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2014 के लोकसभा चुनाव में असली रिजल्ट से इतने दूर रहे Exit Polls

2014 के लोकसभा चुनाव में असली रिजल्ट से इतने दूर रहे Exit Polls

2014 में असली रिजल्ट से इतने दूर रहे Exit Polls.

2014 में असली रिजल्ट से इतने दूर रहे Exit Polls.

2014 के लोकसभा चुनाव परिणाम से पहले जारी किए गए एग्जिट पोल्स में अधिकांश के अनुमान सही पाए गए थे. एग्जिट पोल्स में बीजेपी की अगुआई में एनडीए को सरकार बनाने के करीब बताया गया था. अनुमान और रिजल्ट में अंतर जानने के लिए पढ़ें यह खबर...

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    चुनावों के आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के ठीक बाद न्यूज चैनल अलग-अलग सर्वे एजेंसियों की मदद से किए गए एग्जिट पोल्स दिखाना शुरू कर देते हैं. इससे वास्तविक नतीजों से पहले ही देश का मूड और हवा का रुख भांपने में मदद मिलती है. वोटिंग खत्म होने के बाद और असली परिणामों के ऐलान से पहले तक एग्जिट पोल्स चर्चा के केंद्र में रहते हैं और इसके कारण सियासी सरगर्मियां बढ़ जाती हैं. कई ऐसे उदाहरण हैं जब एग्जिट पोल्स वोटर्स के मूड को भांप पाने में नाकाम हुए हैं.

    पिछली बार ज्यादातर सही साबित हुए थे एग्जिट पोल्स
    2014 के लोकसभा चुनाव परिणाम से पहले जारी किए गए एग्जिट पोल्स की बात करें तो ज्यादातर के अनुमान सही पाए गए थे. अधिकांश एग्जिट पोल्स में बीजेपी की अगुआई में एनडीए को सरकार बनाने के करीब बताया गया था. जब नतीजे आएं तो बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिल गया और एनडीए 336 सीटों पर विजयी रहा. कांग्रेस 44 सीटों पर सिमटकर रह गई थी.

    2014 में एग्जिट पोल्स और वास्तविक रिज्ल्ट में इतना था अंतर
    2014 के आम चुनाव के नतीजों के अनुसार एनडीए को NDA को 336, BJP को अकेले 282, UPA को 59 और कांग्रेस को 44 और अन्य दलों को कुल मिलाकर 148 सीटें मिलीं थीं. आइए हम आपको बताते हैं विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल और वास्तविक नतीजों में कितना अंतर रहा.

    1. न्यूज 24-चाणक्य ने NDA को 340 सीटें देने का अनुमान लगाया था जबकि वास्तविक नतीजे आए तो NDA को 336 सीटें मिली थीं. न्यूज 24-चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुमान और रिजल्ट में केवल 4 सीटों का अंतर था.

    2. टाइम्स नाउ ने NDA को 249 जबकि कांग्रेस को 148 सीटें दी थीं. टाइम्स नाउ ने NDA की वास्तविक 336 सीटों से 87 सीटें कम मिलने का अनुमान जताया था.

    3. इंडिया टीवी ने NDA को 289 सीटें दी थीं जो नतीजों से 47 सीटें कम था.

    4. इंडिया टुडे ने NDA को 272 सीटें दी थीं जो नतीजों से 64 सीटें कम था.

    5. नील्सन-एबीपी ने NDA को 274 सीटें दी थीं जो नतीजों से 69 सीटें कम था.


    2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल्स के अनुमान बहुत हद तक सही रहे, लेकिन उससे पहले 2004 और 2009 के दो आम चुनावों में एग्जिट पोल्स मतदाताओं का रुख भांपने में बुरी तरह नाकाम हुए थे. एग्जिट पोल्स की नाकामी का सबसे चर्चित वाकया 2004 का है.

    उस वक्त ज्यादातर एग्जिट पोल्स में अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार के जीतने की भविष्यवाणी की गई थी लेकिन नतीजे बिल्कुल उलट आए. वास्तविक नतीजों में एनडीए को 189 सीटें मिलीं और कांग्रेस की अगुआई वाले यूपीए को 222 सीटें मिलीं और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने.

    2004 के बाद 2009 के आम चुनाव में भी एग्जिट पोल्स गलत साबित हुए. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में बताया गया कि यूपीए को एनडीए पर बढ़त मिलेगी लेकिन किसी ने भी यह अनुमान नहीं लगाया था कि कांग्रेस अकेले ही 200 सीटें हासिल कर लेगी. परिणाम घोषित हुए तो कांग्रेस को अकेले 206 और यूपीए को 262 सीटें मिलीं.

    2009 और 2004 में सरकार बनाने वाले गठबंधन को एग्जिट पोल्स में दी गईं थीं कम सीटें
    2009 के अधिकांश एग्जिट पोल में UPA को 208 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था जबकि वास्तविक नतीजों में उसे 262 सीटें मिली थीं. 2014 में एनडीए को औसतन 278 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था जबकि वास्तविक नतीजों में उसे 336 सीटें मिलीं थीं.

    1998 के आम चुनाव के एग्जिट पोल्स करीब-करीब सही रहे
    इसी तरह 1998 के लोकसभा चुनाव परिणाम के पहले जारी किए गए अधिकांश एग्जिट पोल्स के अनुमान सही थे. तब सभी एग्जिट पोल्स में बीजेपी की अगुआई वाले गठबंधन को 200 से ज्यादा सीटें मिलने और उसे बहुमत के करीब बताया गया था जबकि कांग्रेस की अगुआई वाले गठबंधन को 200 से कम सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था. वास्तविक नतीजों में NDA को 252, UPA को 166 और अन्य को 119 सीटें मिली थीं.

    इसी तरह 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी एग्जिट पोल्स सही अनुमान लगाने में नाकाम रहे. सभी एग्जिट पोल्स में बीजेपी+ को जेडीयू-आरजेडी गठबंधन पर बढ़त लेते बताया गया था, लेकिन नतीजे ठीक उलट आए. बीजेपी+ 58 सीटों पर सिमट गई, जबकि जेडीयू-आरजेडी गठबंधन ने 178 सीटों पर जीत हासिल की.

    Tags: BJP, Congress, Exit poll, Exit Polls 2019

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