क्या भारत में राज्यों के अपने झंडे हो सकते हैं?

अपने राज्य के झंडों का झगड़ा

News18Hindi
Updated: April 4, 2019, 3:46 PM IST
क्या भारत में राज्यों के अपने झंडे हो सकते हैं?
भारत और जम्मू-कश्मीर के झंडे के साथ नरेंद्र मोदी और मुफ्ती मोहम्मद सईद (फाइल फोटो)
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Updated: April 4, 2019, 3:46 PM IST
जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के आधार पर विशेषाधिकार मिले हैं. इसके आधार पर यह कुछ विशेष चिन्हों को रख सकता है. क्या है, जम्मू-कश्मीर के झंडे का मतलब और क्या है इसे लेकर कानून-

कर्नाटक का अलग झंडा


2017 में कर्नाटक ने अपना अलग झंडा बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन तर्क सामने रखे थे- पहला, जब जम्मू और कश्मीर में अलग झंडा हो सकता है तो देश के दूसरे राज्य ऐसा क्यों नहीं कर सकते? दूसरा, देश के संविधान में राज्यों के लिए अलग झंडे की मनाही नहीं है. तीसरा, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में राज्यों के अपने-अपने झंडे हैं और इससे उनकी अखंडता को कोई खतरा नहीं पैदा हुआ है.

राज्य सरकार ने अपने झंडे को मान्यता दी थी लेकिन केंद्र से इसे मान्यता नहीं मिल सकी थी, जिससे यह झंडा राज्य का संवैधानिक झंडा नहीं बन सका था.

कानून क्या कहता है?
भारतीय संविधान में राज्यों के लिए अलग झंडे की मनाही नहीं है लेकिन राज्यों के झंडे राष्ट्रीय ध्वज के सामने कम ऊंचाई पर फहराए जाएंगे.

क्या किसी अन्य राज्य के अपने झंडे हैं?
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देश में जम्मू-कश्मीर ऐसा राज्य है जहां अपना झंडा है. नागालैंड ने संविधान की 371 धारा के तहत अपने राज्य का झंडा हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की थी.

अलग झंडे के पक्ष और विपक्ष में प्रमुख तर्क
अलग झंडे के आलोचक इसे भारतीय की एकता के लिए नुकसानदायक मांगते हैं. वे राज्यों को बहुत ज्यादा स्वायत्तता दिए जाने के विरोधी हैं. वे 'एक देश, दो वि‍धान, दो प्रधान, दो नि‍शान नहीं चलेंगे.' के नारे पर अपना भरोसा जताते हैं. यह नारा जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1952 में दिया था.

अलग झंडे के पक्ष में प्रमुख तर्क यह दिया जाता है कि इससे भारतीय संघवाद मजबूत होगा. इसके बावजूद कई राज्यों के अपने राज्य चिह्न और ऐन्थम रहे हैं.



जम्मू-कश्मीर को झंडे की आजादी क्यों?
भारत में सिर्फ जम्मू-कश्मीर को औपचारिक तौर पर देश के साथ अपना अलग झंडा फहराने की आजादी है. झंडे का गहरा लाल रंग श्रम का परिचायक है, जिसके ऊपर बना हल कृषि का प्रतिनिधित्व करता है. इस पर बनी तीन धारियां प्रदेश के तीन भौगोलिक क्षेत्रों (जम्मू, कश्मीर और लद्दाख) को प्रदर्शित करती हैं.

अन्य राज्यों के झंडे की स्थिति
कर्नाटक के पास अनौपचारिक तौर पर 1960 के दशक से झंडा है. 2012 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस झंडे को कानूनी मान्यता दे दी थी. लेकिन एक कानूनी लड़ाई में सरकार को अपने कदम वापस खींचने पड़े. कर्नाटक के झंडे में लाल और पीला रंग है. जो भलाई और समृद्धि का प्रतीक हैं. इस झंडे को 'नाद ध्वज' कहा गया था.

नागालैंड का झंडा 60 साल पहले फेडरल गवर्नमेंट ऑफ नागालैंड का झंडा था. 2017 में इसे केंद्र सरकार की ओर से स्वीकारा गया था. सिक्किम का अलग झंडा था लेकिन 1967 में भारत में अधिग्रहण े बाद इसका अस्तित्व खत्म हो गया. इसमें बीच में बौध धर्म में खुशी का प्रतीक पहिया बना हुआ था.

क्या अन्य देशों में ऐसा कोई प्रावधान है?
अमेरिका और जर्मनी के राज्यों के पास अपने झंडे रखने का अधिकार है.

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