आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद 2 साल में कितना बदला जम्मू-कश्मीर, जानें

5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला किया गया था. (फाइल फोटो)

आर्टिकल 370 (Article 370) की समाप्ति के बाद घाटी में इंटरनेट और फोन सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं. वहीं क्षेत्रीय पार्टियों के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था जिनमें उमर अब्दुल्ला, फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल थे. हालांकि फिर धीरे-धीरे सभी सेवाएं बहाल की गईं. इस साल फरवरी महीने में राज्य में 4जी इंटरनेट सेवाएं भी शुरू की गईं.

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    नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kasmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) की समाप्ति के निर्णय को जल्द ही दो साल पूरे होने वाले हैं. इस निर्णय के साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य का न सिर्फ विशेष दर्जा समाप्त किया गया बल्कि उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभक्त कर दिया गया. पहला जम्मू-कश्मीर तो दूसरा लद्दाख. अब जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य बनाए जाने की सुगबुगाहट तेज हो गई हैं. लेकिन इन दो वर्षों के बीच राज्य में क्या परिवर्तन आया?

    आर्टिकल 370 की समाप्ति के बाद घाटी में इंटरनेट और फोन सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं. वहीं क्षेत्रीय पार्टियों के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था जिनमें उमर अब्दुल्ला, फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल थे. हालांकि फिर धीरे-धीरे सभी सेवाएं बहाल की गईं. इस साल फरवरी महीने में राज्य में 4जी इंटरनेट सेवाएं भी शुरू की गईं.

    राज्य का स्पेशल दर्जा समाप्त किए जाने और बंटवारे के बाद 15 अक्टूबर 2020 को नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी समेत कई पार्टियों ने मिलकर एक गठबंधन तैयार किया जिसे गुपकार गठबंधन के भी नाम से जाना जाता है. दिसंबर 2020 में जिला विकास परिषद के चुनाव में इस गठबंधन ने चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की थी. वहीं बीजेपी सबसे बड़े वोट शेयर वाली पार्टी बनकर उभरी थी.

    केंद्र सरकार के निर्णय के हिसाब से देखें तो अभी कश्मीर के हालात बेहतर नजर आते हैं. कश्मीर में सुरक्षा के हालात कंट्रोल में हैं, बीते साल जिला विकास परिषद के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपट गए, जिन नेताओं को हिरासत में लिया था वो भी अब राजनीति में शामिल होने को तैयार हैं, और पाकिस्तान के साथ सीजफायर भी बेहतर तरीके से काम कर रहा है.

    विकास पर अहम बैठक, गृह मंत्री ने दी बधाई
    बीते शुक्रवार को राज्य के विकास को लेकर दिल्ली में एक अहम बैठक हुई थी. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर और गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा है कि राज्य में मौजूद शरणार्थियों को सरकार की योजनाओं के तहत लाभ पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं ने जम्मू-कश्मीर का सर्वांगीण विकास किया.

    अधिकारियों को सरकारी योजनाएं आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश
    गृह मंत्री ने आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता का सर्वांगीण विकास मोदी सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को बधाई दी. उन्होंने कहा कि कश्मीर में 76 परसेंट वैक्सीनेशन हो चुका है और 4 जिलों में 100 फ़ीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है. जम्मू-कश्मीर में कृषि आधारित उद्योगों की बड़े पैमाने पर स्थापना हो और इस आधार पर लोगों को रोजगार मिले. रोजगार से जुड़ी योजनाएं जनता तक पहुंचाने के लिए गृहमंत्री ने यह निर्देश दिया है.

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