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हरियाणा Exit Poll Result 2019: ...फिर जीत रहे हैं CM मनोहर लाल खट्टर!

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 8:10 PM IST
हरियाणा Exit Poll Result 2019: ...फिर जीत रहे हैं CM मनोहर लाल खट्टर!
हरियाणा के गैर जाट मुख्यमंत्री हैं मनोहरलाल खट्टर

Haryana Exit Poll Result 2019: आरएसएस के प्रचारक रहे मनोहर लाल खट्टर (manohar lal khattar) ने 2014 में पहली बार चुनाव जीता था. 2019 का मैदान भी वो जीतते नजर आ रहे हैं.

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  • Last Updated: October 21, 2019, 8:10 PM IST
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नई दिल्‍ली. मनोहर लाल खट्टर (manohar lal khattar) 2019 का विधानसभा चुनाव जीतते नजर आ रहे हैं.  News18 और IPSOS का सर्वे उनके पक्ष में आया है.  खट्टर हरियाणा बीजेपी का चेहरा हैं. विधानसभा चुनाव (Haryana assembly elections 2019) बीजेपी ने मुख्यमंत्री खट्टर के नाम पर ही लड़ा है. वो यहां की सियासत में गैर जाट चेहरा हैं. इस बार भी वो करनाल सीट से विधायक बनते दिख रहे हैं. पार्टी प्रमुख और पीएम पहले ही सीएम के रूप में उनके नाम पर मुहर लगा चुके हैं. 2014 में खट्टर पहली बार विधायक बने और उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया गया था.

शुरुआत में ये कहा जाता था कि मनोहर लाल खट्टर को शासन का तजुर्बा नहीं है. लेकिन मनोहर लाल खट्टर ने प्रशासन पर पकड़ साबित कर ये बता दिया कि वो राजनीति के साथ साथ राज-काज में भी माहिर हैं. बतौर संघ प्रचारक और फिर नेता के रूप में संगठन की मजबूती और प्रबंधन में खट्टर माहिर रहे हैं. संघ की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही खट्टर को सत्ता की सीढ़ियों पर चढ़ने का मौका मिला.

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2014 में पहला चुनाव जीतकर बने मुख्‍यमंत्री

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अतीत मनोहर लाल खट्टर को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने में सीढ़ी साबित हुआ. मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के दसवें मुख्यमंत्री बना दिए गए. जिस तरह से बीजेपी के पक्ष में माहौल है उसे देखकर लगता है कि 11वें सीएम भी वही होंगे.

दिल्‍ली के सदर बाजार में खोली थी दुकान
खट्टर खत्री जाति से आते हैं. वो मूल रूप से पंजाबी हैं. खट्टर का जन्म 5 मई 1954 को रोहतक जिले की महम तहसील के निदाना गांव में हुआ. दरअसल, उनका परिवार बंटवारे के बाद पाकिस्तान को छोड़कर रोहतक जिले के बिदाना गांव में बस गया था. खट्टर की स्कूली शिक्षा रोहतक में ही हुई. 10वीं पास करने के बाद वो रोहतक से दिल्ली आ गए. दिल्ली विश्‍वविद्यालय से उन्होंने ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने सदर बाजार में एक दुकान खोल ली. वो आपातकाल का दौर था. उसी दौरान खट्टर आरएसएस के संपर्क में आए.
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24 साल की उम्र में आरएसएस के सदस्‍य बने
साल 1977 में मात्र 24 साल की उम्र में ही खट्टर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली. 27 साल की उम्र में वे संघ के प्रचारक बन गए. 14 साल तक वो लगातार संघ के लिए प्रचार करते रहे. साल 1994 में खट्टर बीजेपी में शामिल हुए. बीजेपी ने खट्टर को हरियाणा का महासचिव बनाया. साल 2014 तक वो हरियाणा के प्रदेश महासचिव के पद पर बने रहे. वो यहां संगठन महामंत्री भी रहे.

संघ के प्रचार में समर्पित किया जीवन

मनोहरलाल को पीएम नरेंद्र मोदी का नजदीकी माना जाता है. मोदी उस वक्त हरियाणा बीजेपी के प्रभारी हुआ करते थे. तब खट्टर संगठन मंत्री थे. दोनों की घनिष्ठता और आपसी भरोसा भी एक बड़ी वजह है कि मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. हरियाणा में बेटों के मुकाबले बेटियों के कम होते अनुपात की वजह से पीएम मोदी ने अपने महत्वाकांक्षी अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शुरुआत भी हरियाणा से की.









हरियाणा के गैर जाट सीएम हैं खट्टर
26 अक्टूबर 2014 को हरियाणा के सीएम पद की शपथ लेने वाले खट्टर पहले बीजेपी नेता बने. हालांकि खट्टर प्रशासन पर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर कई दफे सवाल उठे. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंचकुला हिंसा की आंच खट्टर सरकार पर भी आई. इसी तरह जाट आरक्षण के दौरान राज्य में हुई हिंसा और आगजनी की आंच भी खट्टर सरकार पर आई.











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First published: October 21, 2019, 7:32 PM IST
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