News18-Ipsos एग्ज़िट पोल: कर्नाटक में बाज़ी भाजपा के नाम, देखें यूपीए को कितनी सीटों का नुकसान

लोकसभा चुनाव 2019: सातों चरण के मतदान के संपन्न होने के बाद कर्नाटक राज्य में पार्टी अनुसार किन सीटों पर किसकी जीत हो रही है? News18-Ipsos एग्ज़िट पोल के नतीजे आप तक हर जानकारी पहुंचा रहे हैं.

News18Hindi
Updated: May 19, 2019, 7:06 PM IST
News18-Ipsos एग्ज़िट पोल: कर्नाटक में बाज़ी भाजपा के नाम, देखें यूपीए को कितनी सीटों का नुकसान
न्यूज़18 क्रिएटिव
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Updated: May 19, 2019, 7:06 PM IST
News18-Ipsos Exit Poll Results 2019: साल 2019 के लोकसभा चुनाव कर्नाटक के सियासी भविष्य की भी तस्वीर साफ करेंगे. ये इम्तिहान सिर्फ बीजेपी के लिए नहीं बल्कि कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन के लिए भी है. राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और बीजेपी नेता बीएस येदुरप्पा की भी अग्निपरीक्षा है. इस चुनाव की हार-जीत से जहां कई लोगों के भविष्य का फैसला होगा, वहीं ये भी साफ होगा कि राज्य में कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन सरकार रहेगी या नहीं. न्यूज़18-Ipsos के एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक कर्नाटक में बीजेपी को 21 से 23 लोकसभा सीटें, यूपीए को 5 से 7 सीटें मिल रही हैं. अन्य के खाते में राज्य में कोई सीट नहीं जा रही है. यानी राज्य में भाजपा बाज़ी मारती हुई साफ दिख रही है.

कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन से बीजेपी की है सीधी टक्कर
कर्नाटक की राजनीति भले ही त्रिकोणीय है लेकिन साल 2019 का लोकसभा चुनाव बीजेपी बनाम कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन है. विधानसभा चुनाव की ही तर्ज पर कांग्रेस ने जेडीएस के साथ लोकसभा चुनाव का गठबंधन किया है. कर्नाटक में लोकसभा की 28 सीटों पर तीनों ही पार्टियों ने पूरा जोर लगाया है.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 9 और जेडीएस 2 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे जबकि बीजेपी को 17 सीटें मिली थीं. लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार बनाने में नाकाम रहने पर बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. अब बीजेपी ने अतीत से कई सबक सीखे हैं. बीजेपी को उम्मीद है कि अगर जरा सा भी वोट स्विंग होता है तो उसकी सीटें बढ़ना तय है.

वर्तामान में कांग्रेस-जेडीएस की राज्य में सरकार है और जेडीएस नेता कुमारस्वामी मुख्यमंत्री हैं. हालांकि कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन में कई दफे नाजुक मोड़ आ चुके हैं. इसके बावजूद दोनों बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने की सियासी मजबूरी की वजह से जुड़े हुए हैं. लेकिन दोनों पार्टियों की अंतर्कलह का बीजेपी लोकसभा चुनाव में फायदा उठाने की कोशिश में हैं.

पीएम मोदी यहां पांच साल बाद भी सबसे लोकप्रिय हैं और बीजेपी को इस बार भी पीएम मोदी के नाम पर वोट मिलने की उम्मीदें हैं. वहीं पहले से कम सीटें आने पर राज्य में कांग्रेस–जेडीएस गठबंधन की सरकार पर भी असर पड़ सकता है. कम सीटें आने पर कांग्रेस समर्थन भी वापस ले सकती है. वहीं कम सीट आने पर बीएस येदुरप्पा पर गाज भी गिर सकती है.

कर्नाटक की 'हॉट सीट' और बड़े चेहरे
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पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के पोते प्रज्जवला रेवेन्ना दक्षिणी कर्नाटक में मौजूद हासन लोकसभा सीट से उम्मीदवार हैं. यहां से एच डी देवगौड़ा मौजूदा सांसद हैं. जबकि मांड्या सीट से एची देवगौड़ा के दूसरे पोते निखिल कुमारस्वामी को लोकसभा उम्मीदवार हैं. उत्तर कन्नड़ लोकसभा सीट पर बीजेपी के अनंत हेगड़े की प्रतिष्ठा दांव पर है. अनंत हेगड़े अपनी कट्टर हिंदूवादी छवि और विवादास्पद बयानों की वजह से पॉपुलर नेता हैं. शिमोगा सीट से बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र को फिर से टिकट दिया है. बीवाई राघवेंद्र ने साल 2018 में शिमोगा से लोकसभा चुनाव जीता था. जबकि जनता दल सेक्युलर ने एस मधुबांगरप्पा को मैदान में उतारा है.

कब हुई थी वोटिंग?
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में एक ही चरण में मतदान हुआ था. लेकिन इस बार यहां दो चरणों में मतदान हुआ. दूसरे चरण में 18 अप्रैल को 14 सीटों पर वोटिंग हुई और उसके बाद 23 अप्रैल को तीसरे चरण में बची हुई 14 सीटों पर वोटिंग हुई. कर्नाटक में करीब 2.43 करोड़ जो इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

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First published: May 19, 2019, 6:19 PM IST
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