Explainer : कोरोना से ठीक हुए बच्चों में MIS-C का खतरा, पहचानिए ये लक्षण

फोटो सौ. (Reuters)

फोटो सौ. (Reuters)

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश जोशी का कहना है कि कोरोना के बाद बच्चों में एमआईएस-सी रोग सामने आया है. इसे पोस्ट कोविड रोग माना जाता है.

  • Share this:

अहमदाबाद. गुजरात राज्य में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट से आंशिक राहत देखने को मिल रही है. तो दूसरी ओर, कोविड के बाद की बीमारी में म्युकोरमाइकोसिस के बाद MIS-C (Multisystem inflammatory syndrome in children) की बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं. कुछ ही दिनों में अहमदाबाद सिविल में इस बीमारी के 10 मामले सामने आए हैं जबकि दो बच्चों की मौत हो गई है. इसके साथ ही राजकोट में MIS-C के 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?

इस संबंध में अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश जोशी का कहना है कि कोरोना के बाद बच्चों में एमआईएस-सी रोग सामने आया है. इसे पोस्ट कोविड रोग माना जाता है. यह रोग एक वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों को प्रभावित कर सकता है. इम्युनिटी ज्यादा अच्छी हो वह बच्चे को यह रोग प्रभावित नहीं करता है. विशेष रूप से मोटापे से ग्रस्त बच्चों को अधिक जोखिम होता है. कोरोना रोग के बाद, बच्चों को बुखार, लाल चकत्ते, कमजोरी, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द और सांस लेने में कठिनाई होती है. यदि ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है.

उन्होंने आगे कहा कि अभी सिविल अस्पताल में इस बीमारी का अध्ययन किया जा रहा है. उन बच्चों पर अध्ययन चल रहा है जो बीमारी के शिकार हैं. जिसमें आमतौर पर बच्चों को 3 दिन तक बुखार रहता है और डायरिया और कमजोरी भी देखने को मिलती है.
इन बच्चों में भी नजर आए इस बीमारी के लक्षण

अहमदाबाद के मेमनगर के एक निजी अस्पताल में जन्म के 12 घंटे के भीतर बच्चे को मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) होने का पता चला. इस नवजात को आईसीयू में ऑक्सीजन पर रखा गया है. अस्पताल के डॉक्टर देवांग सोलंकी ने कहा कि अहमदाबाद में वैष्णोदेवी सर्कल के पास रहने वाली महिला ने बच्चे को जन्म दिया और जन्म के 12 घंटे के भीतर उसे बुखार हो गया. इसलिए इलाज के लिए अस्पताल लाया गया. नवजात को बुखार होने का पता चलने पर माता की हिस्ट्री का पता की तो डेढ़ महीने पहले ही उन्हें कोरोना हुआ था. बच्चे को बुखार और लक्षणों के साथ MIS-C का इलाज किया गया. फिलहाल बच्चे का इलाज आईसीयू में ऑक्सीजन पर चल रहा है.




विशेषज्ञ क्या मानते हैं?

रोग विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर कोरोना संक्रमण वाले बच्चों में सिंड्रोम होता है, जिसमें कोरोना ठीक होने के 2 से 6 सप्ताह के बीच मल्टी-सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के लक्षण दिखाई देते हैं. अनुमान है कि कोरोना से ठीक होने के बाद बच्चों में अचानक से कोरोना एंटीबॉडीज बढ़ जाती हैं. यह बच्चों के किडनी, फेफड़े और यकृत को प्रभावित करता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज