब 4000 से ज्यादा लोगों की जांच की है. अभी निचले स्तर पर जांच प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा, केंद्र सरकार ने समय-समय पर हमें जो भी दिशानिर्देश दिए हैं. उसका हमने बखूबी पालन किया है.

विधानसभा में प्रवेश से पहले थर्मल स्‍क्रीनिंग कराते त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब. Biplav Kumar Deb, the Chief Minister of Tripura, used to conduct thermal screening before entering the assembly.
विधानसभा में प्रवेश से पहले थर्मल स्‍क्रीनिंग कराते त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब.


देश के जिन शहरों में कोरोना पॉजिटिव केस अधिकायक में हैं, वहां भी वायरस का सोर्स एक ही शख्‍स था. सोर्स तो ठीक हो गया, लेकिन कोरोना वायरस के पॉजिटिव होने की चेन आगे बढ़ती चली गई. राजस्‍थान का भीलवाड़ा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. आपने इस आशंका को किस तरह से खत्‍म किया है.
उत्तर-
जैसा कि मैने आपको पहले भी बताया कि इस पूरी कवायद के दौरान, हमने राज्यवासियों के हित के लिए कड़े लेने में संकोच नहीं किया. 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन के ऐलान से एक दिन पूर्व हमने 23 मार्च को राज्य में कर्फ्यू के साथ संपूर्ण लॉकडॉउन लागू कर दिया था. मैं धन्यवाद देना चाहूंगा राज्य की जनता का, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का शत प्रतिशत पालन किया. कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्‍त होने के बावजूद राज्‍य में आज भी लॉकडाउन का पूर्व की तरह कड़ाई से पालन किया जा रहा है. परिणाम स्‍वरूप, कोरोना की चेन आगे नहीं बढ़ सकी. शहर हो या गांव, हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो रहा है. इसमें फ्रंट लाइन पर कार्य कर रहे सभी कर्मियों और अधिकारियों की भी सकारात्मक भूमिका रही है.

बीते दिनों, पर्यटन के लिए बांग्‍लादेश से आए दो परिवार अगरतला में अपने रिश्‍तेदारों के घर रुके थे. बांग्‍लादेश पहुंचने के बाद, दोनों परिवारों को कोरोनो पॉजिटव पाया गया है. चूंकि ये दोनों परिवार भारत से गए हैं, लिहाजा इस मामले में हम किस तरह के एहतियात बरत रहे हैं.
उत्तर-
कोरोना संक्रमण से संबंधित सभी सूचनाओं को हम पूरी गंभीरता के साथ देख रहे हैं. हमारी पहली प्राथमिकता राज्‍य के निवासियों को कोरोना की महामारी से सुरक्षित रखना है. जहां तक आपका प्रश्‍न, बांग्‍लादेश वापसी के बाद दो परिवारों के कोरोना संक्रमित होने से संबंधित है, तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि इस बाबत सूचना मिलते ही, हमने उन लोगों की पहचान शुरू कर दी थी, जिनके नजदीकी संपर्क में ये बांग्‍लादेशी परिवार आए थे. हमने दोनों के रिश्तेदारों और उनके करीबियों समेत 18 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा है. सभी के कोरोना परिक्षण कराए गए हैं. खुशी की बात है कि सभी के परीक्षण परिणाम निगेटिव रहे हैं. इसके बावजूद, हम सीमा से सटे गावों में विशेष निगरानी भी रख रहे हैं.

राशन वितरण प्रबंधन का जायजा लेने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों के जन संकर्प करते त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब. Chief Minister of Tripura Biplav Kumar Deb, while going public to people to take stock of ration distribution management.
राशन वितरण प्रबंधन का जायजा लेने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों के जन संकर्प करते त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब.


बांग्‍लादेश और भारत की अंतरर्राष्‍ट्रीय सीमा से सटे हुए रिहायशी इलाके इतने करीब हैं कि सीमा के इस पास से उस पास बेहद आसानी से संपर्क किया जा सकता है. वहीं, भारतीय सीमा से सटे बांग्‍लादेश के फेनी, कुमिल्‍या और ब्राह्मणवरिया इलाके में भारी तादाद में लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ऐसी स्थिति में भारतीय सीमा में रहने वाले लोगों को कैसे सुरक्षित किया जाएगा.
उत्तर-
केंद्रीय गृह मंत्रालय की भूमिका बेहद सराहनीय है. भारत-बांग्‍लादेश अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा की सुरक्षा गृहमंत्रालय के अधीन आने वाले सीमा सुरक्षा बल के पास है. बांग्लादेश से कोई कोरोना संक्रमित हमारे यहां प्रवेश न कर सकें, इसके लिए सीमा सुरक्षा बल के हमारे जवान हमारी सीमाओं को लगातार सुरक्षित बनाए हुए हैं. इसके अलावा, बीएसएस के साथ समन्‍यवय रखते हुए राज्य पुलिस की भी सीमावर्ती इलाकों में पैनी नजर बनाए हुए है. भारत-बांग्‍लादेश अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा की सुरक्षा को अधिक पुख्‍ता बनाने के लिए राज्‍य सरकार जन निगरानी का भी सहारा ले रही है. हमने स्‍थानीय लोगों को भी सर्तकता बरतने को कहा गया है. मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जन निगरानी का कार्य बहुत बेहतर तरीके से किया जा रहा है.

हाल में, त्रिपुरा सरकार के द्वारा एक आदेश जारी किया गया है. जिसमें, सभी सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर आने के लिए कहा गया है. यदि सभी लोग दफ्तर पहुंचेगे तो सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन कैसे होगा.
उत्तर-
सभी कार्यालयों को खोलने संबंधित कोई निर्देश अभी नहीं दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के तहत ही राज्‍य सरकार अपने फैसले ले रही है और संबंधित विभागों को आदेश जारी किया जा रहा है. हम कोई भी कदम जल्दबाजी में नहीं उठाए गए हैं. केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही कदम उठाए गए हैं. आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आने वाले जिन उद्योगों व दुकानों को खोलने के निर्देश जारी हुए हैं, उसमें पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है. इसके अतिरिक्ति कार्यालयों में  50 प्रतिशत कार्यबल की उपस्थिति का पालन और सेनेटाइजर की मुकम्मल व्यवस्था पर जोर दिया गया है.

हॉस्पिटल में तैयारियों और मरीजों की सुविधाओं का अवलोकन करते हुए त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब. While observing the preparations and facilities of the patients in the hospital, Chief Minister of Tripura Biplav Kumar Deb.
हॉस्पिटल में तैयारियों और मरीजों की सुविधाओं का अवलोकन करते हुए त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब.


त्रिपुरा में बाहरी राज्‍यों से आए कामगारों की संख्‍या बहुत बड़ी है. लॉकडाउन के दौरान इन कामगारों का भरण पोषण कैसे हो रहा है. सरकार के द्वारा इन लोगों को क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है.
उत्तर-
देखिये, महामारी के इस क्षण में हमारी सरकार ने अंत्योदय की भावना से कार्य करते हुए सबसे अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने की कोशिश की है. ताकि, लॉकडाउन के प्रभाव का असर उनके दैनिक जीवन पर न पडे. सरकार द्वारा उठाए गए चंद कदमों की यहां चर्चा करना चाहूंगा. अंत्योदय परिवार, प्रायोरिटी समूह और बीपीएल परिवारों को 3 माह तक नि:शुल्क राशन देने का निर्णय लिया गया है. 50 हजार ऐसे गरीब परिवार जो कि बीपीएल की श्रेणी से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी 3 माह का नि:शुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है. 12 अतिमहत्वकांक्षी ब्लाकों के 92,899 मनरेगा जॉब कार्ड होल्डर्स को 500-500 रुपये प्रदान किए गए हैं. इसके अलावा, सभी मनरेगा वकर्स को 10 कार्य दिवस प्रदान किए गए और उनके पुराने बकाया राशि का भी भुगतान किया गया है. राज्य के सभी 4 लाख पेंशन धारकों को 2 माह का अग्रिम पेंशन प्रदान किया गया है.

यदि हम सुदूर और आदिवासी इलाकों में लोगों तक राशन कैसे पहुंचाया जा रहा है. इसके साथ, किसान, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कामगार सहित अन्‍य लोगों के जीवन से किस तरह लॉकडाउन का प्रभाव कम किया जा रहा है.
उत्तर-
जैसा कि मैं आपको बता रहा था कि हम 4600 होमलेस एवं माइग्रेट वकर्स को पका भोजन मुहैया करा रहे हैं. सभी के खातों में 1000-1000 रुपये प्रदान किए गए. 40 हजार कंस्ट्रक्शन वर्कर को 1000-1000 रुपये देने का निर्णय किया गया है. 8882 पूर्व अस्थाई शिक्षकों को 35000-35000 रुपये प्रदान किए गए हैं. झूम खेती करने वाले 6979 किसानों को 1000-1000 रुपये और फूल उगाने वाले 700 किसानों को मुख्यमंत्री कोष से 2000-2000 रुपये प्रदान किए गए हैं. 8667 रेडी-पटरी वाले और 372 न्यूज पेपर हाकर्स को भी 1000-1000 रुपये और राशन प्रदान किए गए हैं. इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले 12 विभिन्न श्रेणियों के लोग, जिनकी आय 1 लाख से कम है, सरकार ने उन्हें 1000 रुपये देने का निर्णय लिया है. साथ ही, राज्य के बाहर अटके करीब 2000 लोगों की आर्थिक मदद की गई है. इसके अतिरिक्‍त, दिल्ली, कलकत्ता और गुवाहाटी के त्रिपुरा भवन रह रहे लोगों का शुल्क माफ किया गया है और वहां उनके भोजन की व्यवस्था की गई है. पीडीएस और स्थानीय पुलिस प्रशासन के मार्फत राज्य के सुदूर इलाकों में भोजन सामग्री भी सुनिश्चित कराई जा रही है.

दुर्गम स्‍थानों पर कुछ इस तरह राशन पहुंचा रहे हैं त्रिपुरा पुलिस के जवान.
दुर्गम स्‍थानों पर कुछ इस तरह राशन पहुंचा रहे हैं त्रिपुरा पुलिस के जवान.


चूंकि प्रधानमंत्री की तरफ से अपने राज्‍य के बारे में फैसला लेने का अधिकार मुख्‍यमंत्रियों को दे दिया गया है. अब त्रिपुरा कोरोना फ्री हो गया है. तो क्‍या अब राज्‍य में लॉकडाउन खत्‍म होगा, या कोई छूट मिलेगी.
उत्तर-
राज्य के कोरोना मुक्त होने के बावजूद हम लॉकडाउन के नियमों का पालन करेंगे. राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन अभी 3 मई तक घोषित है. राज्य के सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे पहले की तरह ही सहजता से लॉकडॉउन के नियमों का 3 मई तक पालन करते रहे हैं. यह हमारे भविष्य की सुरक्षा के लिए है. देश की सुरक्षा के लिए है. हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से जिस तरह हमारा त्रिपुरा कोरोना मुक्त हुआ है, ठीक उसी तरह उनके नेतृत्व में हमारा देश और समूचा विश्व इस महामारी से जल्द मुक्त होगा.





यह भी पढ़ें:
Exclusive: जब सवाल 400 जिंदगियों की भूख का हो, तब 72Km का पैदल सफर भी CRPF के कमाडेंट परमा को लगता है आसान
Exclusive: चित्रकूटधाम के 4 जिलों के लिए ‘रक्षा कवच’ बनी IPS दीपक कुमार की यह रणनीति
Exclusive: कोरोना वारियर के कशमकश की Exclusive कहानी: गौरव कभी पत्नी को देखते, तो कभी बेटे को, फिर...

Tags: Bangladesh, CM Biplab Kumar Deb, Corona free State, Coronavirus, COVID 19, Lockdown, Lockdown lifted, Pm narendra modi, Tripura, उदयपुर, कोरोना मुक्‍त राज्‍य, कोरोना वायरस, कोविड 19, त्रिपुरा, पीएम नरेंद्र मोदी, बांग्‍लादेश, मुख्‍यमंत्री बिप्‍लब कुमार देब, लॉकडाउन

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर