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मिशनरी स्कूल की छात्रा ने की थी आत्महत्या, लगा धर्मांतरण का आरोप, जानें पूरा मामला

मिशनरी स्कूल की छात्रा ने की थी आत्महत्या, लगा धर्मांतरण का आरोप, जानें पूरा मामला

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

Tamilnadu Girl's suicide case, Religious Conversion: तमिलनाडु के तंजावुर (Tanjavur, Tamilnadu) में ईसाई मिशनरी आवासीय विद्यालय (Christian Residetial School) में पढ़ रही 12वीं कक्षा की एक बच्ची ने 9 जनवरी को हॉस्टल के अपने कमरे में कीटनाशक दवा खा ली. इलाज के दौरान 19 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया.  बच्ची के निधन के बाद वीएचपी (VHP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य सहयोगी संगठनों ने तमिलनाडु (Tamilnadu) में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण कराए जाने के मुद्दे को जोर-शोर से हवा दी है.

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चेन्नई. तमिलनाडु (Tamilnadu) में 12वीं कक्षा की एक लड़की की आत्महत्या के मामले (Girl’s Suicide Case) ने तूल पकड़ा हुआ है. इस मामले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे संगठन आरोप लगा रहे हैं कि तंजावुर जिले की इस लड़की ने ईसाई मिशनरियों के दबाव में आत्महत्या की. वे उसे धर्म-परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहे थे. वहीं, तंजावुर जिले के शिक्षा अधिकारी (DEO, Tanjavur) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है. जिला पुलिस भी अब तक अपनी जांच इससे इंकार कर हैं. लेकिन वीएचपी और उससे जुड़े संगठन इस मसले को हवा दे रहे हैं. समझने की कोशिश करते हैं, 5 प्वाइंट्स में, इस मामले से जुड़े पहलुओं को.

मामला क्या है?

तमिलनाडु के तंजावुर (Tanjavur, Tamilnadu) में ईसाई मिशनरी आवासीय विद्यालय (Christian Residetial School) में पढ़ रही 12वीं कक्षा की एक बच्ची ने 9 जनवरी को हॉस्टल के अपने कमरे में कीटनाशक दवा खा ली. लेकिन किसी को बताया नहीं. उसे उल्टियां हुईं तो हॉस्टल स्टाफ ने उसे दवा दी. लेकिन जब हालत नहीं सुधरी तो 10 जनवरी को उसे उसके घर भेज दिया गया. घर में भी दवाएं चलती रहीं, लेकिन बच्ची की तबीयत बिगड़ती ही गई. तब 15 जनवरी को उसे अस्पताल ले जाया. वहां इलाज के दौरान 19 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया. बच्ची अरियालूर जिले की रहने वाली थी. उसकी मां का देहांत होने के बाद पिता दूसरी शादी कर चुके हैं. पढ़ने में होशियार इस बच्ची ने 10वीं कक्षा में मैरिट में जगह बनाई थी.

मजिस्ट्रेट के सामने बच्ची का बयान

निधन से पहले 16 जनवरी को बच्ची ने तंजावुर (Tanjavur) के ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट-1 के सामने बयान दर्ज कराए थे. डॉक्टरों के मुताबिक इस वक्त बच्ची पूरे होश-ओ-हवास में थी. ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के मुताबिक, बयान में बच्ची ने कहा था, ‘हॉस्टल की वॉर्डन मेरे साथ मार-पीट करती थी. क्रिसमस की छुट्टी के दौरान और यहां तक कि बीमार पड़ने पर भी मुझे घर नहीं जाने देती थी. मुझे लगातार प्रताड़ित करती थी. उसी की वजह से मैंने यह आत्मघाती कदम उठाया है.’

फिर विवाद क्यों और क्या है?

लड़की निधन होते ही सोशल मीडिया पर एक 45 सेकेंड का वीडियो तेजी से प्रसारित होता है. इसमें लड़की बताती है, ‘हॉस्टल की वॉर्डन ने दो साल पहले मेरे माता-पिता से कहा था कि वे मुझे ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहें. इसके बदले में मेरी पढ़ाई का पूरा खर्च ईसाई मिशनरी उठाएगी. लेकिन तब हम लोग तैयार नहीं हुए.’ इसके बाद वीडियो बनाने वाला सवाल पूछता कि क्या इसी वजह से हॉस्टल में उसे वॉर्डन लगातार प्रताड़ित करती थी? जवाब में लड़की कहती है, ‘हो सकता है.’

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वीएचपी (VHP) के नेता पी मुथुवेल ने डाला है. उसने ही इसे बनाया भी था. मुथुवेल बच्ची के चाचा का दोस्त है. मुथुवेल 17 जनवरी को बच्ची को देखने गया था. उसी दौरान उासने यह वीडियो रिकॉर्ड किया. और उसकी मानें तो परिवारवालों से पूछकर. उसी दिन पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई. इसके बाद 18 जनवरी को हॉस्टल की वॉर्डन 74 वर्षीय समाया मैरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जांच शुरू की.

बच्ची के निधन के बाद वीएचपी (VHP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य सहयोगी संगठनों ने तमिलनाडु (Tamilnadu) में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण कराए जाने के मुद्दे को जोर-शोर से हवा दी है. इन संगठनों की ओर से मद्रास हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई गई है. इसमें मामले की सीबी-सीआईडी से जांच कराने की मांग की है. वहीं मुथवेल ने अदालत ने आदेश पर अपना फोन पुलिस को सौंप दिया है. ताकि उसकी जांच-पड़ताल की जा सके. यहां एक और बात ये ध्यान रखने की है मुथुवेल को भी 2019 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उस पर धर्मांतरण (Religious Conversion) से ही जुड़े विवाद में दो ईसाई पादरियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था.

अभी कौन क्या कह रहा है?

इसमें वीएचपी (VHP), भाजपा (BJP) और ऐसे अन्य संगठनों का एक रुख है. वहीं, डीईओ (DEO) की रिपोर्ट इन आरोपों को खारिज करती है. वहीं तंजावुर पुलिस (Tanjavur Police) की मानें तो उसे भी अब तक की जांच में धर्मांतरण (Religious Conversion) के आरोपों को साबित करने वाला सबूत नहीं मिला है. इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (IGP) एस बालाकृष्णन हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहते हैं, ‘हम जांच कर रहे हैं. बच्ची की आत्महत्या की कोई भी वजह हो सकती है. उस पर किसी बात का दबाव जरूर रहा होग.’ जबकि मद्रास हाईकोर्ट (Madras Highcourt) ने 24 जनवरी की सुनवाई के दौरान माना है कि ईसाई मिशनरी द्वारा उसके धर्मांतरण (Religious Conversion) संबंधी सुझाव दिए जाने की बात बच्ची के माता-पिता ने मानी है.

अब आगे क्या हो सकता है? 

इसी 27 जनवरी की ‘द हिंदू’ की खबर के मुताबिक इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर आया है. इसमें बच्ची अपना परिचय देते हुए बता रही है कि उसे हॉस्टल में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. इससे वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही थी. इसी से तंग आकर उसने यह कदम उठाया. हालांकि खबर की मानें तो इस वीडियो में कहीं भी बच्ची ने धर्मांतरण (Religious Conversion) के लिए उस पर दबाव बनाए जाने का संकेत नहीं दिया है.

हालांकि यह दूसरा वीडियो सामने आने का मतलब यह जरूर है कि मामला आगे और चलने वाला है. मद्रास हाईकोर्ट (Madras Highcourt) में सीबी-सीआईडी (CB-CID) से इसकी जांच का मामला विचारधीन है. पुलिस जांच अलग जारी है. इसे देखते हुए वीएचपी (VHP) जैसे संगठन यह मुद्दा गर्म रख सकते हैं.

Tags: Hindi news, Religious conversion, Suicide, Tamilnadu

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